Double Cleansing Benefits: बाहर से घर लौटने के बाद चेहरे को साफ करना जरूरी होता है। दिनभर धूल, मिट्टी, पसीने और प्रदूषण के संपर्क में रहने से त्वचा पर गंदगी जमा हो सकती है। इससे कुछ लोगों को मुंहासे या त्वचा से जुड़ी दूसरी परेशानियां हो सकती हैं। वहीं, मेकअप और सनस्क्रीन लगाने वालों के चेहरे पर इनकी परत भी रह सकती है, जिसे सामान्य तरीके से चेहरा धोने पर पूरी तरह हटाना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में डबल क्लींजिंग का तरीका अपनाया जा सकता है। आइए जानते हैं कि डबल क्लींजिंग क्या होती है, इसे करने का सही तरीका क्या है और इस दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
Double Cleansing क्या होती है?
क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, डबल क्लींजिंग में चेहरे को दो स्टेप में साफ किया जाता है। पहले स्टेप में तेल आधारित क्लींजर की मदद से मेकअप, सनस्क्रीन और त्वचा पर मौजूद अतिरिक्त तेल हटाया जाता है। इसके बाद पानी आधारित क्लींजर से पसीना, धूल और बची हुई गंदगी साफ की जाती है।
यह तरीका खासतौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकता है, जो रोज मेकअप करते हैं या वाटरप्रूफ मेकअप और सनस्क्रीन लगाते हैं। हालांकि, हर व्यक्ति को डबल क्लींजिंग करने की जरूरत नहीं होती। अगर एक बार हल्के क्लींजर से चेहरा अच्छी तरह साफ हो जाता है, तो दूसरी बार सफाई करना जरूरी नहीं है।
डबल क्लींजिंग करने का सही तरीका क्या है?
क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के मुताबिक, डबल क्लींजिंग करते समय चेहरे को हल्के हाथों से साफ करना चाहिए। इसे चार स्टेप में किया जा सकता है।
- पहला स्टेप: सूखे चेहरे पर तेल आधारित क्लींजर लगाकर हल्के हाथों से गोल-गोल घुमाते हुए मसाज करें। इससे मेकअप, सनस्क्रीन और अतिरिक्त तेल हटाने में मदद मिल सकती है। आंखों के आसपास सफाई करते समय खास सावधानी रखें।
- दूसरा स्टेप: पहले स्टेप के बाद चेहरे को गुनगुने पानी से अच्छी तरह साफ कर लें। बहुत गर्म पानी का इस्तेमाल न करें, क्योंकि इससे त्वचा में रूखापन या जलन हो सकती है।
- तीसरा स्टेप: अब अपनी त्वचा के प्रकार के अनुसार हल्का पानी आधारित क्लींजर लगाएं। हल्के हाथों से चेहरे की सफाई करें और फिर पानी से अच्छी तरह धो लें।
- चौथा स्टेप: साफ और मुलायम तौलिए से चेहरे को थपथपाकर सुखाएं। त्वचा को जोर से रगड़ने से बचें। जरूरत के अनुसार चेहरा साफ करने के बाद मॉइस्चराइजर लगा सकते हैं।
डबल क्लींजिंग के क्या फायदे हैं?
क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, डबल क्लींजिंग से चेहरे पर मौजूद मेकअप, सनस्क्रीन और अतिरिक्त गंदगी हटाने में मदद मिल सकती है। इसके कुछ फायदे इस प्रकार हैं।
- लंबे समय तक टिकने वाले और वाटरप्रूफ मेकअप को साफ करने में तेल आधारित क्लींजर मददगार हो सकता है।
- कुछ सनस्क्रीन त्वचा पर लंबे समय तक टिकती हैं। ऐसे में तेल आधारित क्लींजर के बाद पानी आधारित क्लींजर का इस्तेमाल करके चेहरे को अच्छी तरह साफ किया जा सकता है।
- दूसरे चरण में त्वचा पर बची धूल, पसीने और अतिरिक्त तेल को हटाने में मदद मिल सकती है।
- चेहरा साफ होने के बाद मॉइस्चराइजर जैसे स्किन केयर उत्पाद लगाना आसान हो सकता है।
डबल क्लींजिंग करते समय किन बातों का रखें ध्यान?
- डबल क्लींजिंग करते समय बहुत गर्म पानी का इस्तेमाल न करें।
- क्लींजर लगाते समय त्वचा को जोर से न रगड़ें।
- अपनी त्वचा के प्रकार के अनुसार हल्का क्लींजर चुनें।
- अगर चेहरा धोने के बाद त्वचा में खिंचाव, रूखापन या जलन महसूस हो, तो सफाई के स्टेप कम करें।
- आंखों के आसपास मेकअप हटाते समय सावधानी रखें।
- अगर किसी क्लींजर के इस्तेमाल से लगातार लालिमा या जलन हो, तो उसका इस्तेमाल बंद कर दें।
- त्वचा से जुड़ी परेशानी लगातार बनी रहे, तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लें।
क्या सभी के लिए जरूरी है डबल क्लींजिंग?
क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, ज्यादातर लोगों के लिए हल्के क्लींजर से एक बार अच्छी तरह चेहरा धोना पर्याप्त हो सकता है। डबल क्लींजिंग खासतौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकती है, जो भारी मेकअप या वाटरप्रूफ सनस्क्रीन का इस्तेमाल करते हैं। अगर आप मेकअप नहीं करते और सामान्य तरीके से चेहरा साफ हो जाता है, तो दो बार सफाई करना जरूरी नहीं है।
डिस्क्लेमर: यह लेख इंटरनेट पर उपलब्ध जानकारी के आधार पर सामान्य जागरूकता के उद्देश्य से लिखा गया है। यह किसी भी मेडिकल सलाह का विकल्प नहीं है। त्वचा संबंधी कोई भी समस्या होने पर हमेशा योग्य विशेषज्ञ से परामर्श करें

