भारतीय महिला क्रिकेटर एस मेघना ने 30 साल की उम्र में क्रिकेट के सभी प्रारूपों में खिलाड़ी के तौर पर अपने सफर को अलविदा कह दिया है। भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल चुकी मेघना ने संन्यास की घोषणा करते हुए खेल के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि क्रिकेट के मैदान ने उन्हें मुश्किल हालात में डटे रहना, विनम्र रहना और जिंदगी भर साथ रहने वाली यादें बनाना सिखाया है। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि क्रिकेट से उनका जुड़ाव आगे भी बना रहेगा और वह आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों को तैयार करने में योगदान देना चाहती हैं।
मेघना ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए संदेश में कहा कि खिलाड़ी के तौर पर सभी प्रारूपों से संन्यास लेते समय उनका दिल कृतज्ञता से भरा हुआ है। उनके मुताबिक, क्रिकेट का मैदान उनके लिए दूसरे घर जैसा रहा है। यहां उन्हें खेल के साथ कई अच्छे दोस्त मिले और ऐसे अनुभव हासिल हुए, जिन्हें वह जीवनभर याद रखेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि अब उनका लक्ष्य खेल को कुछ वापस देना और नई पीढ़ी के क्रिकेटरों का मार्गदर्शन करना होगा।
एस मेघना ने भारत के लिए अपना पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला नवंबर 2016 में विजयवाड़ा में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला था। इसके बाद उन्होंने फरवरी 2022 में न्यूजीलैंड के खिलाफ क्वीन्सटाउन में अपना पहला एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेला। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनका सफर बहुत लंबा नहीं रहा, लेकिन उन्हें सीमित ओवरों के दोनों प्रारूपों में अपनी बल्लेबाजी दिखाने का मौका मिला।
मौजूद जानकारी के अनुसार, मेघना ने भारत के लिए 3 एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय और 17 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले। एकदिवसीय क्रिकेट में उनके नाम 114 रन दर्ज हैं, जबकि टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में उन्होंने कुल 258 रन बनाए। खास बात यह है कि उन्होंने दोनों प्रारूपों में 1-1 अर्धशतक लगाया। उन्होंने भारत के लिए अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला 2022 में खेला था।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के अलावा मेघना महिला प्रीमियर लीग में भी खेल चुकी हैं। उन्होंने इस प्रतियोगिता के पहले 3 सत्रों में हिस्सा लिया। 2023 में वह गुजरात जायंट्स की ओर से खेलीं, जबकि 2024 और 2025 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम का हिस्सा रहीं। महिला प्रीमियर लीग में उनका आखिरी मुकाबला 2025 में था। इस प्रतियोगिता में उन्होंने 15 मुकाबलों में 302 रन बनाए, जिसमें 1 अर्धशतक भी शामिल है।
गौरतलब है कि किसी भी खिलाड़ी के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से विदाई लेना आसान फैसला नहीं होता। मेघना ने अपने संदेश में यह संकेत दिया है कि उनका संन्यास खेल से दूरी बनाने के बजाय अपनी भूमिका बदलने का फैसला है। वह अब युवा खिलाड़ियों को अपने अनुभव से मदद देने और क्रिकेट के विकास के लिए काम करने की इच्छा रखती हैं। ऐसे में आने वाले समय में कोचिंग, मार्गदर्शन या खेल से जुड़ी दूसरी जिम्मेदारियों के जरिए उनका अनुभव नए खिलाड़ियों के काम आ सकता है और वह क्रिकेट से जुड़े रहने की अपनी योजना को आगे बढ़ा सकती हैं।

