औरंगाबाद जिले के किसानों के लिए कृषि यांत्रिकरण योजना के तहत आधुनिक यंत्र खरीदने का सुनहरा अवसर है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में जिले के किसानों को 86 प्रकार के कृषि यंत्रों की खरीद पर अनुदान देने के लिए कुल 603.77 लाख रुपए की राशि निर्धारित की गई है। योजना के तहत पात्र किसानों को कृषि यंत्रों की खरीद पर 40 प्रतिशत से लेकर 80 प्रतिशत तक अनुदान का लाभ मिलेगा। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर तक निर्धारित की गई है। जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा के निर्देशानुसार कृषि विभाग योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दे रहा है। इसका उद्देश्य खेती में आधुनिक तकनीक और मशीनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है, ताकि किसानों को कृषि कार्यों में लगने वाले समय और श्रम की बचत हो सके। साथ ही उत्पादन लागत कम करने और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिल सके। कृषि रोड मैप के तहत कृषि यांत्रिकरण योजना (एसएमएएम) के लिए राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में कुल 236 करोड़ 58 लाख रुपए स्वीकृत किए हैं। इसी के तहत औरंगाबाद जिले के लिए अनुदान राशि निर्धारित की गई है। योजना का लाभ उठाकर किसान अपनी जरूरत के अनुसार आधुनिक कृषि यंत्र खरीद सकते हैं। पांच घटकों के माध्यम से मिलेगा योजना का लाभ कृषि यांत्रिकरण योजना को पांच प्रमुख घटकों में बांटा गया है। पहले घटक के तहत किसान अनुदानित दर पर कृषि यंत्रों की खरीद कर सकेंगे। दूसरे घटक में कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना के लिए अधिकतम चार लाख रुपए तक अनुदान का प्रावधान है। इसके माध्यम से किसान समूहों और अन्य पात्र लाभार्थियों के जरिए कृषि यंत्रों को किराए पर उपलब्ध कराने की सुविधा विकसित की जा सकेगी। तीसरे घटक के तहत स्पेशल कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना के लिए अधिकतम 12 लाख रुपये तक अनुदान दिया जाएगा। चौथे घटक में समूहों के लिए कृषि यंत्र बैंक की स्थापना पर 80 प्रतिशत तक, अधिकतम आठ लाख रुपए अनुदान का प्रावधान है। पांचवें घटक में किसान ड्रोन कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना को शामिल किया गया है। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य ऐसे किसानों तक आधुनिक मशीनों की पहुंच बढ़ाना है, जो आर्थिक कारणों से महंगे कृषि यंत्र खरीदने में सक्षम नहीं हैं। किसान किराए पर मशीन लेकर खेत की जुताई, बुआई, रोपाई और कटाई जैसे कार्य समय पर कर सकेंगे। इससे खेती में मशीनीकरण को बढ़ावा मिलने के साथ छोटे और सीमांत किसानों को भी लाभ मिलने की संभावना है। स्ट्रॉ रीपर से लेकर सुपर सीडर तक पर अनुदान योजना के तहत कई तरह के आधुनिक कृषि यंत्रों की खरीद पर अनुदान दिया जाएगा। इनमें स्ट्रॉ रीपर, स्ट्रॉ बेलर, पैडी ट्रांसप्लांटर, सुपर सीडर, मिनी ट्रैक्टर, सोलर पैडी थ्रेशर, रोटरी डिस्क हैरो, पावर टिलर, लेजर लैंड लेवलर, जीरो टिलेज मशीन, रोटावेटर और रीपर कम बाइंडर जैसे यंत्र शामिल हैं। इसके अलावा मिनी राइस मिल, दाल मिल और ऑयल मिल सहित कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण से जुड़े यंत्रों पर भी अनुदान का प्रावधान है। इन मशीनों की मदद से खेत की तैयारी से लेकर फसल की कटाई और कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण तक के कार्य आसान हो सकते हैं। आधुनिक कृषि यंत्रों के इस्तेमाल से समय पर खेती के कार्य पूरे करने, मजदूरों पर निर्भरता कम करने और उत्पादन लागत नियंत्रित करने में सहायता मिलेगी। धान, गेहूं, दलहन, तेलहन और उद्यानिक फसलों की खेती करने वाले किसानों को इसका लाभ मिल सकता है। फसल अवशेष प्रबंधन से जुड़ी मशीनों के उपयोग से खेतों में बचे अवशेषों के बेहतर प्रबंधन में भी मदद मिलेगी। 