वागमण SIMI शिविर मामला: विशेष अदालत ने दोषी कुरैशी को सुनाई 7 साल की जेल

वागमण SIMI शिविर मामला: विशेष अदालत ने दोषी कुरैशी को सुनाई 7 साल की जेल

केरलम की एक अदालत ने 2007 के वागमण सिमी प्रशिक्षण शिविर मामले में एक आरोपी द्वारा अपराध स्वीकार किए जाने के बाद उसे सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) से संबंधित मामलों की विशेष अदालत के न्यायाधीश हफीज मोहम्मद ने महाराष्ट्र के पूर्वी ठाणे निवासी अब्दुल सुभान कुरैशी को यह सजा सुनाई। अदालत ने कुरैशी को विधिविरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम की धारा 10(ए) के तहत एक साल, धारा 20 के तहत पांच साल और धारा 38 के तहत पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।

इसके अलावा, उसे विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 4 और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 120बी (आपराधिक साजिश) के तहत भी सात-सात साल के कठोर कारावास की सजा दी गई। अदालत ने आदेश दिया कि सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। साथ ही, आरोपी जितनी अवधि पहले ही जेल में बिता चुका है, उसे सजा की अवधि में समायोजित किया जाएगा।

अदालत ने विधिविरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम की धारा 10(ए), धारा 20 और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 4 के तहत 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। मामले के एक अन्य आरोपी, उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ निवासी वासिक बिल्ला के खिलाफ सुनवाई अलग कर नए सिरे से मामला दर्ज करने का आदेश दिया गया है। वह अब भी फरार है।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, प्रतिबंधित संगठन ‘स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया’ (सिमी) के सदस्यों के लिए प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने की 38 आरोपियों ने साजिश रची थी। इस कथित साजिश के तहत 10 से 12 दिसंबर 2007 तक केरलम के वागमण स्थित थंगलपारा में एक प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया था। अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया कि शिविर में शामिल लोगों को गोली चलाने, बम बनाने और विस्फोटकों का इस्तेमाल करने का प्रशिक्षण दिया गया था।

इसके अलावा, उन्हें मोटरसाइकिल रेस और चट्टानों पर चढ़ने का अभ्यास भी कराया गया था। शिविर में जिहाद पर कक्षाएं भी आयोजित की गई थीं। कुरैशी को सात मई 2018 को गिरफ्तार किया गया था।

वह उन आरोपियों में शामिल था, जिनके मामलों की सुनवाई अन्य आरोपियों के मुकदमे से अलग की गई थी। कुरैशी ने अपने ऊपर लगे आरोप एक अक्टूबर 2026 को स्वीकार कर लिए थे। अदालत ने उसके बयान को स्वेच्छा से दिया गया मानते हुए स्वीकार कर लिया।

इससे पहले, अदालत ने मई 2018 में इस मामले में 18 अन्य आरोपियों को सजा सुनाई थी।

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