कोर्ट के आदेश पर पाली CMHO का ऑफिस कुर्क:मेकोन फार्मा के 22 लाख रुपए बकाया नहीं चुकाने पर लगाया ताला

कोर्ट के आदेश पर पाली CMHO का ऑफिस कुर्क:मेकोन फार्मा के 22 लाख रुपए बकाया नहीं चुकाने पर लगाया ताला

पाली में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) विकास मारवाल के चेंबर को सोमवार को कोर्ट के आदेश पर कुर्क करने की कार्रवाई की गई। इस दौरान चेंबर पर ताला भी लगाया गया। दरअसल, कोर्ट के आदेश के बाद भी सीएमएचओ कार्यालय की ओर से परिवादी को बकाया 22 लाख 9 हजार 117 रुपए का भुगतान नहीं किया गया था। जोधपुर वाणिज्यिक न्यायालय के आदेश पर हुई कार्रवाई के बाद चेंबर के ताले की चाबी डिक्रीदार को सौंप दी गई। मेकोन फार्मा का भुगतान नहीं होने पर कार्रवाई जानकारी के अनुसार, मेकोन फार्मा की बकाया राशि का भुगतान नहीं करने पर न्यायालय के आदेश की पालना में पाली स्थित सीएमएचओ विकास मारवाल के कार्यालय का चेंबर कुर्क कर ताला लगा दिया गया। यह कार्रवाई वाणिज्यिक न्यायालय संख्या-2, जोधपुर महानगर की ओर से जारी कुर्की वारंट की पालना में की गई। हालांकि, कार्यालय का बाकी हिस्सा खुला है, जहां अन्य कर्मचारी काम कर रहे हैं। केवल सीएमएचओ का चेंबर कुर्क किया गया है। 22 लाख 9 हजार 117 रुपए की राशि वसूलनी थी जानकारी के अनुसार, वाणिज्यिक न्यायालय संख्या-2, जोधपुर महानगर में एनसीवी प्रकरण संख्या 12/2026 तथा दीवानी इजराय प्रकरण संख्या 03/2026 में मैसर्स मेकोन फार्मा, प्रोपराइटर जयकुमार शर्मा बनाम मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, पाली के मामले में डिक्री जारी की गई थी। डिक्री के निष्पादन के लिए जारी कुर्की वारंट के तहत 22 लाख 9 हजार 117 रुपए की राशि वसूल की जानी थी। 26 अक्टूबर तक भुगतान नहीं हुआ तो चेंबर कुर्क किया न्यायालय के आदेश के अनुसार, यह राशि डिक्रीदार को दी जानी थी। लेकिन 26 अक्टूबर 2026 तक भुगतान नहीं होने पर कुर्की वारंट की पालना में सीएमएचओ कार्यालय, स्वास्थ्य भवन, आरटीओ ऑफिस के पास, जोधपुर रोड, पाली के चेंबर पर ताला लगाकर उसे कुर्क कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान चेंबर के ताले की चाबी डिक्रीदार को सौंप दी गई। इस दौरान पाली जिला एवं सेशन न्यायालय के सेल अमीन रवि कुमार, सवार देवेंद्रसिंह और डिक्रीदार जयकुमार शर्मा मौजूद रहे। कुर्क की गई संपत्ति के संबंध में कार्यालय के अधिकारियों, कर्मचारियों और आमजन को सूचित किया गया है कि सक्षम न्यायालय की अनुमति के बिना वहां लगाया गया नोटिस नहीं हटाया जाए। यह कार्रवाई न्यायालय की ओर से जारी आदेश के तहत बकाया राशि की वसूली के लिए की गई है।

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