8 सीट-150 कैंडिडेट, 933 बूथ पर 8 बजे से वोटिंग:5.32 लाख वोटर कैसे डालेंगे वोट, क्या रखें सावधानी, जानिए जरूरी बातें

8 सीट-150 कैंडिडेट, 933 बूथ पर 8 बजे से वोटिंग:5.32 लाख वोटर कैसे डालेंगे वोट, क्या रखें सावधानी, जानिए जरूरी बातें

बिहार विधान परिषद की 8 सीटों के लिए आज मतदान है। 4 स्नातक और 4 शिक्षक सीट के लिए कुल 150 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। 5,32,847 मतदाता वोटिंग के पात्र हैं। पूरे बिहार में 933 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। वोटिंग सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक होगी। 27 अक्टूबर को वोटों की गिनती होगी और नतीजे आएंगे। चुनाव में एनडीए, महागठबंधन और प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी के बीच मुकाबला है। इन सीटों पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 16 नवंबर 2026 को समाप्त हो रहा है। चुनाव लड़ रहे हैं 150 प्रत्याशी स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों से 90 और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों से 60 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। एनडीए की ओर से भाजपा और जदयू चार-चार सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं। महागठबंधन के घटक दल राजद, कांग्रेस और वाम दलों के उम्मीदवार अलग-अलग सीटों पर अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। जनसुराज के सभी आठ सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। 5.32 लाख मतदाता करेंगे फैसला स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाताओं की संख्या शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की तुलना में काफी अधिक है। कुल 5,32,847 मतदाताओं में 4,92,594 स्नातक मतदाता हैं। इनके लिए 598 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में 40,253 मतदाता वोट डालने के पात्र हैं। इनके लिए 335 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। अनंत सिंह और नीरज कुमार के टकराव से हॉट बनी पटना स्नातक सीट चुनाव में पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र पर खास नजर है। यहां जदयू के नीरज कुमार, कांग्रेस के असद उल्लाह खान और जन सुराज के डॉ. अनुज सिंह समेत कई प्रत्याशी मैदान में हैं। मोकामा से जदयू विधायक अनंत सिंह ने जनसुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह का समर्थन किया है। उन्होंने जदयू के प्रत्याशी नीरज कुमार की जमानत जब्त कराने की बात कही है। दोनों नेताओं के टकराव से इस सीट की चर्चा अधिक है। अनंत सिंह ने अनुज सिंह के समर्थन में रोड शो किए हैं। इस दौरान वाहनों की संख्या और हूटर के इस्तेमाल के चलते आदर्श चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन का मामला अनंत सिंह और अनुज सिंह के खिलाफ दर्ज किए जाने की बात कही गई है। अब 6 सवालों के जवाब में जानिए MLC चुनाव के बारे में जरूरी बातें सवाल 1- MLC चुनाव के लिए वोटिंग कैसे होती है? जवाब: विधानसभा या लोकसभा चुनाव की तरह MLC चुनाव में EVM से वोट नहीं डाले जाते। वोटिंग बैलेट पेपर से होती है। वोटर को बैलेट पेपर पर अपने पसंद के उम्मीदवार के लिए प्राथमिकता क्रमांक लिखना होता है। बैलेट पेपर पर उम्मीदवारों के नाम होते हैं। इसमें से जो उम्मीदवार आपको सबसे ज्यादा पसंद हो उसके सामने 1 लिखना होता है। आगे आप चाहें तो दूसरे उम्मीदवारों के सामने 2 और तीसरे उम्मीदवार के सामने 3 लिख सकते हैं। सिर्फ 1 लिखना भी मान्य होगा। सवाल 