भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी अश्मिता चालिहा फ्रेंच ओपन में भले ही सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गईं, लेकिन उन्होंने अपने खेल से सभी का ध्यान खींचा है। क्वार्टर फाइनल में भारत की 27 वर्षीय खिलाड़ी को जापान की नोजोमी ओकुहारा के खिलाफ कड़े मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। तीन गेम तक चले इस मुकाबले में अश्मिता ने शानदार वापसी की, लेकिन निर्णायक गेम में जापानी खिलाड़ी के अनुभव के आगे उन्हें 21-10, 17-21, 21-16 से हार झेलनी पड़ी।मुकाबले की शुरुआत ओकुहारा ने बेहतर तरीके से की। उन्होंने तेजी से खेलते हुए 5-1 की बढ़त बना ली और मध्यांतर तक 11-6 से आगे रहीं। ब्रेक के बाद भी जापानी खिलाड़ी ने अपना दबाव बनाए रखा। अश्मिता को लय हासिल करने का ज्यादा मौका नहीं मिला और ओकुहारा ने पहला गेम आसानी से 21-10 से अपने नाम कर लिया।दूसरे गेम में मुकाबले का रुख बदल गया। अश्मिता ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और 4-4 की बराबरी के बाद तेजी से अंक जुटाने शुरू किए। बेहतर नेट खेल और लगातार तेज शॉट्स की मदद से उन्होंने मध्यांतर तक 11-5 की बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद ओकुहारा ने वापसी की कोशिश की और लंबी रैलियों के दौरान अपनी फुर्ती का अच्छा प्रदर्शन करते हुए स्कोर 15-15 तक पहुंचा दिया।ऐसा लग रहा था कि जापानी खिलाड़ी दूसरा गेम भी अपने नाम कर लेंगी, लेकिन अश्मिता ने दबाव में धैर्य बनाए रखा। 16-16 की बराबरी के बाद उन्होंने फिर से बढ़त बनाई। दूसरी ओर, ओकुहारा की कुछ गलतियों का भारतीय खिलाड़ी को फायदा मिला और अश्मिता ने 21-17 से गेम जीतकर मुकाबले को निर्णायक तीसरे गेम तक पहुंचा दिया।तीसरे गेम में भी अश्मिता ने अच्छी शुरुआत करते हुए 4-2 की बढ़त हासिल की। हालांकि, ओकुहारा ने जल्द ही वापसी की और 7-4 से आगे निकल गईं। अश्मिता ने हार नहीं मानी और स्कोर 9-9 कर दिया। मध्यांतर तक जापानी खिलाड़ी 11-9 से आगे थीं, लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने फिर जोर लगाया और 12-12 तथा 14-14 पर बराबरी हासिल कर ली।निर्णायक समय में लगातार संघर्ष का असर अश्मिता के खेल पर दिखाई देने लगा। उनसे कुछ गलतियां हुईं, जिसका ओकुहारा ने फायदा उठाया। जापानी खिलाड़ी ने 20-16 की बढ़त लेकर 4 मैच अंक हासिल किए और पहले ही मौके पर मुकाबला खत्म कर दिया।गौरतलब है कि असम की रहने वाली अश्मिता चालिहा के लिए यह टूर्नामेंट काफी खास रहा। विश्व रैंकिंग में 36वें स्थान पर मौजूद अश्मिता ने क्वार्टर फाइनल से पहले प्री-क्वार्टर फाइनल में 3 बार की विश्व चैंपियन खिलाड़ी को 21-19, 21-18 से हराकर बड़ा उलटफेर किया था। इस जीत के साथ वह पहली बार सुपर 750 स्तर के टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में पहुंची थीं। भले ही उनका सफर यहीं थम गया, लेकिन मजबूत खिलाड़ियों के खिलाफ उनके प्रदर्शन ने भारतीय बैडमिंटन के लिए सकारात्मक संकेत दिए हैं।
भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी अश्मिता चालिहा फ्रेंच ओपन में भले ही सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गईं, लेकिन उन्होंने अपने खेल से सभी का ध्यान खींचा है। क्वार्टर फाइनल में भारत की 27 वर्षीय खिलाड़ी को जापान की नोजोमी ओकुहारा के खिलाफ कड़े मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। तीन गेम तक चले इस मुकाबले में अश्मिता ने शानदार वापसी की, लेकिन निर्णायक गेम में जापानी खिलाड़ी के अनुभव के आगे उन्हें 21-10, 17-21, 21-16 से हार झेलनी पड़ी।
मुकाबले की शुरुआत ओकुहारा ने बेहतर तरीके से की। उन्होंने तेजी से खेलते हुए 5-1 की बढ़त बना ली और मध्यांतर तक 11-6 से आगे रहीं। ब्रेक के बाद भी जापानी खिलाड़ी ने अपना दबाव बनाए रखा। अश्मिता को लय हासिल करने का ज्यादा मौका नहीं मिला और ओकुहारा ने पहला गेम आसानी से 21-10 से अपने नाम कर लिया।
दूसरे गेम में मुकाबले का रुख बदल गया। अश्मिता ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और 4-4 की बराबरी के बाद तेजी से अंक जुटाने शुरू किए। बेहतर नेट खेल और लगातार तेज शॉट्स की मदद से उन्होंने मध्यांतर तक 11-5 की बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद ओकुहारा ने वापसी की कोशिश की और लंबी रैलियों के दौरान अपनी फुर्ती का अच्छा प्रदर्शन करते हुए स्कोर 15-15 तक पहुंचा दिया।
ऐसा लग रहा था कि जापानी खिलाड़ी दूसरा गेम भी अपने नाम कर लेंगी, लेकिन अश्मिता ने दबाव में धैर्य बनाए रखा। 16-16 की बराबरी के बाद उन्होंने फिर से बढ़त बनाई। दूसरी ओर, ओकुहारा की कुछ गलतियों का भारतीय खिलाड़ी को फायदा मिला और अश्मिता ने 21-17 से गेम जीतकर मुकाबले को निर्णायक तीसरे गेम तक पहुंचा दिया।
तीसरे गेम में भी अश्मिता ने अच्छी शुरुआत करते हुए 4-2 की बढ़त हासिल की। हालांकि, ओकुहारा ने जल्द ही वापसी की और 7-4 से आगे निकल गईं। अश्मिता ने हार नहीं मानी और स्कोर 9-9 कर दिया। मध्यांतर तक जापानी खिलाड़ी 11-9 से आगे थीं, लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने फिर जोर लगाया और 12-12 तथा 14-14 पर बराबरी हासिल कर ली।
निर्णायक समय में लगातार संघर्ष का असर अश्मिता के खेल पर दिखाई देने लगा। उनसे कुछ गलतियां हुईं, जिसका ओकुहारा ने फायदा उठाया। जापानी खिलाड़ी ने 20-16 की बढ़त लेकर 4 मैच अंक हासिल किए और पहले ही मौके पर मुकाबला खत्म कर दिया।
गौरतलब है कि असम की रहने वाली अश्मिता चालिहा के लिए यह टूर्नामेंट काफी खास रहा। विश्व रैंकिंग में 36वें स्थान पर मौजूद अश्मिता ने क्वार्टर फाइनल से पहले प्री-क्वार्टर फाइनल में 3 बार की विश्व चैंपियन खिलाड़ी को 21-19, 21-18 से हराकर बड़ा उलटफेर किया था। इस जीत के साथ वह पहली बार सुपर 750 स्तर के टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में पहुंची थीं। भले ही उनका सफर यहीं थम गया, लेकिन मजबूत खिलाड़ियों के खिलाफ उनके प्रदर्शन ने भारतीय बैडमिंटन के लिए सकारात्मक संकेत दिए हैं।
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