मध्य पूर्व में तनाव चरम पर है। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को साफ कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उन्हें ईरान के खिलाफ अंतिम निर्णायक कार्रवाई में अपना मुख्य साझेदार मानते हैं। नेतन्याहू के अनुसार ट्रंप चाहते हैं कि दोनों मिलकर ‘काम पूरा’ करें। उन्होंने तेहरान को स्पष्ट चेतावनी दी कि अगर ईरान कोई नया हमला करता है तो इजरायल ऐसा जवाब देगा जिसकी कल्पना भी मुश्किल है। यह बयान क्षेत्रीय सुरक्षा की चिंता बढ़ाने वाला है।
ट्रंप के समर्थन का दावा, ईरान के खिलाफ मिलकर कार्रवाई के संकेत
जेरूसलम से एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हालिया बयान में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थन का जिक्र करते हुए कहा कि ट्रंप उनके साथ मिलकर ईरान के खिलाफ काम पूरा करना चाहते हैं। नेतन्याहू ने जोर देकर बताया कि ट्रंप ने उन्हें इस मिशन के लिए सबसे उपयुक्त नेता माना है।
एएफपी के अनुसार, नेतन्याहू ने चेतावनी दी कि अगर तेहरान कोई नया हमला करता है तो इजरायल ‘ताकत और शक्ति’ का इस्तेमाल करेगा जो ईरान की कल्पना से भी कहीं आगे होगा। उन्होंने कहा, “वे ऐसी ताकत का सामना करेंगे जिसकी वे कल्पना भी नहीं कर सकते।”
यह बयान उस समय आया है जब ईरान और इजरायल के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ है। पिछले वर्षों में दोनों देशों के बीच साइबर हमले, प्रॉक्सी संघर्ष और सीधे सैन्य जवाबी कार्रवाइयों की घटनाएं सामने आई हैं। 2024 में ईरान द्वारा इजरायल पर ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद इजरायल ने जवाबी कार्रवाई की थी। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद अमेरिका का रुख ईरान के खिलाफ और सख्त हो सकता है।
नेतन्याहू की सरकार लंबे समय से ईरान के परमाणु कार्यक्रम को अपनी सबसे बड़ी सुरक्षा चुनौती बताती रही है। इजरायल का आरोप है कि तेहरान क्षेत्रीय आतंकवादी समूहों को समर्थन देकर शांति को खतरा पहुंचा रहा है। दूसरी ओर ईरान इन आरोपों से इनकार करता रहा है और अपनी रक्षात्मक तैयारियों का दावा करता है।
अंतरराष्ट्रीय विश्लेषक इस बयान को सिर्फ चेतावनी नहीं, बल्कि रणनीतिक संदेश मान रहे हैं। ट्रंप प्रशासन के दौरान पहले भी ईरान पर सख्त प्रतिबंध लगाए गए थे। अब नेतन्याहू ट्रंप के साथ घनिष्ठ सहयोग की उम्मीद जता रहे हैं।
मध्य पूर्व की अस्थिरता वैश्विक तेल बाजार और क्षेत्रीय सुरक्षा दोनों को प्रभावित कर सकती है। संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय संघ समेत कई अंतरराष्ट्रीय संगठन तनाव कम करने की अपील कर चुके हैं, लेकिन फिलहाल स्थिति नाजुक बनी हुई है।
एएफपी की इस रिपोर्ट से साफ है कि इजरायल और अमेरिका के बीच ईरान को लेकर एकजुटता का नया अध्याय शुरू हो सकता है। नेतन्याहू का यह बयान न सिर्फ तेहरान के लिए चेतावनी है, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए सतर्क रहने का संकेत भी है।


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