भास्कर न्यूज| खगड़िया प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए महंगी कोचिंग का खर्च नहीं उठा पाने वाले विद्यार्थियों को निःशुल्क शैक्षणिक मार्गदर्शन मिलेगा। बिहार सरकार के विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेजों और पॉलिटेक्निक संस्थानों में संचालित ‘पहल कार्यक्रम’ के लिए समेकित दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत इन संस्थानों के शिक्षक आसपास के विद्यालयों के आठवीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों और 12वीं उत्तीर्ण युवाओं को गणित, भौतिकी, रसायन विज्ञान और अंग्रेजी में मार्गदर्शन देंगे। उद्देश्य विद्यार्थियों की बुनियादी समझ मजबूत करना और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद करना है। विभागीय निर्देश के अनुसार, सामान्यतः सुबह 8 से 10 बजे और शाम 4 से 6 बजे तक निःशुल्क कक्षाएं आयोजित की जाएंगी। संस्थान की सुविधाओं और स्थानीय जरूरतों के अनुसार समय में मामूली बदलाव हो सकेगा। विद्यार्थियों की कठिनाइयां दूर करने के लिए नियमित संदेह निवारण सत्र भी होंगे। प्रत्येक विषय का पाठ्यक्रम तैयार कर अध्यायवार पढ़ाई और उसे पूरा करने की समय-सीमा तय की जाएगी। हालांकि, विभाग ने कक्षाओं के लिए कोई निश्चित स्थान निर्धारित नहीं किया है। इनके संचालन की व्यवस्था संस्थान की सुविधाओं और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार तय होगी। कक्षाओं के सुचारु संचालन के लिए शिक्षकों का रोस्टर तैयार किया जाएगा। प्रत्येक शिक्षक को सप्ताह में कम से कम एक और अधिकतम दो कक्षाएं लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। विषय चयन में शिक्षक की सहमति ली जा सकती है, लेकिन अंतिम निर्णय प्राचार्य या प्रभारी प्राचार्य का होगा। शिक्षक की अनुपस्थिति या बीमारी की स्थिति में वैकल्पिक शिक्षक की व्यवस्था की जाएगी। कार्यक्रम से लाभान्वित विद्यार्थियों की प्रतिक्रिया भी ली जाएगी। आवश्यक सहमति और लागू दिशा-निर्देशों के अनुरूप उनके अनुभवों पर संक्षिप्त वीडियो तैयार कर संस्थानों और विभाग के सोशल मीडिया माध्यमों पर साझा किए जा सकेंगे। कार्यक्रम से जुड़ने वाले विद्यार्थियों का पंजीकरण होगा। इसमें नाम, पिता का नाम, कक्षा, मोबाइल नंबर और विद्यालय या संस्थान का विवरण दर्ज किया जाएगा। विद्यार्थियों की सूची और संबंधित अभिलेख सुरक्षित रखे जाएंगे। सूचनाएं देने तथा कक्षाओं के समय में बदलाव बताने के लिए व्हाट्सऐप समूह भी बनाए जा सकेंगे। कक्षाओं में विद्यार्थियों की उपस्थिति, पढ़ाए गए अध्याय और संबंधित शिक्षक का नाम दर्ज करना होगा। विभाग की साझा गूगल स्प्रेडशीट में भी विवरण अद्यतन किए जाएंगे। साप्ताहिक और मासिक परीक्षाओं से विद्यार्थियों की प्रगति जांची जाएगी। परिणामों के आधार पर उन्हें जरूरी सुझाव और सुधार के लिए मार्गदर्शन मिलेगा। शिक्षकों का बनेगा रोस्टर, 15 दिन पर रिपोर्ट सुबह 8 से 10 व शाम 4 से 6 तक कक्षाएं भास्कर न्यूज| खगड़िया प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए महंगी कोचिंग का खर्च नहीं उठा पाने वाले विद्यार्थियों को निःशुल्क शैक्षणिक मार्गदर्शन मिलेगा। बिहार सरकार के विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेजों और पॉलिटेक्निक संस्थानों में संचालित ‘पहल कार्यक्रम’ के लिए समेकित दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत इन संस्थानों के शिक्षक आसपास के विद्यालयों के आठवीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों और 12वीं उत्तीर्ण युवाओं को गणित, भौतिकी, रसायन विज्ञान और अंग्रेजी में मार्गदर्शन देंगे। उद्देश्य विद्यार्थियों की बुनियादी समझ मजबूत करना और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद करना है। विभागीय निर्देश के अनुसार, सामान्यतः सुबह 8 से 10 बजे और शाम 4 से 6 बजे तक निःशुल्क कक्षाएं आयोजित की जाएंगी। संस्थान की सुविधाओं और स्थानीय जरूरतों के अनुसार समय में मामूली बदलाव हो सकेगा। विद्यार्थियों की कठिनाइयां दूर करने के लिए नियमित संदेह निवारण सत्र भी होंगे। प्रत्येक विषय का पाठ्यक्रम तैयार कर अध्यायवार पढ़ाई और उसे पूरा करने की समय-सीमा तय की जाएगी। हालांकि, विभाग ने कक्षाओं के लिए कोई निश्चित स्थान निर्धारित नहीं किया है। इनके संचालन की व्यवस्था संस्थान की सुविधाओं और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार तय होगी। कक्षाओं के सुचारु संचालन के लिए शिक्षकों का रोस्टर तैयार किया जाएगा। प्रत्येक शिक्षक को सप्ताह में कम से कम एक और अधिकतम दो कक्षाएं लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। विषय चयन में शिक्षक की सहमति ली जा सकती है, लेकिन अंतिम निर्णय प्राचार्य या प्रभारी प्राचार्य का होगा। शिक्षक की अनुपस्थिति या बीमारी की स्थिति में वैकल्पिक शिक्षक की व्यवस्था की जाएगी। कार्यक्रम से लाभान्वित विद्यार्थियों की प्रतिक्रिया भी ली जाएगी। आवश्यक सहमति और लागू दिशा-निर्देशों के अनुरूप उनके अनुभवों पर संक्षिप्त वीडियो तैयार कर संस्थानों और विभाग के सोशल मीडिया माध्यमों पर साझा किए जा सकेंगे। कार्यक्रम से जुड़ने वाले विद्यार्थियों का पंजीकरण होगा। इसमें नाम, पिता का नाम, कक्षा, मोबाइल नंबर और विद्यालय या संस्थान का विवरण दर्ज किया जाएगा। विद्यार्थियों की सूची और संबंधित अभिलेख सुरक्षित रखे जाएंगे। सूचनाएं देने तथा कक्षाओं के समय में बदलाव बताने के लिए व्हाट्सऐप समूह भी बनाए जा सकेंगे। कक्षाओं में विद्यार्थियों की उपस्थिति, पढ़ाए गए अध्याय और संबंधित शिक्षक का नाम दर्ज करना होगा। विभाग की साझा गूगल स्प्रेडशीट में भी विवरण अद्यतन किए जाएंगे। साप्ताहिक और मासिक परीक्षाओं से विद्यार्थियों की प्रगति जांची जाएगी। परिणामों के आधार पर उन्हें जरूरी सुझाव और सुधार के लिए मार्गदर्शन मिलेगा। शिक्षकों का बनेगा रोस्टर, 15 दिन पर रिपोर्ट सुबह 8 से 10 व शाम 4 से 6 तक कक्षाएं

