सोनडीहा में किसानों को बांटे गए फेरोमोन ट्रैप, कीटों से फसलें बचेंगी

सोनडीहा में किसानों को बांटे गए फेरोमोन ट्रैप, कीटों से फसलें बचेंगी

भास्कर न्यूज|पसराहा जिले के पसराहा पंचायत अंतर्गत सोनडीहा गांव में किसानों के बीच फेरोमोन ट्रैप का वितरण किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य फसलों को हानिकारक कीटों से बचाना और रासायनिक कीटनाशकों पर किसानों की निर्भरता कम करना है। इससे फसलों की सुरक्षा के साथ खेती की लागत घटाने में भी मदद मिलेगी। पौध संरक्षण विभाग की निदेशक रीमा कुमारी ने बताया कि खरीफ और रबी दोनों मौसम में फसलों पर विभिन्न प्रकार के कीटों और रोगों का प्रकोप बढ़ जाता है। इससे किसानों को फसल नुकसान उठाना पड़ता है। इस समस्या से निपटने के लिए विभाग की ओर से किसानों को फेरोमोन ट्रैप, लाइट ट्रैप, येलो स्टिकी ट्रैप और ब्लू स्टिकी ट्रैप जैसे आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इन उपकरणों की मदद से खेतों में हानिकारक कीटों को आकर्षित कर पकड़ा जा सकता है। साथ ही, कीटों की संख्या पर नजर रखने और उनके प्रकोप को नियंत्रित करने में भी मदद मिलती है। फेरोमोन ट्रैप के इस्तेमाल से जहरीले रासायनिक कीटनाशकों के छिड़काव की आवश्यकता कम की जा सकती है। इस पहल से किसानों को महंगे कीटनाशकों पर होने वाले खर्च और उनके छिड़काव से होने वाली शारीरिक परेशानियों से राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही, मिट्टी की उर्वरता और पर्यावरण की गुणवत्ता बनाए रखने में भी सहायता मिलेगी। स्थानीय किसानों ने इस पहल का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि इससे फसलों की पैदावार बढ़ाने में मदद मिलेगी। भास्कर न्यूज|पसराहा जिले के पसराहा पंचायत अंतर्गत सोनडीहा गांव में किसानों के बीच फेरोमोन ट्रैप का वितरण किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य फसलों को हानिकारक कीटों से बचाना और रासायनिक कीटनाशकों पर किसानों की निर्भरता कम करना है। इससे फसलों की सुरक्षा के साथ खेती की लागत घटाने में भी मदद मिलेगी। पौध संरक्षण विभाग की निदेशक रीमा कुमारी ने बताया कि खरीफ और रबी दोनों मौसम में फसलों पर विभिन्न प्रकार के कीटों और रोगों का प्रकोप बढ़ जाता है। इससे किसानों को फसल नुकसान उठाना पड़ता है। इस समस्या से निपटने के लिए विभाग की ओर से किसानों को फेरोमोन ट्रैप, लाइट ट्रैप, येलो स्टिकी ट्रैप और ब्लू स्टिकी ट्रैप जैसे आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इन उपकरणों की मदद से खेतों में हानिकारक कीटों को आकर्षित कर पकड़ा जा सकता है। साथ ही, कीटों की संख्या पर नजर रखने और उनके प्रकोप को नियंत्रित करने में भी मदद मिलती है। फेरोमोन ट्रैप के इस्तेमाल से जहरीले रासायनिक कीटनाशकों के छिड़काव की आवश्यकता कम की जा सकती है। इस पहल से किसानों को महंगे कीटनाशकों पर होने वाले खर्च और उनके छिड़काव से होने वाली शारीरिक परेशानियों से राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही, मिट्टी की उर्वरता और पर्यावरण की गुणवत्ता बनाए रखने में भी सहायता मिलेगी। स्थानीय किसानों ने इस पहल का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि इससे फसलों की पैदावार बढ़ाने में मदद मिलेगी।  

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