2- वोट रद्द क्यों होते हैं? जवाब: आप प्राथमिकता में जिसको वोट देना चाहते हैं इसके आगे अंक में (1) लिखना है। आपने शब्द में (एक) लिख दिया तो वोट रद्द हो जाएगा। सवाल 3- MLC चुनाव में वोटर कौन होते हैं? जवाब: सिलसिलेवार तरीके से जानिए… सवाल 4- किस कोटे से कितने MLC चुने जाते हैं? जवाब: बिहार विधान परिषद में कुल 75 सदस्य होते हैं। इन्हें 5 तरह से चुना जाता है। सवाल 5- MLC चुनाव के नतीजे कैसे आते हैं? जवाब: एक वोटर एक से अधिक उम्मीदवार को पहली, दूसरी, तीसरी वरीयता का वोट दे सकते हैं। पहली वरीयता के एक वोट को एक वोट गिना जाता है। दूसरी वरीयता के दो वोट को एक गिना जाता है। सवाल 6- MLA और MLC में क्या अंतर है? जवाब: MLA विधानसभा के सदस्य होते हैं। वहीं, MLC विधान परिषद के सदस्य होते हैं। अब जानिए, सीटों का समीकरण क्या कहता है 1- पटना स्नातक; नीरज कुमार के सामने अनंत सिंह की चुनौती इस सीट पर जदयू के नीरज कुमार, जन सुराज के डॉ अनुज सिंह और राजद के दिलीप कुमार के बीच मुकाबला है। अनंत सिंह खुद चुनाव नहीं लड़ रहे हैं, लेकिन चर्चा में हैं। वह जनसुराज के उम्मीदवार अनुज कुमार का साथ दे रहे हैं। अनंत और नीरज के बीच बयानों के तीर खूब चले। अनंत ने कहा है कि हर हाल में नीरज कुमार को हरवाएंगे। एक ही पार्टी के दो भूमिहार नेता आपस में भिड़े हुए हैं। अनुज भी भूमिहार हैं। 2020 में नीरज कुमार ने इस सीट पर आरजेडी के आजाद गांधी को हराया था। नीरज को 20948 और आजाद गांधी को 12696 वोट मिले थे। नीरज 8252 वोटों से जीते थे। रविरंजन और दिलीप कुमार निर्दलीय प्रत्याशी थे। वोटर की संख्या 1,11,462 थी। 2- पटना शिक्षक सीट; नवल किशोर का संजीव सिंह से मुकाबला बीजेपी से एक बार फिर नवल किशोर यादव उम्मीदवार हैं। इनका मुकाबला राजद के संजीव कुमार सिंह से है। वह परबत्ता से पूर्व विधायक हैं। यहां 16689 वोटर एमएलसी चुनेंगे। नवल किशोर ने 2020 में लगातार पांचवीं बार जीत हासिल की थी। उन्होंने आरजेडी के उम्मीदवार नारायण यादव को हराया था। नवल यादव को 3176 और नारायण यादव को 1913 वोट मिले थे। 9551 वोटर थे, जिनमें से 6350 ने मतदान किया था। 5766 वोट मान्य पाए गए थे। 3- दरभंगा स्नातक सीट; छात्र नेता दिलीप कुमार मैदान में आरजेडी ने अनिल कुमार झा को मैदान में उतारा है। इस सीट पर छात्र नेता दिलीप कुमार निर्दलीय लड़ रहे हैं। जेडीयू ने दरभंगा शिक्षक सीट से उम्मीदवार उतारने के बदले दरभंगा स्नातक सीट पर अपना दावा छोड़ दिया है। इसलिए यह सीट एनडीए में भाजपा के हिस्से में गई है। पिछली बार निर्दलीय लड़कर जीत हासिल करने वाले सर्वेश कुमार बीजेपी से उम्मीदवार हैं। यहां 127216 वोटर एमएलसी चुनेंगे। 2020 के चुनाव में निर्दलीय सर्वेश कुमार ने जीत हासिल की थी। उन्होंने जेडीयू के डॉ. दिलीप कुमार चौधरी को हराया था। आरजेडी से अनिल कुमार झा मैदान में थे। सर्वेश कुमार को 15595 और डॉ. दिलीप कुमार चौधरी को 11676 वोट मिले थे। जीत का अंतर 3919 था। 4- दरभंगा शिक्षक सीट; मदन मोहन झा को घनश्याम राय की चुनौती इस सीट से कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मदन मोहन झा मैदान में हैं। एनडीए की तरफ से जेडीयू के प्रो. घनश्याम राय उम्मीदवार हैं। वह मुंगेर यूनिवर्सिटी में रजिस्ट्रार हैं। एनओयू और पूर्णिया यूनिवर्सिटी में रजिस्ट्रार रहे हैं। यहां 8967 वोटर एमएसी चुनेंगे। 2020 के चुनाव में मदन मोहन झा ने बीजेपी के सुरेश प्रसाद राय को हराया था। मदन मोहन को 5011 और सुरेश को 2917 वोट मिले थे। 