बिहार को अपना पहला नेशनल एक्सप्रेस-वे (एनई-9) मिलने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 20 नवंबर को 31987 करोड़ रुपए की लागत वाले पटना-पूर्णिया एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्य का शुभारंभ करेंगे। 245 किलोमीटर लंबे इस 6-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे पर गाड़ियां 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी, जिससे पटना से पूर्णिया का सफर घटकर महज 3 घंटे रह जाएगा। वर्तमान में इस दूरी को तय करने में 7 से साढ़े 8 घंटे का समय लगता है। केंद्र सरकार ने इस वर्ष फरवरी-मार्च में इसे नेशनल एक्सप्रेस-वे घोषित किया था। यह एक्सप्रेस-वे वैशाली के मीरनगर (एनएच-22) से शुरू होकर समस्तीपुर, दरभंगा, सहरसा और मधेपुरा होते हुए पूर्णिया के चंद भट्ठी (एनएच-27) तक जाएगा। यह सड़क पटना रिंग रोड से जुड़ेगी। इसके जमीनी निर्माण पर 12,052 करोड़ रुपए खर्च होंगे। समस्तीपुर, सहरसा और मधेपुरा जिला मुख्यालयों को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए संपर्क मार्ग (स्पर) बनेंगे। व्यापारियों और निवेशकों के लिए यह मार्ग बेहद अहम साबित होगा। एक्सप्रेस-वे का नेटवर्क और जमीनी तैयारी कनेक्टिविटी का विस्तार अभी पटना से पूर्णिया जाने में 7 से 8 घंटे लगते हैं उत्तर बिहार के कायाकल्प का आधार उत्तर बिहार के विकास और समृद्धि का नया कॉरिडोर एनई-9 केवल एक सड़क नहीं, बल्कि उत्तर बिहार के आर्थिक और सामाजिक कायाकल्प का आधार है। पटना से पूर्णिया की दूरी 3 घंटे में सिमटने से समय और ईंधन की भारी बचत होगी। कोसी और सीमांचल के किसानों को अपने उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने में आसानी होगी। 5 एयरपोर्ट, 9 एनएच और 8 एसएच से सीधी कनेक्टिविटी मिलने से व्यापार, इलाज तथा रोजगार के नए द्वार खुलेंगे। यह विकास की लाइफलाइन साबित होगा। बिहार को अपना पहला नेशनल एक्सप्रेस-वे (एनई-9) मिलने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 20 नवंबर को 31987 करोड़ रुपए की लागत वाले पटना-पूर्णिया एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्य का शुभारंभ करेंगे। 245 किलोमीटर लंबे इस 6-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे पर गाड़ियां 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी, जिससे पटना से पूर्णिया का सफर घटकर महज 3 घंटे रह जाएगा। वर्तमान में इस दूरी को तय करने में 7 से साढ़े 8 घंटे का समय लगता है। केंद्र सरकार ने इस वर्ष फरवरी-मार्च में इसे नेशनल एक्सप्रेस-वे घोषित किया था। यह एक्सप्रेस-वे वैशाली के मीरनगर (एनएच-22) से शुरू होकर समस्तीपुर, दरभंगा, सहरसा और मधेपुरा होते हुए पूर्णिया के चंद भट्ठी (एनएच-27) तक जाएगा। यह सड़क पटना रिंग रोड से जुड़ेगी। इसके जमीनी निर्माण पर 12,052 करोड़ रुपए खर्च होंगे। समस्तीपुर, सहरसा और मधेपुरा जिला मुख्यालयों को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए संपर्क मार्ग (स्पर) बनेंगे। व्यापारियों और निवेशकों के लिए यह मार्ग बेहद अहम साबित होगा। एक्सप्रेस-वे का नेटवर्क और जमीनी तैयारी कनेक्टिविटी का विस्तार अभी पटना से पूर्णिया जाने में 7 से 8 घंटे लगते हैं उत्तर बिहार के कायाकल्प का आधार उत्तर बिहार के विकास और समृद्धि का नया कॉरिडोर एनई-9 केवल एक सड़क नहीं, बल्कि उत्तर बिहार के आर्थिक और सामाजिक कायाकल्प का आधार है। पटना से पूर्णिया की दूरी 3 घंटे में सिमटने से समय और ईंधन की भारी बचत होगी। कोसी और सीमांचल के किसानों को अपने उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने में आसानी होगी। 5 एयरपोर्ट, 9 एनएच और 8 एसएच से सीधी कनेक्टिविटी मिलने से व्यापार, इलाज तथा रोजगार के नए द्वार खुलेंगे। यह विकास की लाइफलाइन साबित होगा।

