औरंगाबाद के 230 स्वास्थ्य संस्थानों का होगा कायाकल्प:डीएम ने कार्यों में तेजी लाने का दिया निर्देश; 221 संस्थानों को तकनीकी, 215 को प्रशासनिक स्वीकृति

औरंगाबाद के 230 स्वास्थ्य संस्थानों का होगा कायाकल्प:डीएम ने कार्यों में तेजी लाने का दिया निर्देश; 221 संस्थानों को तकनीकी, 215 को प्रशासनिक स्वीकृति

औरंगाबाद जिले के सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए ‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान’ के तहत चल रहे कार्यों में तेजी लाई जाएगी। शनिवार को जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में मरम्मत, अनुरक्षण, सुदृढ़ीकरण और सौंदर्यीकरण के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में सदर अस्पताल, अनुमंडलीय अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और आयुष्मान आरोग्य मंदिर सहित विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में चल रहे कार्यों की जानकारी प्रस्तुत की गई। स्वास्थ्य विभाग की ओर से पीपीटी के माध्यम से कार्यों की प्रगति से डीएम को अवगत कराया गया। समीक्षा के दौरान भवनों की मरम्मत, रंग-रोगन, परिसर की साफ-सफाई, झाड़ियों की कटाई, पेयजल व्यवस्था, सूचना पट्ट लगाने, स्वास्थ्य संस्थानों की ब्रांडिंग और जनजागरूकता सामग्री के प्रदर्शन जैसे विषयों पर चर्चा हुई। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी स्वास्थ्य संस्थानों में स्वच्छ, सुव्यवस्थित और मरीजों के अनुकूल वातावरण विकसित किया जाए, ताकि मरीजों और उनके परिजनों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। 230 संस्थानों में 49 का काम पूरा, 166 में कार्य जारी 22 अक्टूबर तक की प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, औरंगाबाद जिले में कुल 230 स्वास्थ्य संस्थानों को अभियान के तहत उन्नत किया जाना है। इनमें से 221 संस्थानों के कार्यों को तकनीकी स्वीकृति मिल चुकी है, जो कुल लक्ष्य का 96.09 प्रतिशत है। वहीं, 215 संस्थानों को प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त हुई है, जो कुल का 93.48 प्रतिशत है। प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त 215 स्वास्थ्य संस्थानों में से 49 में कार्य पूरा कर लिया गया है, जबकि 166 संस्थानों में काम अभी प्रगति पर है। इस प्रकार स्वीकृत कार्यों को समय पर पूरा करना स्वास्थ्य विभाग के सामने महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। समीक्षा के दौरान डीएम अभिलाषा शर्मा ने उन स्वास्थ्य संस्थानों पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया, जहां अब तक काम शुरू नहीं हुआ है। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों और प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को अविलंब कार्य शुरू कराने तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने को कहा। डीएम ने स्पष्ट किया कि कार्यों की नियमित निगरानी की जाए और निर्माण एवं मरम्मत की गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाए। उन्होंने अस्पतालों में उपलब्ध परिसंपत्तियों का उचित रखरखाव सुनिश्चित करने तथा जरूरत के अनुसार पेयजल, साफ-सफाई और अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया। 31 मार्च 2027 तक चलेगा अभियान, मरीजों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं राज्य सरकार की ओर से ‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान’ का संचालन 17 सितंबर 2026 से 31 मार्च 2027 तक किया जा रहा है। इसका उद्देश्य सरकारी भवनों और सार्वजनिक परिसंपत्तियों को बेहतर, उपयोगी और क्रियाशील बनाए रखना है। अभियान के तहत मरम्मत, अनुरक्षण और आवश्यक जनसुविधाओं के उन्नयन के साथ विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग किया जाना है। डीएम ने निर्देश दिया कि स्वास्थ्य संस्थानों में निर्धारित मानकों के अनुरूप सूचना पट्ट, ब्रांडिंग और जनजागरूकता सामग्री प्रदर्शित की जाए, ताकि मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी आवश्यक जानकारी आसानी से मिल सके। उन्होंने परिसर की स्वच्छता, भवनों की स्थिति और मरीजों के लिए सुविधाजनक वातावरण विकसित करने पर विशेष जोर दिया। जिला प्रशासन का लक्ष्य अभियान के माध्यम से जिले के सभी संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों को स्वच्छ, व्यवस्थित और बेहतर बुनियादी सुविधाओं से युक्त बनाना है। इससे मरीजों और उनके परिजनों को अस्पतालों में बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। बैठक में सिविल सर्जन डॉ. कृष्ण