पानीपत में छह माह की दूधमुंही बच्ची, छह साल की बेटी और दस साल के बेटे को अब मां का दुलार नसीब नहीं होगा। हनुमान कॉलोनी में रहने वाली 30 वर्षीय रेनू की शनिवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों के अनुसार, करीब एक माह से उसकी तबीयत खराब चल रही थी। शनिवार को वह ठीक महसूस कर रही थी, लेकिन सनौली रोड पर शिव चौक के पास एक बाबा से झाड़ा लगवाने के करीब आधे घंटे बाद अचानक उसकी हालत बिगड़ गई। उसे खून की उल्टी हुई और नाक से भी खून आने लगा। परिजन उसे तुरंत जिला नागरिक अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। रेनू की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पति इंद्र पल्लेदारी करके परिवार का गुजारा करते हैं। तीन छोटे बच्चों की परवरिश की जिम्मेदारी अब अकेले उनके कंधों पर आ गई है। सबसे छोटी बच्ची अभी मां का दूध पीती थी। परिवार के लिए यह सदमा ऐसा है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है। अचानक पीछे गिरी, खून की उल्टी हुई और हो गई बेहोश मृतका के पति इंद्र और रेनू की बहन मीना ने बताया कि रेनू को करीब एक महीने से कभी खांसी तो कभी बुखार की शिकायत रहती थी। उसे दवा दिलवाई गई थी, जिसके बाद उसकी तबीयत में सुधार हो गया था। दोबारा बीमार न पड़े, इसी सोच के साथ परिजनों ने उसका झाड़ा लगवाने का फैसला किया। परिजनों के मुताबिक, शनिवार को रेनू की तबीयत ठीक थी। उसकी बड़ी बहन मीना भी उसके साथ गई थी। दोनों सनौली रोड पर शिव चौक के पास पहुंचे, जहां एक बाबा से रेनू का झाड़ा लगवाया गया। खून की उल्टी और नाक से आया खून इसके करीब आधे घंटे बाद रेनू सीधे चलते हुए अचानक पीछे की ओर गिर पड़ी। उसे खून की उल्टी हुई और नाक से भी खून निकलने लगा। इसके बाद वह बेहोश हो गई। अचानक हुई इस घटना से परिजन घबरा गए। वे बिना देर किए रेनू को जिला नागरिक अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। महिला की मौत का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं है। 11 साल पहले हुई थी शादी, काम की तलाश में आए थे पानीपत मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के रहने वाले इंद्र ने बताया कि उनकी शादी करीब 11 साल पहले हुई थी। परिवार के पालन-पोषण और रोजगार की तलाश में वे कई साल पहले पानीपत आ गए थे। यहां वह पल्लेदारी का काम करके पत्नी और तीनों बच्चों का खर्च चलाते थे। रेनू की मौत के बाद परिवार के सामने दुख के साथ बच्चों की परवरिश की चुनौती भी खड़ी हो गई है। छह माह की बच्ची अभी इतनी छोटी है कि वह मां के बिना अपनी जरूरतें भी नहीं बता सकती। वहीं, दोनों बड़े बच्चों के लिए मां का अचानक दुनिया से चले जाना गहरा सदमा है। पोस्टमार्टम से होगा असल कारणों का खुलासा शनिवार रात को महिला का शव पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया गया है। महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका पता जांच और चिकित्सकीय प्रक्रिया के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल परिवार सदमे में है और तीनों बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है।