31 अक्टूबर तक करें ऑनलाइन आवेदन, लॉटरी से जारी होगा स्वीकृति पत्र कृषि यांत्रिकरण योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया एक अक्टूबर 2026 से जारी है। इच्छुक और पात्र किसान कृषि विभाग के मेकेनाइजेशन सॉफ्टवेयर ओएफएमएएस (OFMAS) के आधिकारिक पोर्टल http://www.farmech.bih.nic.in पर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2026 है। विभाग के अनुसार, प्राप्त आवेदनों के सत्यापन के बाद केंद्रीकृत ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से स्वीकृति पत्र जारी किए जाएंगे। किसान अपने फार्मर लॉगिन के माध्यम से स्वीकृति पत्र डाउनलोड कर सकेंगे। आवेदन से लेकर सत्यापन, स्वीकृति पत्र जारी करने और अनुदान भुगतान तक की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था अपनाई गई है। किसानों को आवेदन करने से पहले संबंधित कृषि यंत्रों की पात्रता, अनुदान की दर और योजना की शर्तों की जानकारी प्राप्त कर लेनी चाहिए। योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी और मार्गदर्शन के लिए किसान जिला कृषि अभियंत्रण कार्यालय, औरंगाबाद में पदस्थापित उप निदेशक (कृषि अभियंत्रण) से संपर्क कर सकते हैं। जिला प्रशासन और कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि से पहले आवेदन कर योजना का लाभ उठाएं और आधुनिक कृषि यंत्रों के माध्यम से खेती को अधिक आसान, कम खर्चीला और लाभकारी बनाएं। औरंगाबाद जिले के किसानों के लिए कृषि यांत्रिकरण योजना के तहत आधुनिक यंत्र खरीदने का सुनहरा अवसर है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में जिले के किसानों को 86 प्रकार के कृषि यंत्रों की खरीद पर अनुदान देने के लिए कुल 603.77 लाख रुपए की राशि निर्धारित की गई है। योजना के तहत पात्र किसानों को कृषि यंत्रों की खरीद पर 40 प्रतिशत से लेकर 80 प्रतिशत तक अनुदान का लाभ मिलेगा। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर तक निर्धारित की गई है। जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा के निर्देशानुसार कृषि विभाग योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दे रहा है। इसका उद्देश्य खेती में आधुनिक तकनीक और मशीनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है, ताकि किसानों को कृषि कार्यों में लगने वाले समय और श्रम की बचत हो सके। साथ ही उत्पादन लागत कम करने और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिल सके। कृषि रोड मैप के तहत कृषि यांत्रिकरण योजना (एसएमएएम) के लिए राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में कुल 236 करोड़ 58 लाख रुपए स्वीकृत किए हैं। इसी के तहत औरंगाबाद जिले के लिए अनुदान राशि निर्धारित की गई है। योजना का लाभ उठाकर किसान अपनी जरूरत के अनुसार आधुनिक कृषि यंत्र खरीद सकते हैं। पांच घटकों के माध्यम से मिलेगा योजना का लाभ कृषि यांत्रिकरण योजना को पांच प्रमुख घटकों में बांटा गया है। पहले घटक के तहत किसान अनुदानित दर पर कृषि यंत्रों की खरीद कर सकेंगे। दूसरे घटक में कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना के लिए अधिकतम चार लाख रुपए तक अनुदान का प्रावधान है। इसके माध्यम से किसान