Love Gill Team Reaction against Allegations Scoutop: फेमस रियलिटी शो ‘बिग बॉस 20’ (Bigg Boss 20) में हर दिन हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिल रहा है, लेकिन बीते रविवार को प्रसारित हुए एपिसोड ने मनोरंजन की सभी सीमाओं को लांघ दिया। शो में कंटेस्टेंट लव गिल (Love Gill) के खिलाफ उठाए गए सवालों और उनके साथ हुए व्यवहार को लेकर अब उनकी आधिकारिक टीम का तीखा और भावुक रिएक्शन सामने आया है। लव गिल की टीम ने एक आधिकारिक बयान जारी कर नेशनल टेलीविजन पर उनके चरित्र हनन की कड़े शब्दों में निंदा की है और समाज के जहरीले दोहरे मापदंडों पर कड़े सवाल खड़े किए हैं।
लव गिल की टीम ने आधिकारिक बयान देकर निकाला गुस्सा
लव गिल की टीम ने जारी बयान में स्पष्ट किया कि शो के पहले दिन से ही लव की सीमाएं बिल्कुल साफ थीं- उनके लिए स्काउट (ScoutOP) एक भाई की तरह थे। लेकिन जैसे ही एक वयस्क पुरुष ने उन सीमाओं को लांघकर अपनी भावनाओं का इजहार किया, सारा दोष महिला पर मढ़ दिया गया।
टीम ने समाज की सोच पर सवाल उठाते हुए कहा, “आज रात लव गिल सिर्फ चुपचाप खड़ी नहीं रहीं—बल्कि उन्होंने सबके सामने अपने चरित्र की हत्या होते देखी। उन्हें सुने जाने, सम्मान पाने और सुरक्षित महसूस करने का हक था। इसके बजाय, उन्हें अपमानित किया गया और लोगों के फैसलों की वेदी पर बलि चढ़ा दिया गया। किसी भी महिला को कभी भी किसी पुरुष के फैसलों की कीमत नहीं चुकानी चाहिए। किसी भी परिवार को कभी भी अपने बच्चे को इस तरह टूटते हुए नहीं देखना चाहिए। लव गिल को हमदर्दी मिलनी चाहिए थी, न कि क्रूरता।
टीन मे आगे लिखा, लव को न्याय मिलना चाहिए था, न कि उनके चरित्र पर कीचड़ उछाला जाना चाहिए था। पहले दिन से ही, लव की सीमाएं एकदम साफ थीं। स्काउट उनके लिए एक भाई की तरह था। बात खत्म। फिर भी, जैसे ही एक पुरुष ने उन सीमाओं को लांघा और अपनी भावनाओं का इजहार किया, समाज ने अपना सबसे पुराना और सबसे जहरीला दोहरा मापदंड अपना लिया। सारा दोष महिला पर मढ़ दिया।
एक पुरुष के साथ ऐसा बर्ताव क्यों किया जाता है जैसे वह किसी सम्मोहन (हिप्नोसिस) का शिकार हो गया हो, जबकि एक लड़की को जानबूझकर लुभाने वाली (टेम्पट्रेस) के रूप में पेश किया जाता है? उससे यह उम्मीद क्यों की जाती है कि वह उन भावनाओं का बोझ, शर्म और अपमान अपने सिर ले, जिन्हें न तो उसने कभी मांगा था और न ही कभी उनका जवाब दिया?
“टीआरपी और व्यूज के लिए कंटेंट में बदली जा रही किसी की लाचारी”
किसी और महिला की नाजुक सच्चाई को बचाने के लिए लव को खुद क्यों तकलीफ सहनी पड़े? उसे अपनी गरिमा (डिग्निटी) क्यों छोड़नी पड़े, सिर्फ इसलिए क्योंकि किसी और में अपने साथी को जवाबदेह ठहराने की हिम्मत नहीं है? इंसान का दिल एक हद तक ही सह सकता है, फिर खामोशी एक चीख में बदल जाती है। आज रात लव गिल को बिल्कुल अकेला और बेसहारा खड़ा देखना- जबकि नेशनल टेलीविजन पर उनके चरित्र को पूरी तरह से तार-तार किया जा रहा था बेहद पीड़ादायक था। उनका परिवार बर्बाद हो गया है। पूरी तरह से टूट चुका है।
सोचिए, एक मां घर पर बैठी है और बेबस होकर देख रही है कि दुनिया उसकी पाली-पोसी बेटी को कितनी बेरहमी से बदनाम कर रही है। सोचिए, वह देख रही है कि एक पुरुष की बेकाबू भावनाओं का दोष उसकी बेटी पर मढ़ा जा रहा है, जबकि मौके का फायदा उठाने वाले इन्फ्लुएंसर और शोहरत के भूखे लोग उसकी तकलीफ को लाइक्स, व्यूज और हेडलाइंस पाने के लिए ‘कंटेंट’ में बदल रहे हैं। क्या हमने अपनी इंसानियत पूरी तरह खो दी है? क्या हमें इस बात की कोई परवाह भी है कि जब किसी इंसान को इतनी बेरहमी से कुचल दिया जाता है, तो उसकी आत्मा पर क्या गुजरती है?



