विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और अन्य मांगों को लेकर 30 अक्टूबर को त्रिपुरा में रैली आयोजित करेगा। गठबंधन के दो वरिष्ठ नेताओं ने शनिवार को यह जानकारी दी। त्रिपुरा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष जितेंद्र चौधरी ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के नाम पर नागरिकों के मतदान के अधिकार कथित रूप से छीने जा रहे हैं, जिससे देश राष्ट्रीय संकट की ओर बढ़ रहा है।
चौधरी ने आरोप लगाया, ‘‘देशभर में एसआईआर के जरिए अब तक 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं को उनके मताधिकार से वंचित कर दिया गया है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर काम कर रहे हैं, ताकि चुनावी मुकाबलों में भाजपा की जीत सुनिश्चित की जा सके।’’
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के प्रदेश सचिव चौधरी ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल और बिहार में एसआईआर की प्रक्रिया का उद्देश्य दोनों राज्यों के विधानसभा चुनावों में भाजपा की जीत सुनिश्चित करना था। उन्होंने कहा, ‘‘हमें पता चला है कि हमारे राज्य में एसआईआर के जरिए मतदाता सूची से करीब 2.50 लाख मतदाताओं के नाम हटाए जा सकते हैं।
वैध मतदाताओं को मताधिकार से वंचित करने का यह कदम चुनावों में भाजपा को राजनीतिक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है। अगर ऐसा हुआ, तो हम इसके खिलाफ जोरदार आवाज उठाएंगे।’’
कांग्रेस की त्रिपुरा इकाई के अध्यक्ष आशीष कुमार साहा ने कहा कि विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ देशभर में लोगों के मतदान के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहा है। साहा ने कहा, ‘‘त्रिपुरा में आंदोलन तेज करने के लिए हम 30 अक्टूबर को पांच सूत्री मांगपत्र के साथ एक विशाल रैली आयोजित की जाएगी।
इसमें ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और एसआईआर के जरिए मतदाता सूची से हटाए गए नामों को दोबारा शामिल करने की मांग भी की जाएगी।’’