5- तिरहुत स्नातक सीट; अभिषेक झा और डॉ. रश्मि विनायक गौतम के बीच टक्कर यहां अभिषेक झा फिर से जेडीयू के टिकट पर मैदान में हैं। आरजेडी ने डॉ. रश्मि विनायक गौतम को उतारा है। विनायक अक्टूबर 2025 में जन सुराज छोड़कर राजद में शामिल हुईं थीं। यहां 135023 वोटर एमएलसी चुनेंगे। 2020 में यहां से जेडीयू नेता और पूर्व विधान परिषद सभापति देवेश चंद्र ठाकुर विजयी हुए थे। उन्होंने आरजेडी के मनीष मोहन को हराया था। देवेश चंद्र ठाकुर के लोकसभा चुनाव जीतने पर 2024 में उपचुनाव कराया गया। जेडीयू की ओर से अभिषेक झा उम्मीदवार थे। उन्हें निर्दलीय बंशीधर ब्रजवासी ने हराया था। बंशीधर शिक्षा विभाग के एसीएस के.के. पाठक के समय शिक्षक की नौकरी से बर्खास्त किए गए। उसके बाद वह चुनाव लड़े और 23003 वोट लाकर जीते। जनसुराज की रश्मि विनायक गौतम को 12467 वोट मिले। आरजेडी के गोपी किशन को 11600 और जेडीयू के अभिषेक झा को 10316 वोट मिले थे। 6- तिरहुत शिक्षक सीट; सीपीआई के संजय सिंह फिर से मैदान में सीपीआई के संजय कुमार सिंह फिर से मैदान में हैं। जनसुराज ने यहां से श्याम नंदन यादव को उतारा है। नरेंद्र सिंह भाजपा के प्रत्याशी हैं। 9204 वोटर एमएलसी चुनेंगे। यहां पिछली बार सीपीआई के संजय कुमार सिंह ने चुनाव जीता था। संजय सिंह ने 3324 वोट लाकर भूषण झा को हराया था। भूषण को 2015 वोट मिले थे। डॉ. नरेन्द्र प्रसाद सिंह को 1404 वोट मिले थे। 7- कोसी स्नातक सीट; डॉ. एन.के यादव और नितेश कुमार के बीच टक्कर बीजेपी ने डॉ. एन.के यादव को उम्मीदवार बनाया है। आरजेडी से नितेश कुमार को उतारा है। जनसुराज ने रजनीश रंजन को उतारा है। वह शिक्षा से जुड़े संस्थान चलाते हैं। यहां 134593 वोटर एमएलसी चुनेंगे। 2020 के चुनाव में बीजेपी के डॉ. एन.के. यादव जीते थे। इन्होंने आरजेडी के नितेश कुमार को हराया था। कांग्रेस से प्रदीप कुमार मैदान में थे। एनके यादव को 20841 वोट और आरजेडी के नीतेश कुमार को 13940 वोट मिले थे। 8- सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र; जन सुराज ने अफाक अहमद को उतारा जनसुराज ने अफाक अहमद को टिकट दिया है। आरजेडी ने प्रो. जयराम यादव और जेडीयू ने आनंद पुष्कर को उतारा है। आनंद फरवरी 2026 में सीपीआई छोड़कर जेडीयू में चले गए थे। यहां 10800 वोटर एमएलसी चुनेंगे। 2020 में यहां से सीपीआई नेता केदार पांडेय चुनाव जीते थे। उन्होंने बीजेपी के चंद्रमा सिंह को हराया था। केदार पांडेय के निधन के बाद 2023 में उपचुनाव हुआ। उपचुनाव में जनसुराज के समर्थन से अफाक अहमद 674 वोट से चुनाव जीते। महागठबंधन ने केदार पांडेय के पुत्र को उतारा था कि सहानुभूति वोट मिल जाए लेकिन ऐसा नहीं हो सका। केदार पांडेय के पुत्र और सीपीआई के प्रत्याशी आनंद पुष्कर चुनाव हार गए थे। बिहार विधान परिषद की 8 सीटों के लिए आज मतदान है। 4 स्नातक और 4 शिक्षक सीट के लिए कुल 150 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। 5,32,847 मतदाता वोटिंग के पात्र हैं। पूरे बिहार में 933 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। वोटिंग सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक होगी। 27 अक्टूबर को वोटों की गिनती होगी और नतीजे आएंगे। चुनाव में एनडीए, महागठबंधन और प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी के बीच मुकाबला है। इन सीटों पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 16 नवंबर 2026 को समाप्त हो रहा है। चुनाव लड़ रहे हैं 150 प्रत्याशी स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों से 90 और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों से 60 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। एनडीए की ओर से भाजपा और जदयू चार-चार सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं। महागठबंधन के घटक दल राजद, कांग्रेस और वाम दलों के उम्मीदवार अलग-अलग सीटों पर अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। जनसुराज के सभी आठ सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। 