देवदत्त पडिक्कल सोमवार को यहां भले ही विवादास्पद फैसले से दोहरे शतक से चूक गए लेकिन उनकी 199 रन की शानदार पारी से न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली दो टेस्ट मैच की श्रृंखला के लिए तीसरे नंबर के बल्लेबाज को लेकर चल रही बहस पर विराम लग गया। इसके साथ ही भारत ए ने शानदार वापसी करके न्यूजीलैंड ए के खिलाफ पहले अनौपचारिक टेस्ट मैच में अपनी स्थिति भी मजबूत कर ली। भारत ए ने तीसरे दिन का खेल समाप्त होने तक अपनी दूसरी पारी ने आठ विकेट पर 488 रन बनाए हैं और उसने 284 रन की बढ़त हासिल कर ली है।भारतीय टीम पहली पारी ने 113 रन पर आउट हो गई थी जिसके जवाब में न्यूजीलैंड ए ने 317 रन बना कर 204 रन की बढ़त हासिल की थी। पडिक्कल तब दोहरे शतक से चूक गए जब उन्हें मध्यम गति के गेंदबाज जैक गिब्सन की गेंद पर लेग साइड में विकेट के पीछे कैच आउट दिया गया। जब अंपायर ने उंगली उठाई तो पडिक्कल हैरान रह गए और उन्होंने हाव-भाव से यह जताने की कोशिश की कि गेंद उनके बल्ले से नहीं लगी।वे वहीं अवाक खड़े रहे और फिर डगआउट की ओर चले गए। इस मैच में निर्णय समीक्षा प्रणाली (डीआरएस) या स्निकोमीटर का उपयोग नहीं किया जा रहा है और इसलिए पडिक्कल के पास वापस जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था। पडिक्कल ने अपनी पारी में 248 गेंदों में 23 चौके और तीन छक्के लगाए।श्रीलंका में लगातार दो टेस्ट शतक लगाने के बाद पडिक्कल ने तीसरे नंबर पर अपनी जगह लगभग पक्की कर ली थी, लेकिन न्यूजीलैंड के खिलाफ दो मैचों की श्रृंखला से पहले टीम प्रबंधन ने फिट हो चुके साई सुदर्शन को भी आजमाना चाहा, जिन्होंने प्रभावशाली 91 रन बनाए। उन्होंने पडिक्कल के साथ तीसरे विकेट के लिए 210 रन की साझेदारी की। सुदर्शन ने अपनी 184 गेंदों की पारी में 12 चौके लगाए, लेकिन दोनों बाएं हाथ के बल्लेबाजों में से पडिक्कल अपने शॉट चयन और पारी को गति देने के तरीके में अधिक बेहतर नजर आए।पडिक्कल ने शॉर्ट बॉल को अच्छी तरह खेला और बाएं हाथ के स्पिनर जेडन लेनोक्स के खिलाफ अपने पैरों का इस्तेमाल किया, जिन्हें उन्होंने अपने तीन छक्कों में से दो छक्के मारे। अपने पहले छक्के से उन्होंने शतक भी पूरा किया। जब सुदर्शन शतक बनाने से चूक गए, तो पडिक्कल को यश राठौड़ (72 गेंदों में 66 रन) के रूप में अच्छा सहयोगी मिला।इन दोनों ने मिलकर 142 रन की साझेदारी की। पडिक्कल ने लेनोक्स की गेंद पर अपना दूसरा छक्का लॉन्ग-ऑन के ऊपर मारा और फिर तेज गेंदबाज फ्रेजर शीट की गेंद पर स्क्वायर लेग के ऊपर से एक और छक्का लगाया। जब पडिक्कल और राठौड़ आउट हुए तब भारत की बढ़त 165 थी, लेकिन वाशिंगटन सुंदर (नाबाद 51) ने अंशुल कंबोज (23) के साथ 41 रन की साझेदारी की और फिर औकिब नबी (38) के साथ 69 रन और जोड़े।
