बिहार विधान परिषद चुनाव से पहले पटना में उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब पुलिस देर रात शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से RJD उम्मीदवार डॉ. संजीव कुमार के घर पहुंची। तेजस्वी यादव ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए सरकार पर निशाना साधा।
Bihar MLC Election: बिहार विधान परिषद की आठ स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए मतदान शुरू होने से कुछ घंटे पहले राजधानी पटना में देर रात भारी हंगामा हुआ। रात करीब एक बजे पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से राष्ट्रीय जनता दल (RJD) उम्मीदवार डॉ. संजीव कुमार के आवास पर पुलिस की एक टीम पहुंच गई।
बताया जा रहा है कि पुलिस और स्थानीय प्रशासन को सूचना मिली थी कि उम्मीदवार के घर पर कुछ संदिग्ध लोग इकट्ठा हुए हैं, जो नकदी या अन्य चीजें बांटकर चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि, उम्मीदवार ने इसे प्रशासन की दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई बताते हुए पुलिस के लिए दरवाजा खोलने से साफ इनकार कर दिया।
डॉ संजीव ने नहीं खोला घर का गेट
जब पुलिस टीम डॉ. संजीव कुमार के घर पहुंची, तो वहां अफरा-तफरी मच गई। RJD उम्मीदवार ने पुलिस अधिकारियों से सर्च वारंट दिखाने की मांग की और दरवाजा खोलने से मना कर दिया। डॉ. संजीव कुमार ने आरोप लगाया है कि हार के डर से सत्ताधारी पार्टी प्रशासन का गलत इस्तेमाल कर रही है, ताकि विपक्षी उम्मीदवारों और उनके समर्थकों का मनोबल तोड़ा जा सके। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष चुनाव कराने के बजाय, पुलिस विपक्ष को परेशान करने का काम कर रही है।
तेजस्वी यादव ने उठाए सवाल
इस घटना की जानकारी मिलने के बाद बिहार में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोला। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर घटना का एक वीडियो शेयर करते हुए तेजस्वी ने सवाल उठाया कि बिना किसी वैध सर्च वारंट के रात एक बजे RJD उम्मीदवार के घर पुलिस क्यों भेजी गई।
तेजस्वी ने अपने पोस्ट में लिखा, “जब सात हत्याओं का आरोपी और आपराधिक रिकॉर्ड वाला व्यक्ति राज्य का मुख्यमंत्री बन जाता है, तो पुलिस बल का चरित्र भी अपराधी जैसा हो जाता है। शिक्षक और स्नातक निर्वाचन में हमारे उम्मीदवार के घर पर बिना किसी सर्च वारंट के रात एक बजे पुलिस भेज कर हताश करने की असफल कोशिश करने वाले डरपोक मुख्यमंत्री एवं उनकी माफिया पुलिस से लालू प्रसाद जी और RJD के कार्यकर्ता व नेता डरने वाले नहीं है। 2 नंबरी सरकार का 10 नंबरी अपराधी मुख्यमंत्री अभी भी गलतफहमी पाले हुए है। नरेंद्र मोदी ने बंदर के हाथ में उस्तरा देकर बिहार को बर्बाद करने की ठानी है।”

