पूर्णिया के बायसी प्रखंड की मल्हरिया पंचायत के चांद टोला वार्ड संख्या 1 में आग लगने से दो परिवारों का सबकुछ तबाह हो गया। यह घटना गैस सिलेंडर सेट करते समय हुई। इस हादसे में इतवारी यादव और दिलीप यादव के घरों में रखी सालों की कमाई, नकदी, आभूषण और जरूरी सामान जलकर राख हो गए। दिलीप यादव की पत्नी सोमा देवी बेलगछी स्थित एजेंसी से भारत गैस का सिलेंडर रिफिल करवाकर अपने घर लाई थीं। घर में जैसे ही सिलेंडर को सेट किया जा रहा था, तभी अचानक उसमें आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। इसके बाद सिलेंडर में ब्लास्ट भी हुआ। नाकाम नहीं लोगों की कोशिश घटना के बाद घर और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने आग पर काबू पाने का कड़ा प्रयास किया, लेकिन आग की लपटें इतनी तेज थीं कि घर में रखा सारा सामान जलकर नष्ट हो गया। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि फायर ब्रिगेड की गाड़ी समय पर नहीं पहुंच पाई। 1 लाख 40 हजार रुपये की नकदी और जेवरात स्वाहा इस भीषण अग्निकांड में दोनों पीड़ित परिवारों को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ी है। आग की भेंट में लगभग 60,000 रुपये नकद चढ़ गए। वहीं करीब 80,000 रुपये मूल्य के जेवर राख हो गए। इसके अलावा घर का अन्य जरूरी सामान, बच्चों की पढ़ाई की किताबें और महत्वपूर्ण कागजात पूरी तरह जल चुके हैं। अचानक हुए इस हादसे के कारण दोनों परिवारों के सामने सिर छिपाने और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। घटना स्थल पहुंचे स्थानीय प्रतिनिधि घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौके पर पहुंचे । स्थानीय मुखिया मुस्तहीद और सरपंच मोहम्मद निजाम ने फोन के माध्यम से घटना की जानकारी प्रशासनिक अधिकारियों को दी। इसके बाद समिति प्रतिनिधि चंदन महतो, उपमुखिया माजिद आलम, शद्दाम और मुन्ना घटनास्थल पर पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मिलकर उनका हाल जाना। तत्काल सहायता का सीओ ने दिया आश्वासन मौके पर पहुंचे बायसी के अंचलाधिकारी गणेश पासवान ने बताया कि पीड़ित परिवारों को तुरंत राहत के रूप में प्लास्टिक शीट उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि पीड़ितों से बातचीत हो चुकी है और उनका आवेदन प्राप्त किया जा रहा है। आवेदन मिलने के बाद सरकारी प्रावधानों के तहत जो भी सहायता राशि देय होगी, वह जल्द से जल्द मुहैया कराई जाएगी। प्रशासन के आश्वासन के बाद पीड़ित परिवारों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद बंधी है, जो अब सरकारी मदद के सहारे अपनी जिंदगी को दोबारा पटरी पर लाने की आस लगाए बैठे हैं। पूर्णिया के बायसी प्रखंड की मल्हरिया पंचायत के चांद टोला वार्ड संख्या 1 में आग लगने से दो परिवारों का सबकुछ तबाह हो गया। यह घटना गैस सिलेंडर सेट करते समय हुई। इस हादसे में इतवारी यादव और दिलीप यादव के घरों में रखी सालों की कमाई, नकदी, आभूषण और जरूरी सामान जलकर राख हो गए। दिलीप यादव की पत्नी सोमा देवी बेलगछी स्थित एजेंसी से भारत गैस का सिलेंडर रिफिल करवाकर अपने घर लाई थीं। घर में जैसे ही सिलेंडर को सेट किया जा रहा था, तभी अचानक उसमें आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। इसके बाद सिलेंडर में ब्लास्ट भी हुआ। नाकाम नहीं लोगों की कोशिश घटना के बाद घर और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने आग पर काबू पाने का कड़ा प्रयास किया, लेकिन आग की लपटें इतनी तेज थीं कि घर में रखा सारा सामान जलकर नष्ट हो गया। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि फायर ब्रिगेड की गाड़ी समय पर नहीं पहुंच पाई। 1 लाख 40 हजार रुपये की नकदी और जेवरात स्वाहा इस भीषण अग्निकांड में दोनों पीड़ित परिवारों को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ी है। आग की भेंट में लगभग 60,000 रुपये नकद चढ़ गए। वहीं करीब 80,000 रुपये मूल्य के जेवर राख हो गए। इसके अलावा घर का अन्य जरूरी सामान, बच्चों की पढ़ाई की किताबें और महत्वपूर्ण कागजात पूरी तरह जल चुके हैं। अचानक हुए इस हादसे के कारण दोनों परिवारों के सामने सिर छिपाने और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। घटना स्थल पहुंचे स्थानीय प्रतिनिधि घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौके पर पहुंचे । स्थानीय मुखिया मुस्तहीद और सरपंच मोहम्मद निजाम ने फोन के माध्यम से घटना की जानकारी प्रशासनिक अधिकारियों को दी। इसके बाद समिति प्रतिनिधि चंदन महतो, उपमुखिया माजिद आलम, शद्दाम और मुन्ना घटनास्थल पर पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मिलकर उनका हाल जाना। तत्काल सहायता का सीओ ने दिया आश्वासन मौके पर पहुंचे बायसी के अंचलाधिकारी गणेश पासवान ने बताया कि पीड़ित परिवारों को तुरंत राहत के रूप में प्लास्टिक शीट उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि पीड़ितों से बातचीत हो चुकी है और उनका आवेदन प्राप्त किया जा रहा है। आवेदन मिलने के बाद सरकारी प्रावधानों के तहत जो भी सहायता राशि देय होगी, वह जल्द से जल्द मुहैया कराई जाएगी। प्रशासन के आश्वासन के बाद पीड़ित परिवारों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद बंधी है, जो अब सरकारी मदद के सहारे अपनी जिंदगी को दोबारा पटरी पर लाने की आस लगाए बैठे हैं।

