कटिहार में वज्रपात और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले जान-माल के नुकसान को कम करने के लिए कटिहार जिला प्रशासन ने विशेष जागरूकता अभियान शुरू किया है। जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने रविवार को चार एलईडी सुरक्षा रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में चलाए जा रहे इस अभियान के तहत ग्रामीणों को आपदा से बचाव के उपाय बताए जाएंगे। 10 दिनों में 80 संवेदनशील पंचायतों तक पहुंचेंगे रथ अभियान के तहत चारों सुरक्षा रथ अगले 10 दिनों तक जिले के सभी 16 प्रखंडों की 80 संवेदनशील पंचायतों में पहुंचेंगे। रथों पर लगी एलईडी स्क्रीन और साउंड सिस्टम के माध्यम से ग्रामीणों को वज्रपात के खतरे और उससे बचाव के उपायों की जानकारी दी जाएगी। अभियान का उद्देश्य लोगों को समय रहते सतर्क करना और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान सुरक्षित रहने के प्रति जागरूक बनाना है। आपदा मित्र मॉकड्रिल से बताएंगे बचाव के तरीके प्रत्येक सुरक्षा रथ के साथ दो प्रशिक्षित आपदा मित्र तैनात रहेंगे। वे ग्रामीणों के बीच जागरूकता संबंधी पर्चे वितरित करेंगे और मॉकड्रिल के जरिए आपदा से बचाव के तरीके समझाएंगे। इससे लोगों को आपात स्थिति में क्या करना चाहिए और किन सावधानियों का पालन करना चाहिए, इसकी व्यावहारिक जानकारी मिलेगी। ‘सचेत’ ऐप से मिलेगी वज्रपात की चेतावनी अभियान के दौरान ग्रामीणों को ‘सचेत’ ऐप डाउनलोड करने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा। इस ऐप के माध्यम से मौसम संबंधी चेतावनियों और संभावित वज्रपात की जानकारी प्राप्त करने में मदद मिलती है। प्रशासन का प्रयास है कि लोग समय रहते चेतावनी पाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंच सकें और जान-माल के नुकसान से बचा जा सके। डीएम बोले- जागरूकता से कम होगा नुकसान जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने संबंधित अधिकारियों को अभियान प्रभावी ढंग से संचालित करने और अधिक से अधिक लोगों तक सुरक्षा संदेश पहुंचाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आपदाओं से होने वाली क्षति को कम करने में जागरूकता की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रशासन का लक्ष्य है कि संवेदनशील पंचायतों में लोगों को वज्रपात से बचाव के उपायों की जानकारी देकर उन्हें सुरक्षित रहने के लिए तैयार किया जाए। कटिहार में वज्रपात और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले जान-माल के नुकसान को कम करने के लिए कटिहार जिला प्रशासन ने विशेष जागरूकता अभियान शुरू किया है। जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने रविवार को चार एलईडी सुरक्षा रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में चलाए जा रहे इस अभियान के तहत ग्रामीणों को आपदा से बचाव के उपाय बताए जाएंगे। 10 दिनों में 80 संवेदनशील पंचायतों तक पहुंचेंगे रथ अभियान के तहत चारों सुरक्षा रथ अगले 10 दिनों तक जिले के सभी 16 प्रखंडों की 80 संवेदनशील पंचायतों में पहुंचेंगे। रथों पर लगी एलईडी स्क्रीन और साउंड सिस्टम के माध्यम से ग्रामीणों को वज्रपात के खतरे और उससे बचाव के उपायों की जानकारी दी जाएगी। अभियान का उद्देश्य लोगों को समय रहते सतर्क करना और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान सुरक्षित रहने के प्रति जागरूक बनाना है। आपदा मित्र मॉकड्रिल से बताएंगे बचाव के तरीके प्रत्येक सुरक्षा रथ के साथ दो प्रशिक्षित आपदा मित्र तैनात रहेंगे। वे ग्रामीणों के बीच जागरूकता संबंधी पर्चे वितरित करेंगे और मॉकड्रिल के जरिए आपदा से बचाव के तरीके समझाएंगे। इससे लोगों को आपात स्थिति में क्या करना चाहिए और किन सावधानियों का पालन करना चाहिए, इसकी व्यावहारिक जानकारी मिलेगी। ‘सचेत’ ऐप से मिलेगी वज्रपात की चेतावनी अभियान के दौरान ग्रामीणों को ‘सचेत’ ऐप डाउनलोड करने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा। इस ऐप के माध्यम से मौसम संबंधी चेतावनियों और संभावित वज्रपात की जानकारी प्राप्त करने में मदद मिलती है। प्रशासन का प्रयास है कि लोग समय रहते चेतावनी पाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंच सकें और जान-माल के नुकसान से बचा जा सके। डीएम बोले- जागरूकता से कम होगा नुकसान जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने संबंधित अधिकारियों को अभियान प्रभावी ढंग से संचालित करने और अधिक से अधिक लोगों तक सुरक्षा संदेश पहुंचाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आपदाओं से होने वाली क्षति को कम करने में जागरूकता की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रशासन का लक्ष्य है कि संवेदनशील पंचायतों में लोगों को वज्रपात से बचाव के उपायों की जानकारी देकर उन्हें सुरक्षित रहने के लिए तैयार किया जाए।

