बेगूसराय के बखरी में सर्राफा व्यवसायी से हुई लूट से स्थानीय कारोबारियों में काफी आक्रोश हैं। घटना के विरोध में सोमवार को ज्वेलर्स ने अपनी दुकानें बंद रखकर आक्रोश जताया। मुख्य बाजार स्थित रामा पैलेस के सामने व्यवसायियों की बैठक हुई, जिसमें नाराजगी जाहिर करते हुए आगे के आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई है। सर्राफा व्यवसायी संघ के उपाध्यक्ष बलराम स्वर्णकार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में दुकानदारों ने कहा कि ठंड ने अभी पूरी तरह दस्तक भी नहीं दी है और छिनतई की घटनाएं शुरू हो गई है। पुलिस पर्याप्त सुरक्षा देने में नाकाम साबित हो रहा है। दिनभर मेहनत करने के बाद घर लौटने वाले व्यवसायियों को यदि अपराधियों का सामना करना पड़े, तो उनके कारोबार और परिवार की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा। पुरानी घटनाओं का जिक्र बैठक में व्यवसायियों ने बन्धु ज्वेलर्स, एसके ज्वेलर्स, अमन ज्वेलर्स सहित करीब आधा दर्जन चोरी और छिनतई की पुरानी घटनाओं का हवाला दिया। कारोबारियों का कहना है कि कई वर्ष बीत जाने के बाद भी इन मामलों में न तो अपराधियों की गिरफ्तारी और उद्भेदन को लेकर संतोषजनक नतीजे सामने आए हैं और न ही लूटे गए सामान की बरामदगी हो सकी है। किसी घटना के बाद पुलिस जांच की बात तो करती है, लेकिन पीड़ितों को ठोस परिणाम का इंतजार करना पड़ता है। लगातार घटनाओं और कथित तौर पर लंबित मामलों के कारण स्वर्ण व्यवसायियों में भय का माहौल है। व्यवसायियों ने कहा कि वे अपने भविष्य और कारोबार की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। दुकानें बंद कर कारोबारियों ने दिया संदेश फिलहाल दुकानों को बंद रखने के साथ बैठक कर स्वर्ण व्यवसायियों ने संदेश दिया कि सुरक्षा के सवाल पर वे चुप बैठने को तैयार नहीं हैं। बैठक में आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई और लूटकांड में शामिल अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी तथा लूटे गए सामान की बरामदगी की मांग उठाई गई। व्यवसायियों का कहना था कि बाजार में व्यापार तभी सुरक्षित रह सकता है, जब अपराधियों में कानून का भय हो और पुलिस की कार्रवाई पर पीड़ितों को भरोसा हो। यदि पुरानी घटनाओं का निष्पादन नहीं होता और नई वारदातें होती रहती हैं, तो कारोबारियों का पुलिस-प्रशासन पर विश्वास प्रभावित होना स्वाभाविक है। ऐसे में हमलोग अब चुप नहीं बैठेंगे। पूर्व विधायक ने भी उठाए सवाल बैठक में पहुंचे बखरी विधानसभा के पूर्व विधायक सूर्यकांत पासवान और नगर परिषद के उपसभापति प्रतिनिधि सुरेश सहनी ने भी घटना को लेकर चिंता जताई। इन दोनों नेताओं ने भी आरोप लगाया कि बखरी में अपराधियों के हौसले बढ़े हुए हैं और सरेशाम स्वर्ण व्यवसायियों को निशाना बनाया जा रहा है। ऐसे में भयमुक्त व्यवसाय असंभव है। दोनों ने बखरी डीएसपी कुंदन कुमार पर अपराधियों और शराब माफियाओं को संरक्षण देने के गंभीर आरोप लगाए। उनका दावा था कि बड़े अपराधियों और शराब माफियाओं की गिरफ्तारी के बाद भी उनके आसानी से छूट जाने की शिकायतें सामने आती रही है। उन्होंने इस पूरे मामले में वरीय पुलिस अधिकारियों से जांच कराने की मांग की। बैठक में स्वर्ण व्यवसायी संघ के सचिव प्रशांत सोनी, सह सचिव कोमल आर्य, पवन गुप्ता, कृष्णबंधु स्वर्णकार, राजाराम स्वर्णकार, राजू स्वर्णकार, सुमित स्वर्णकार, सोनू गुप्ता, कन्हैया साह, नवीन स्वर्णकार, अरविंद स्वर्णकार, वीरेंद्र सोनी, नीरज पोद्दार, आनंद सावंत, प्रेम पोद्दार एवं लालबाबू साह सहित अन्य स्वर्ण व्यवसायी उपस्थित