देवदत्त पडिक्कल सोमवार को यहां भले ही विवादास्पद फैसले से दोहरे शतक से चूक गए लेकिन उनकी 199 रन की शानदार पारी से न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली दो टेस्ट मैच की श्रृंखला के लिए तीसरे नंबर के बल्लेबाज को लेकर चल रही बहस पर विराम लग गया। इसके साथ ही भारत ए ने शानदार वापसी करके न्यूजीलैंड ए के खिलाफ पहले अनौपचारिक टेस्ट मैच में अपनी स्थिति भी मजबूत कर ली। भारत ए ने तीसरे दिन का खेल समाप्त होने तक अपनी दूसरी पारी ने आठ विकेट पर 488 रन बनाए हैं और उसने 284 रन की बढ़त हासिल कर ली है।
भारतीय टीम पहली पारी ने 113 रन पर आउट हो गई थी जिसके जवाब में न्यूजीलैंड ए ने 317 रन बना कर 204 रन की बढ़त हासिल की थी। पडिक्कल तब दोहरे शतक से चूक गए जब उन्हें मध्यम गति के गेंदबाज जैक गिब्सन की गेंद पर लेग साइड में विकेट के पीछे कैच आउट दिया गया। जब अंपायर ने उंगली उठाई तो पडिक्कल हैरान रह गए और उन्होंने हाव-भाव से यह जताने की कोशिश की कि गेंद उनके बल्ले से नहीं लगी।
वे वहीं अवाक खड़े रहे और फिर डगआउट की ओर चले गए। इस मैच में निर्णय समीक्षा प्रणाली (डीआरएस) या स्निकोमीटर का उपयोग नहीं किया जा रहा है और इसलिए पडिक्कल के पास वापस जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था। पडिक्कल ने अपनी पारी में 248 गेंदों में 23 चौके और तीन छक्के लगाए।
श्रीलंका में लगातार दो टेस्ट शतक लगाने के बाद पडिक्कल ने तीसरे नंबर पर अपनी जगह लगभग पक्की कर ली थी, लेकिन न्यूजीलैंड के खिलाफ दो मैचों की श्रृंखला से पहले टीम प्रबंधन ने फिट हो चुके साई सुदर्शन को भी आजमाना चाहा, जिन्होंने प्रभावशाली 91 रन बनाए। उन्होंने पडिक्कल के साथ तीसरे विकेट के लिए 210 रन की साझेदारी की। सुदर्शन ने अपनी 184 गेंदों की पारी में 12 चौके लगाए, लेकिन दोनों बाएं हाथ के बल्लेबाजों में से पडिक्कल अपने शॉट चयन और पारी को गति देने के तरीके में अधिक बेहतर नजर आए।
पडिक्कल ने शॉर्ट बॉल को अच्छी तरह खेला और बाएं हाथ के स्पिनर जेडन लेनोक्स के खिलाफ अपने पैरों का इस्तेमाल किया, जिन्हें उन्होंने अपने तीन छक्कों में से दो छक्के मारे। अपने पहले छक्के से उन्होंने शतक भी पूरा किया। जब सुदर्शन शतक बनाने से चूक गए, तो पडिक्कल को यश राठौड़ (72 गेंदों में 66 रन) के रूप में अच्छा सहयोगी मिला।
इन दोनों ने मिलकर 142 रन की साझेदारी की। पडिक्कल ने लेनोक्स की गेंद पर अपना दूसरा छक्का लॉन्ग-ऑन के ऊपर मारा और फिर तेज गेंदबाज फ्रेजर शीट की गेंद पर स्क्वायर लेग के ऊपर से एक और छक्का लगाया। जब पडिक्कल और राठौड़ आउट हुए तब भारत की बढ़त 165 थी, लेकिन वाशिंगटन सुंदर (नाबाद 51) ने अंशुल कंबोज (23) के साथ 41 रन की साझेदारी की और फिर औकिब नबी (38) के साथ 69 रन और जोड़े।
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