गाजियाबाद जिले में बिना जरूरी दस्तावेजों और नियमों के संचालित होने वाली बसों के खिलाफ परिवहन विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। ऑपरेशन कवच-4.0 के तहत चलाए जा रहे विशेष अभियान में 21 बसों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इनमें चालान करने के साथ कुछ बसों को निरुद्ध भी किया गया है। विभाग ने इन मामलों में कुल 6.55 लाख रुपये का प्रशमन शुल्क लगाया है। अभियान के दौरान बसों के दस्तावेजों की जांच करने के साथ यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े नियमों का भी जायजा लिया जा रहा है। परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश के निर्देश पर यह अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य बिना अनुमति या जरूरी दस्तावेजों के यात्री परिवहन करने वाली बसों पर रोक लगाना है। अभियान के तहत गाजियाबाद संभाग के चार जिलों गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर और हापुड़ में परिवहन विभाग की टीमें अलग-अलग मार्गों पर बसों की जांच कर रही हैं। संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) डॉ. सियाराम वर्मा ने बताया कि जांच के दौरान बसों के परमिट, पंजीयन प्रमाणपत्र, फिटनेस और बीमा संबंधी दस्तावेज देखे जा रहे हैं। इसके अलावा बस चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस की भी जांच की जा रही है। जिन बसों में जरूरी दस्तावेज नहीं मिल रहे हैं या परिवहन नियमों का उल्लंघन पाया जा रहा है, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। परिवहन विभाग की टीमें केवल दस्तावेजों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बसों की बॉडी निर्माण से जुड़े निर्धारित मानकों की भी जांच कर रही हैं। इसके साथ ही यात्रियों की सुरक्षा के लिए जरूरी प्रावधानों का पालन हो रहा है या नहीं, इस पर भी ध्यान दिया जा रहा है। विभाग का कहना है कि नियमों की अनदेखी करने वाली बसें सड़क पर चलने वाले यात्रियों के लिए जोखिम पैदा कर सकती हैं। डॉ. वर्मा ने बस संचालकों और वाहन स्वामियों से अपील की है कि वे सभी जरूरी दस्तावेज पूरे रखने के बाद ही बसों का संचालन करें। वाहनों की फिटनेस और सुरक्षा मानकों का भी ध्यान रखें।

