सहारनपुर में महर्षि वाल्मीकि जयंती पर सोमवार शाम 6 बजे भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इसमें महर्षि वाल्मीकि के जीवन से जुड़ी झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। शोभायात्रा का रास्ते में जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। इससे पूरे मार्ग पर भक्तिमय माहौल बना रहा। कार्यक्रम के दौरान वाल्मीकि समाज के नेताओं ने भाजपा से एससी-एसटी आयोग के सदस्य महिपाल वाल्मीकि को टिकट देने की मांग भी उठाई। मंच से समाज के लोगों ने एकजुट होकर अपनी बात रखी। शोभायात्रा का आयोजन जिला वाल्मीकि सभा के तत्वावधान में किया गया। देर शाम रेलवे स्टेशन स्थित महर्षि वाल्मीकि मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इस दौरान स्वागत समारोह आयोजित कर एससी-एसटी आयोग के सदस्य महिपाल वाल्मीकि, पूर्व ब्लॉक प्रमुख कुलबीर राणा और व्यापारी एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता केएल अरोड़ा सहित अन्य गणमान्य लोगों का स्वागत किया गया। कार्यक्रम के दौरान जिला वाल्मीकि सभा के पदाधिकारियों ने कहा कि भाजपा की ओर से इस बार वाल्मीकि समाज से भी उम्मीदवार बनाए जाने का वादा किया गया था। इसी बात का हवाला देते हुए मंच से महिपाल वाल्मीकि को भाजपा का टिकट देने की मांग उठाई गई। समाज के लोगों ने संयुक्त रूप से अपनी मांग रखकर राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करने की बात कही। जयंती समारोह के बीच टिकट की मांग चर्चा का प्रमुख विषय रही। पूजा-अर्चना और स्वागत समारोह के बाद एससी-एसटी आयोग के सदस्य महिपाल वाल्मीकि, जिला वाल्मीकि सभा की अध्यक्ष नीलम कल्याण और हिंदू योद्धा परिवार की वर्षा पाराशर ने संयुक्त रूप से शोभायात्रा का उद्घाटन किया। इसके बाद शोभायात्रा रवाना हुई। इसमें महर्षि वाल्मीकि के जीवन से जुड़ी विभिन्न झांकियां शामिल की गईं। झांकियों के माध्यम से उनके जीवन से जुड़े प्रसंगों को प्रदर्शित किया गया, जिन्हें देखने के लिए लोग उत्साहित नजर आए। शोभायात्रा रेलवे स्टेशन से शुरू होकर महाराजा अग्रसेन चौक, रेलवे रोड चौक, घंटाघर, भगत सिंह मार्ग,श्रीराम चौक, नेहरू मार्केट, चौकी सराय बाजार, सैद गंज चौक, फव्वारा बाजार और मोरगंज से गुजरी। इसके बाद यात्रा फूल दालमंडी होते हुए बेहट रोड स्थित बंदरों वाला बाग पहुंची। यहां महर्षि वाल्मीकि मंदिर में शोभायात्रा का स्वागत किया गया। इसके साथ ही यात्रा का समापन हुआ। इसके साथ ही यात्रा का समापन हुआ। पूरे आयोजन में जगह-जगह स्वागत और पुष्पवर्षा से उत्सव का माहौल बना रहा।