समूहों और अन्य पात्र लाभार्थियों के जरिए कृषि यंत्रों को किराए पर उपलब्ध कराने की सुविधा विकसित की जा सकेगी। तीसरे घटक के तहत स्पेशल कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना के लिए अधिकतम 12 लाख रुपये तक अनुदान दिया जाएगा। चौथे घटक में समूहों के लिए कृषि यंत्र बैंक की स्थापना पर 80 प्रतिशत तक, अधिकतम आठ लाख रुपए अनुदान का प्रावधान है। पांचवें घटक में किसान ड्रोन कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना को शामिल किया गया है। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य ऐसे किसानों तक आधुनिक मशीनों की पहुंच बढ़ाना है, जो आर्थिक कारणों से महंगे कृषि यंत्र खरीदने में सक्षम नहीं हैं। किसान किराए पर मशीन लेकर खेत की जुताई, बुआई, रोपाई और कटाई जैसे कार्य समय पर कर सकेंगे। इससे खेती में मशीनीकरण को बढ़ावा मिलने के साथ छोटे और सीमांत किसानों को भी लाभ मिलने की संभावना है। स्ट्रॉ रीपर से लेकर सुपर सीडर तक पर अनुदान योजना के तहत कई तरह के आधुनिक कृषि यंत्रों की खरीद पर अनुदान दिया जाएगा। इनमें स्ट्रॉ रीपर, स्ट्रॉ बेलर, पैडी ट्रांसप्लांटर, सुपर सीडर, मिनी ट्रैक्टर, सोलर पैडी थ्रेशर, रोटरी डिस्क हैरो, पावर टिलर, लेजर लैंड लेवलर, जीरो टिलेज मशीन, रोटावेटर और रीपर कम बाइंडर जैसे यंत्र शामिल हैं। इसके अलावा मिनी राइस मिल, दाल मिल और ऑयल मिल सहित कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण से जुड़े यंत्रों पर भी अनुदान का प्रावधान है। इन मशीनों की मदद से खेत की तैयारी से लेकर फसल की कटाई और कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण तक के कार्य आसान हो सकते हैं। आधुनिक कृषि यंत्रों के इस्तेमाल से समय पर खेती के कार्य पूरे करने, मजदूरों पर निर्भरता कम करने और उत्पादन लागत नियंत्रित करने में सहायता मिलेगी। धान, गेहूं, दलहन, तेलहन और उद्यानिक फसलों की खेती करने वाले किसानों को इसका लाभ मिल सकता है। फसल अवशेष प्रबंधन से जुड़ी मशीनों के उपयोग से खेतों में बचे अवशेषों के बेहतर प्रबंधन में भी मदद मिलेगी। 31 अक्टूबर तक करें ऑनलाइन आवेदन, लॉटरी से जारी होगा स्वीकृति पत्र कृषि यांत्रिकरण योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया एक अक्टूबर 2026 से जारी है। इच्छुक और पात्र किसान कृषि विभाग के मेकेनाइजेशन सॉफ्टवेयर ओएफएमएएस (OFMAS) के आधिकारिक पोर्टल http://www.farmech.bih.nic.in पर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2026 है। विभाग के अनुसार, प्राप्त आवेदनों के सत्यापन के बाद केंद्रीकृत ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से स्वीकृति पत्र जारी किए जाएंगे। किसान अपने फार्मर लॉगिन के माध्यम से स्वीकृति पत्र डाउनलोड कर सकेंगे। आवेदन से लेकर सत्यापन, स्वीकृति पत्र जारी करने और अनुदान भुगतान तक की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था अपनाई गई है। किसानों को आवेदन करने से पहले संबंधित कृषि यंत्रों की पात्रता, अनुदान की दर और योजना की शर्तों की जानकारी प्राप्त कर लेनी चाहिए। योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी और मार्गदर्शन के लिए किसान जिला कृषि अभियंत्रण कार्यालय, औरंगाबाद में पदस्थापित उप निदेशक (कृषि अभियंत्रण) से संपर्क कर सकते हैं। जिला प्रशासन और कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि से पहले आवेदन कर योजना का लाभ उठाएं और आधुनिक कृषि यंत्रों के माध्यम से खेती को अधिक आसान, कम खर्चीला और लाभकारी बनाएं।

