भारत में अवैध रूप से रहने वाले 65 पाकिस्तानी नागरिकों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है। इनमें 15 की पहले ही मौत हो चुकी है। जम्मू क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारी के मुताबिक, पाकिस्तान और PoK के कुछ नागरिक 1970 के दशक के आखिर में वैध दस्तावेजों पर भारत आए थे। इसके बाद वे जम्मू संभाग के अलग-अलग जिलों में अवैध रूप से रहने लगे। इनमें से कुछ लोगों ने धोखाधड़ी से भारतीय पहचान से जुड़े दस्तावेज हासिल किए। कुछ ने इन फर्जी और जाली दस्तावेजों के आधार पर सरकारी विभागों में नौकरी भी हासिल कर ली थी। पाकिस्तान के सिंध, लाहौर, मीरपुर से भारत आए थे अधिकारी ने बताया कि जांच के दौरान पाकिस्तान के सिंध, लाहौर, गुजरांवाला, सरगोधा और मीरपुर तथा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के रावलकोट और कोटली से जुड़े कई परिवारों का पता चला। ये परिवार जम्मू संभाग के अखनूर, मेंढर, थन्नामंडी, दरहाल और कठुआ में बस गए थे। क्राइम ब्रांच ने केस दर्ज किया: कितने आरोपी अरेस्ट, ये जानकारी नहीं क्राइम ब्रांच जम्मू की स्पेशल क्राइम विंग ने मामला दर्ज किया। क्राइम ब्रांच मुख्यालय ने विशेष जांच दल (SIT) गठित किया। जांच पूरी होने के बाद जम्मू, पुंछ, राजौरी और कठुआ की सक्षम अदालतों में आठ घटनाओं से संबंधित चार्जशीट दाखिल की गई। अब अदालत में आरोपों, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। हालांकि रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि कितने आरोपी गिरफ्तार हैं, कितने जमानत पर हैं, कितने मामलों में आरोप तय हुए हैं। —————————– ये खबर भी पढ़ें… आतंकी ट्रैकिंग से बचने को LoRa डिवाइस इस्तेमाल कर रहे: इंटरनेट-मोबाइल टॉवर की जरूरत नहीं जम्मू-कश्मीर में आतंकी ट्रैकिंग से बचने के लिए LoRa डिवाइस का इस्तेमाल कर रहे हैं। LoRa यानी लॉन्ग रेंज डिवाइस। यह कम पावर वाली रेडियो-फ्रीक्वेंसी कम्युनिकेशन तकनीक है। इसके जरिए मैसेज, लोकेशन और अन्य डेटा भेजा जाता है। सुरक्षा एजेंसियों ने कम्युनिकेशन डिवाइस के इस्तेमाल को लेकर अलर्ट जारी किया है। पूरी खबर पढ़ें…
जम्मू में रहने वाले 65 पाकिस्तानियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल:इनमें 15 की मौत हो चुकी; 1970 में भारत आए, फर्जी दस्तावेज बनवाए, सरकारी नौकरी की

