भारत के प्रमोद बिजारनिया और निमिषा चाक्कुंगालपाराम्बिल ने एशियाई पैरा खेलों में शुक्रवार को क्रमश: पुरूषों की 1500 मीटर टी46 और महिलाओं की ऊंची कूद टी47 स्पर्धा में रजत पदक जीता। निमिषा ने 5 . 37 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ रजत पदक हासिल किया जबकि श्रीलंका की धनंजना विक्रमसिंघे ने खेलों के रिकॉर्ड 5 . 52 मीटर के साथ स्वर्ण पदक जीता। चीन की चेन जिन ने 5 . 17 मीटर के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया।पुरूषों के 1500 मीटर टी46 फाइनल में प्रमोद ने चार मिनट 09.65 सेकंड का समय निकालकर रजत पदक जीता। श्रीलंका के पुवाकपितिकांदे पी वाहुमपुरागे रिकॉर्ड चार मिनट 03.25 सेकंड का समय निकालकर शीर्ष पर रहे। फिलीपींस के किंग जेम्स रेयेस को कांस्य पदक मिला जिन्होंने चार मिनट 13 . 18 सेकंड का समय निकाला।पैरा-एथलेटिक्स में टी46 श्रेणी खड़े होकर प्रतिस्पर्धा करने वाले उन एथलीटों के लिए है जिनके ऊपरी अंगों में कोई कमी या अक्षमता है। जैसे कि कोहनी के ऊपर या नीचे से एक हाथ का न होना, या कंधे या कोहनी से जुड़ी कोई अन्य गंभीर कार्यात्मक अक्षमता होना। टी47 श्रेणी उन एथलीटों के लिए है जिनके शरीर के ऊपरी हिस्से के एक तरफ (यानी एक हाथ में) कोई कमी या विकार हो मसलन कोहनी या कलाई के नीचे से हाथ का न होना, हाथ का जन्म से न होना, या किसी एक हाथ की मांसपेशियों की ताकत कम होना या हाथ की गति सीमित होना।भारत के प्रवीण शर्मा पुरूषों के चक्काफेंक एफ11 फाइनल में 30 . 64 मीटर के प्रयास के साथ चौथे स्थान पर रहे। ईरान ने तीनों पदक जीते।
भारत के प्रमोद बिजारनिया और निमिषा चाक्कुंगालपाराम्बिल ने एशियाई पैरा खेलों में शुक्रवार को क्रमश: पुरूषों की 1500 मीटर टी46 और महिलाओं की ऊंची कूद टी47 स्पर्धा में रजत पदक जीता। निमिषा ने 5 . 37 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ रजत पदक हासिल किया जबकि श्रीलंका की धनंजना विक्रमसिंघे ने खेलों के रिकॉर्ड 5 . 52 मीटर के साथ स्वर्ण पदक जीता। चीन की चेन जिन ने 5 . 17 मीटर के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया।
पुरूषों के 1500 मीटर टी46 फाइनल में प्रमोद ने चार मिनट 09.65 सेकंड का समय निकालकर रजत पदक जीता। श्रीलंका के पुवाकपितिकांदे पी वाहुमपुरागे रिकॉर्ड चार मिनट 03.25 सेकंड का समय निकालकर शीर्ष पर रहे। फिलीपींस के किंग जेम्स रेयेस को कांस्य पदक मिला जिन्होंने चार मिनट 13 . 18 सेकंड का समय निकाला।
पैरा-एथलेटिक्स में टी46 श्रेणी खड़े होकर प्रतिस्पर्धा करने वाले उन एथलीटों के लिए है जिनके ऊपरी अंगों में कोई कमी या अक्षमता है। जैसे कि कोहनी के ऊपर या नीचे से एक हाथ का न होना, या कंधे या कोहनी से जुड़ी कोई अन्य गंभीर कार्यात्मक अक्षमता होना। टी47 श्रेणी उन एथलीटों के लिए है जिनके शरीर के ऊपरी हिस्से के एक तरफ (यानी एक हाथ में) कोई कमी या विकार हो मसलन कोहनी या कलाई के नीचे से हाथ का न होना, हाथ का जन्म से न होना, या किसी एक हाथ की मांसपेशियों की ताकत कम होना या हाथ की गति सीमित होना।
भारत के प्रवीण शर्मा पुरूषों के चक्काफेंक एफ11 फाइनल में 30 . 64 मीटर के प्रयास के साथ चौथे स्थान पर रहे। ईरान ने तीनों पदक जीते।
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