थे। बेगूसराय के बखरी में सर्राफा व्यवसायी से हुई लूट से स्थानीय कारोबारियों में काफी आक्रोश हैं। घटना के विरोध में सोमवार को ज्वेलर्स ने अपनी दुकानें बंद रखकर आक्रोश जताया। मुख्य बाजार स्थित रामा पैलेस के सामने व्यवसायियों की बैठक हुई, जिसमें नाराजगी जाहिर करते हुए आगे के आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई है। सर्राफा व्यवसायी संघ के उपाध्यक्ष बलराम स्वर्णकार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में दुकानदारों ने कहा कि ठंड ने अभी पूरी तरह दस्तक भी नहीं दी है और छिनतई की घटनाएं शुरू हो गई है। पुलिस पर्याप्त सुरक्षा देने में नाकाम साबित हो रहा है। दिनभर मेहनत करने के बाद घर लौटने वाले व्यवसायियों को यदि अपराधियों का सामना करना पड़े, तो उनके कारोबार और परिवार की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा। पुरानी घटनाओं का जिक्र बैठक में व्यवसायियों ने बन्धु ज्वेलर्स, एसके ज्वेलर्स, अमन ज्वेलर्स सहित करीब आधा दर्जन चोरी और छिनतई की पुरानी घटनाओं का हवाला दिया। कारोबारियों का कहना है कि कई वर्ष बीत जाने के बाद भी इन मामलों में न तो अपराधियों की गिरफ्तारी और उद्भेदन को लेकर संतोषजनक नतीजे सामने आए हैं और न ही लूटे गए सामान की बरामदगी हो सकी है। किसी घटना के बाद पुलिस जांच की बात तो करती है, लेकिन पीड़ितों को ठोस परिणाम का इंतजार करना पड़ता है। लगातार घटनाओं और कथित तौर पर लंबित मामलों के कारण स्वर्ण व्यवसायियों में भय का माहौल है। व्यवसायियों ने कहा कि वे अपने भविष्य और कारोबार की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। दुकानें बंद कर कारोबारियों ने दिया संदेश फिलहाल दुकानों को बंद रखने के साथ बैठक कर स्वर्ण व्यवसायियों ने संदेश दिया कि सुरक्षा के सवाल पर वे चुप बैठने को तैयार नहीं हैं। बैठक में आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई और लूटकांड में शामिल अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी तथा लूटे गए सामान की बरामदगी की मांग उठाई गई। व्यवसायियों का कहना था कि बाजार में व्यापार तभी सुरक्षित रह सकता है, जब अपराधियों में कानून का भय हो और पुलिस की कार्रवाई पर पीड़ितों को भरोसा हो। यदि पुरानी घटनाओं का निष्पादन नहीं होता और नई वारदातें होती रहती हैं, तो कारोबारियों का पुलिस-प्रशासन पर विश्वास प्रभावित होना स्वाभाविक है। ऐसे में हमलोग अब चुप नहीं बैठेंगे। पूर्व विधायक ने भी उठाए सवाल बैठक में पहुंचे बखरी विधानसभा के पूर्व विधायक सूर्यकांत पासवान और नगर परिषद के उपसभापति प्रतिनिधि सुरेश सहनी ने भी घटना को लेकर चिंता जताई। इन दोनों नेताओं ने भी आरोप लगाया कि बखरी में अपराधियों के हौसले बढ़े हुए हैं और सरेशाम स्वर्ण व्यवसायियों को निशाना बनाया जा रहा है। ऐसे में भयमुक्त व्यवसाय असंभव है। दोनों ने बखरी डीएसपी कुंदन कुमार पर अपराधियों और शराब माफियाओं को संरक्षण देने के गंभीर आरोप लगाए। उनका दावा था कि बड़े अपराधियों और शराब माफियाओं की गिरफ्तारी के बाद भी उनके आसानी से छूट जाने की शिकायतें सामने आती रही है। उन्होंने इस पूरे मामले में वरीय पुलिस अधिकारियों से जांच कराने की मांग की। बैठक में स्वर्ण व्यवसायी संघ के सचिव प्रशांत सोनी, सह सचिव कोमल आर्य, पवन गुप्ता, कृष्णबंधु स्वर्णकार, राजाराम स्वर्णकार, राजू स्वर्णकार, सुमित स्वर्णकार, सोनू गुप्ता, कन्हैया साह, नवीन स्वर्णकार, अरविंद स्वर्णकार, वीरेंद्र सोनी, नीरज पोद्दार, आनंद सावंत, प्रेम पोद्दार एवं लालबाबू साह सहित अन्य स्वर्ण व्यवसायी उपस्थित थे।

