भोपाल मास्टर प्लान-2047 के ड्राफ्ट के विरोध में अब तक 5 हजार से ज्यादा आपत्तियां आ चुकी हैं। इनकी छंटनी में ही करीब 15 दिन लगेंगे। इसके बाद सुनवाई का शेड्यूल जारी होगा। बड़ा तालाब के कैचमेंट एरिया में बदलाव, अवैध निर्माण और चौड़ी सड़क के विरोध में सबसे ज्यादा आपत्तियां मिली हैं। आज रात 12 बजे तक ऑनलाइन दावे-आपत्ति दर्ज किए जा सकेंगे। शाहपुरा स्थित टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के दफ्तर में पिछले 2 दिन से आपत्तियों को दर्ज कराने वालों की भीड़ लगी हुई हैं। शुक्रवार को भारतीय किसान संघ के साथ व्यापारी पहुंचे। कई रहवासियों ने भी निर्माण समेत अन्य विषयों को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। शनिवार रात 12 बजे तक दावे-आपत्ति
दावे-आपत्ति के लिए 30 दिन का समय शनिवार रात 12 बजे पूरा हो जाएगा। चूंकि, इस दिन सरकारी छुट्टी है। इसलिए लोग ऑनलाइन तरीके से ही दावे-आपत्ति लगा सकेंगे। क्रेडाई भोपाल के अध्यक्ष मनोज मीक ने इसे लेकर आपत्ति ली है। उन्होंने संयुक्त संचालक टीएंडसीपी को भेजे गए आवेदन में मांग की है। उन्होंने बताया कि क्रेडाई के साथ अन्य संस्थाएं और नागरिक समूह भी योजना पर आपत्तियां और सुझाव जुटा रहे हैं। आखिरी दिनों में कार्यालय बंद होने या ऑनलाइन आवेदन में परेशानी आने से किसी की बात छूट न जाए, इसके लिए पहले से इंतजाम करने का आग्रह है। प्रकाशन का दिन छोड़ दें तो रविवार आखिरी दिन
क्रेडाई अध्यक्ष मीक ने बताया कि 25 सितंबर के मध्य प्रदेश राजपत्र में योजना के ड्राफ्ट पर आपत्ति-सुझाव देने के लिए प्रकाशन से 30 दिन का समय है। प्रकाशन का दिन छोड़कर गिनें तो 30वां दिन 25 अक्टूबर, रविवार पड़ता है। 24 अक्टूबर को शनिवार है। ऐसे में विभाग से लिखित रूप में साफ करने को कहा गया है कि काउंटर, ईमेल और पोर्टल पर आवेदन किस तारीख और समय तक लिए जाएंगे। आवेदन में दोनों दिन स्टाफ के साथ काउंटर चालू रखने, उनका पता, समय और संपर्क अधिकारी की जानकारी वेबसाइट और नोटिस बोर्ड पर दी जाए। काउंटर की रसीद पर तारीख, समय, आवक नंबर, साथ दिए गए दस्तावेजों की संख्या और लेने वाले अधिकारी का नाम व पद हो। ऑनलाइन आवेदन की रसीद में भी समय, नंबर और भेजी गई फाइलों की जानकारी मिले। BIZ-1 और BIZ-2 जोन हटाने की मांग
किसान चाहते हैं कि उनकी कृषि भूमि का उपयोग खेती के लिए ही सुरक्षित रखा जाए। अनोखी सिंह पटेल के मुताबिक, किसानों के पास आजीविका का प्रमुख साधन खेती है। इसलिए उन्होंने भोजताल संरक्षण जोन-1 (BIZ-1) और जोन-2 (BIZ-2) को हटाने और कृषि भूमि का लैंडयूज कृषि ही रखने की मांग की है। किसान भविष्य को लेकर चिंतित
किसानों का आरोप है कि मौजूदा ड्राफ्ट में बड़ा तालाब के आसपास की कृषि भूमि के भू-उपयोग में बदलाव का प्रस्ताव किया गया है। इसी वजह से किसान अपनी जमीन के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। स्लाइड के जरिए समझे भोपाल का मास्टर प्लान यह खबरें भी पढ़िए… भोपाल के मास्टर प्लान-2047 से किसान और व्यापारी नाराज भोपाल मास्टर प्लान-2047 के ड्राफ्ट के विरोध में शुक्रवार को बड़ी संख्या में किसान शाहपुरा स्थित टीएनसीपी दफ्तर पहुंचे। भारतीय किसान संघ के बैनर तले पहुंचे किसानों ने उपसंचालक हरिओम महेश्वरी को आपत्तियां सौंपीं। किसानों ने कृषि भूमि के भू-उपयोग में बदलाव, बड़े तालाब के कैचमेंट एरिया में निर्माण और सरपंचों को बैठकों में नहीं बुलाने पर सवाल उठाए। पढ़े पूरी खबर मिसरोद के रहवासियों ने 45 मीटर सड़क हटाने की मांग उठाई भोपाल विकास योजना-2047 के नए ड्राफ्ट को लेकर किसानों और स्थानीय रहवासियों ने विरोध जताते हुए आपत्तियां उठाईं। मुगालिया छाप के किसान कृषि भूमि को रिवरफ्रंट, फॉरेस्ट, ग्रीन बेल्ट और अन्य आरक्षित श्रेणियों में शामिल किए जाने के विरोध में पैदल मार्च कर भोपाल पहुंचे। वहीं, मिसरोद के रहवासियों ने पुरानी आबादी के बीच से प्रस्तावित 45 मीटर चौड़ी सड़क को योजना से हटाने की मांग करते हुए नगर तथा ग्राम निवेश (टीएनसीपी) विभाग के समक्ष लिखित आपत्तियां सौंपीं। दोनों पक्षों ने विकास योजना में स्थानीय आबादी, आजीविका, सार्वजनिक संस्थानों और पर्यावरण के हितों को प्राथमिकता देने की मांग की है। रहवासियों ने करीब 2 हजार आपत्तियां दर्ज कराईं। पढ़े पूरी खबर

