औरंगाबाद पहुंचे छत्तीसगढ़ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष:वोट चोरी के मुद्दे पर सरकार को घेरा; मोहन मरकाम बोले- EC की भूमिका निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए

औरंगाबाद पहुंचे छत्तीसगढ़ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष:वोट चोरी के मुद्दे पर सरकार को घेरा; मोहन मरकाम बोले- EC की भूमिका निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष मोहन मरकाम शनिवार को औरंगाबाद पहुंचे। सर्किट हाउस में प्रेस वार्ता कर SIR समेत कई मुद्दों पर सरकार और चुनाव आयोग को घेरा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मोहन मरकाम ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी ने ज्ञानेश कुमार के साथ मिलकर देश की चुनाव प्रक्रिया को कमजोर किया है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के नाम पर बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। मतदाता सूची से नाम हटने के कारण पात्र मतदाताओं को अपने मताधिकार से वंचित होने का खतरा पैदा हो सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर किसी नागरिक का नाम बिना उचित प्रक्रिया के मतदाता सूची से हटाया जाता है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी। राहुल गांधी का किया समर्थन मोहन मरकाम ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठाए गए सवालों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की भूमिका निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए, ताकि किसी भी राजनीतिक दल को चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाने का अवसर न मिले। आरोप लगाया कि चुनाव आयुक्तों की ओर से मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने से संबंधित शिकायतों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। दस्तावेज में चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी का उल्लेख करते हुए दावा किया गया है कि पिछले दस महीनों में मतदाता सूची से नाम हटाने और जोड़ने के मामलों में कई शिकायतें दर्ज कराई गईं, लेकिन उन पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति और एसआईआर पर सवाल कांग्रेस नेता ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने चुनाव आयोग की स्वतंत्रता को कमजोर करने के लिए व्यवस्था में बदलाव किए हैं। चुनाव आयोग जैसे संवैधानिक संस्थान को किसी भी राजनीतिक दबाव से मुक्त रहकर काम करना चाहिए। नए मतदाताओं के नाम जोड़ने और पुराने के नाम हटाने में पारदर्शिता जरूरी है। उन्होंने फॉर्म-6 और फॉर्म-7 की प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि इनका दुरुपयोग होने की आशंका है। निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग मोहन मरकाम ने केंद्र सरकार से मांग करते हुए कहा कि मतदाता सूची से कथित रूप से हटाए गए पात्र मतदाताओं के नामों की जांच कर उन्हें नियमानुसार बहाल किया जाए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से इस मामले में जवाब देने की मांग की। आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की मौजूदा कार्यप्रणाली से उसकी निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर साधा निशाना पूर्व विधायक आनंद सरकार ने भी वोट चोरी के समर्थन में सरकार को घेरा। इस मौके पर पूर्व जिलाध्यक्ष मृत्युंजय सिंह, शैलू दुबे, प्रदीप सिंह, धीरेन्द्र सिंह, अजय सिंह महेन्द्र यादव, सूरज कुमार राय समेत पार्टी के अन्य नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष मोहन मरकाम शनिवार को औरंगाबाद पहुंचे। सर्किट हाउस में प्रेस वार्ता कर SIR समेत कई मुद्दों पर सरकार और चुनाव आयोग को घेरा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मोहन मरकाम ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी ने ज्ञानेश कुमार के साथ मिलकर देश की चुनाव प्रक्रिया को कमजोर किया है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के नाम पर बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। मतदाता सूची से नाम हटने के कारण पात्र मतदाताओं को अपने मताधिकार से वंचित होने का खतरा पैदा हो सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर किसी नागरिक का नाम बिना उचित प्रक्रिया के मतदाता सूची से हटाया जाता है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी। राहुल गांधी का किया समर्थन मोहन मरकाम ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठाए गए सवालों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की भूमिका निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए, ताकि किसी भी राजनीतिक दल को चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाने का अवसर न मिले। आरोप लगाया कि चुनाव आयुक्तों की ओर से मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने से संबंधित शिकायतों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। दस्तावेज में चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी का उल्लेख करते हुए दावा किया गया है कि पिछले दस महीनों में मतदाता सूची से नाम हटाने और जोड़ने के मामलों में कई शिकायतें दर्ज कराई गईं, लेकिन उन पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति और एसआईआर पर सवाल कांग्रेस नेता ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने चुनाव आयोग की स्वतंत्रता को कमजोर करने के लिए व्यवस्था में बदलाव किए हैं। चुनाव आयोग जैसे संवैधानिक संस्थान को किसी भी राजनीतिक दबाव से मुक्त रहकर काम करना चाहिए। नए मतदाताओं के नाम जोड़ने और पुराने के नाम हटाने में पारदर्शिता जरूरी है। उन्होंने फॉर्म-6 और फॉर्म-7 की प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि इनका दुरुपयोग होने की आशंका है। निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग मोहन मरकाम ने केंद्र सरकार से मांग करते हुए कहा कि मतदाता सूची से कथित रूप से हटाए गए पात्र मतदाताओं के नामों की जांच कर उन्हें नियमानुसार बहाल किया जाए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से इस मामले में जवाब देने की मांग की। आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की मौजूदा कार्यप्रणाली से उसकी निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर साधा निशाना पूर्व विधायक आनंद सरकार ने भी वोट चोरी के समर्थन में सरकार को घेरा। इस मौके पर पूर्व जिलाध्यक्ष मृत्युंजय सिंह, शैलू दुबे, प्रदीप सिंह, धीरेन्द्र सिंह, अजय सिंह महेन्द्र यादव, सूरज कुमार राय समेत पार्टी के अन्य नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।  

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