कुमार, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (स्वास्थ्य) मोहम्मद अनवर आलम, विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। औरंगाबाद जिले के सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए ‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान’ के तहत चल रहे कार्यों में तेजी लाई जाएगी। शनिवार को जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में मरम्मत, अनुरक्षण, सुदृढ़ीकरण और सौंदर्यीकरण के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में सदर अस्पताल, अनुमंडलीय अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और आयुष्मान आरोग्य मंदिर सहित विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में चल रहे कार्यों की जानकारी प्रस्तुत की गई। स्वास्थ्य विभाग की ओर से पीपीटी के माध्यम से कार्यों की प्रगति से डीएम को अवगत कराया गया। समीक्षा के दौरान भवनों की मरम्मत, रंग-रोगन, परिसर की साफ-सफाई, झाड़ियों की कटाई, पेयजल व्यवस्था, सूचना पट्ट लगाने, स्वास्थ्य संस्थानों की ब्रांडिंग और जनजागरूकता सामग्री के प्रदर्शन जैसे विषयों पर चर्चा हुई। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी स्वास्थ्य संस्थानों में स्वच्छ, सुव्यवस्थित और मरीजों के अनुकूल वातावरण विकसित किया जाए, ताकि मरीजों और उनके परिजनों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। 230 संस्थानों में 49 का काम पूरा, 166 में कार्य जारी 22 अक्टूबर तक की प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, औरंगाबाद जिले में कुल 230 स्वास्थ्य संस्थानों को अभियान के तहत उन्नत किया जाना है। इनमें से 221 संस्थानों के कार्यों को तकनीकी स्वीकृति मिल चुकी है, जो कुल लक्ष्य का 96.09 प्रतिशत है। वहीं, 215 संस्थानों को प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त हुई है, जो कुल का 93.48 प्रतिशत है। प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त 215 स्वास्थ्य संस्थानों में से 49 में कार्य पूरा कर लिया गया है, जबकि 166 संस्थानों में काम अभी प्रगति पर है। इस प्रकार स्वीकृत कार्यों को समय पर पूरा करना स्वास्थ्य विभाग के सामने महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। समीक्षा के दौरान डीएम अभिलाषा शर्मा ने उन स्वास्थ्य संस्थानों पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया, जहां अब तक काम शुरू नहीं हुआ है। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों और प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को अविलंब कार्य शुरू कराने तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने को कहा। डीएम ने स्पष्ट किया कि कार्यों की नियमित निगरानी की जाए और निर्माण एवं मरम्मत की गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाए। उन्होंने अस्पतालों में उपलब्ध परिसंपत्तियों का उचित रखरखाव सुनिश्चित करने तथा जरूरत के अनुसार पेयजल, साफ-सफाई और अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया। 31 मार्च 2027 तक चलेगा अभियान, मरीजों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं राज्य सरकार की ओर से ‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान’ का संचालन 17 सितंबर 2026 से 31 मार्च 2027 तक किया जा रहा है। इसका उद्देश्य सरकारी भवनों और सार्वजनिक परिसंपत्तियों को बेहतर, उपयोगी और क्रियाशील बनाए रखना है। अभियान के तहत मरम्मत, अनुरक्षण और आवश्यक जनसुविधाओं के उन्नयन के साथ विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग किया जाना है। डीएम ने निर्देश दिया कि स्वास्थ्य संस्थानों में निर्धारित मानकों के अनुरूप सूचना पट्ट, ब्रांडिंग और जनजागरूकता सामग्री प्रदर्शित की जाए, ताकि मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी आवश्यक जानकारी आसानी से मिल सके। उन्होंने परिसर की स्वच्छता, भवनों की स्थिति और मरीजों के लिए सुविधाजनक वातावरण विकसित करने पर विशेष जोर दिया। जिला प्रशासन का लक्ष्य अभियान के माध्यम से जिले के सभी संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों को स्वच्छ, व्यवस्थित और बेहतर बुनियादी सुविधाओं से युक्त बनाना है। इससे मरीजों और उनके परिजनों को अस्पतालों में बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। बैठक में सिविल सर्जन डॉ. कृष्ण कुमार, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (स्वास्थ्य) मोहम्मद अनवर आलम, विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।  

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