उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर जिले की विशेष सांसद-विधायक अदालत ने सोमवार को कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को मानहानि के एक मामले में दोषमुक्त कर दिया है। यह मामला 2018 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव से पहले बेंगलुरु में एक रैली में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के तत्कालीन अध्यक्ष अमित शाह को लेकर राहुल गांधी की टिप्पणी से जुड़ा था। एक अधिवक्ता ने यह जानकारी दी।
स्थानीय भाजपा नेता विजय मिश्रा ने मानहानि की शिकायत दाखिल की थी। उनके अधिवक्ता संतोष कुमार पांडेय ने बताया कि आज सांसद/विधायक अदालत के विशेष न्यायाधीश शुभम वर्मा ने फैसले में राहुल गांधी को मानहानि मामले में दोषमुक्त किया है। बचाव पक्ष ने संबंधित प्रावधान का हवाला देते हुए अदालत में कहा कि यह बयान गुड फेथ (सद्भावना) में दिया गया था और उनका मकसद किसी की मानहानि करना नहीं था।
संतोष कुमार पांडेय ने कहा, ‘‘अदालत ने मेरे द्वारा साक्ष्य के लिए प्रस्तुत की गई सीडी को स्वीकार किया है। अदालत द्वारा दिये गए आदेश की कॉपी मिलने पर उसका अवलोकन करने के बाद मैं इस मामले को आगे की अदालत में चुनौती दूंगा।’’
सुलतानपुर अदालत में पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गांधी के बरी होने के फैसले पर जश्न मनाया। गांधी 2018 में बेंगलुरु में दिए गए अपने चुनावी बयानों से जुड़े इस मामले में चौथी बार सुलतानपुर की अदालत में पहुंचे थे।
जब गांधी बरी होने के बाद मुस्कराते हुए परिसर से बाहर आए, तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पटाखे फोड़े और उनमें से कुछ को सत्यमेव जयते के नारे लगाते हुए देखा गया। एक कांग्रेस कार्यकर्ता ने पत्रकारों से कहा, यह सत्य की जीत है। हमने कहा था कि हमारे नेता बेदाग हैं और यह एक साजिश थी।
उनके खिलाफ मामला बहुत कमजोर था और इसमें साजिश की बू आती है। इससे पहले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी सोमवार सुबह लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे और वहां से सड़क मार्ग से सुलतानपुर रवाना हो गए। इस बीच पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर गांधी के काफिले की कुछ गाड़ियां आपस में टकरा गईं।
हालांकि कोई घायल नहीं हुआ और गांधी सुरक्षित अदालत पहुंचे। रायबरेली से लोकसभा सदस्य राहुल गांधी के स्वागत के लिए लखनऊ के हवाई अड्डे पर कांग्रेस के सैकड़ों कार्यकर्ता और स्थानीय पार्टी नेता इकट्ठा हुए थे।