5.32 लाख मतदाता करेंगे फैसला स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाताओं की संख्या शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की तुलना में काफी अधिक है। कुल 5,32,847 मतदाताओं में 4,92,594 स्नातक मतदाता हैं। इनके लिए 598 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में 40,253 मतदाता वोट डालने के पात्र हैं। इनके लिए 335 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। अनंत सिंह और नीरज कुमार के टकराव से हॉट बनी पटना स्नातक सीट चुनाव में पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र पर खास नजर है। यहां जदयू के नीरज कुमार, कांग्रेस के असद उल्लाह खान और जन सुराज के डॉ. अनुज सिंह समेत कई प्रत्याशी मैदान में हैं। मोकामा से जदयू विधायक अनंत सिंह ने जनसुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह का समर्थन किया है। उन्होंने जदयू के प्रत्याशी नीरज कुमार की जमानत जब्त कराने की बात कही है। दोनों नेताओं के टकराव से इस सीट की चर्चा अधिक है। अनंत सिंह ने अनुज सिंह के समर्थन में रोड शो किए हैं। इस दौरान वाहनों की संख्या और हूटर के इस्तेमाल के चलते आदर्श चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन का मामला अनंत सिंह और अनुज सिंह के खिलाफ दर्ज किए जाने की बात कही गई है। अब 6 सवालों के जवाब में जानिए MLC चुनाव के बारे में जरूरी बातें सवाल 1- MLC चुनाव के लिए वोटिंग कैसे होती है? जवाब: विधानसभा या लोकसभा चुनाव की तरह MLC चुनाव में EVM से वोट नहीं डाले जाते। वोटिंग बैलेट पेपर से होती है। वोटर को बैलेट पेपर पर अपने पसंद के उम्मीदवार के लिए प्राथमिकता क्रमांक लिखना होता है। बैलेट पेपर पर उम्मीदवारों के नाम होते हैं। इसमें से जो उम्मीदवार आपको सबसे ज्यादा पसंद हो उसके सामने 1 लिखना होता है। आगे आप चाहें तो दूसरे उम्मीदवारों के सामने 2 और तीसरे उम्मीदवार के सामने 3 लिख सकते हैं। सिर्फ 1 लिखना भी मान्य होगा। सवाल 2- वोट रद्द क्यों होते हैं? जवाब: आप प्राथमिकता में जिसको वोट देना चाहते हैं इसके आगे अंक में (1) लिखना है। आपने शब्द में (एक) लिख दिया तो वोट रद्द हो जाएगा। सवाल 3- MLC चुनाव में वोटर कौन होते हैं? जवाब: सिलसिलेवार तरीके से जानिए… सवाल 4- किस कोटे से कितने MLC चुने जाते हैं? जवाब: बिहार विधान परिषद में कुल 75 सदस्य होते हैं। इन्हें 5 तरह से चुना जाता है। सवाल 5- MLC चुनाव के नतीजे कैसे आते हैं? जवाब: एक वोटर एक से अधिक उम्मीदवार को पहली, दूसरी, तीसरी वरीयता का वोट दे सकते हैं। पहली वरीयता के एक वोट को एक वोट गिना जाता है। दूसरी वरीयता के दो वोट को एक गिना जाता है। सवाल 6- MLA और MLC में क्या अंतर है? जवाब: MLA विधानसभा के सदस्य होते हैं। वहीं, MLC विधान परिषद के सदस्य होते हैं। अब जानिए, सीटों का समीकरण क्या कहता है 1- पटना स्नातक; नीरज कुमार के सामने अनंत सिंह की चुनौती इस सीट पर जदयू के नीरज कुमार, जन सुराज के डॉ अनुज सिंह और राजद के दिलीप कुमार के बीच मुकाबला है। अनंत सिंह खुद चुनाव नहीं लड़ रहे हैं, लेकिन चर्चा में हैं। वह जनसुराज के उम्मीदवार अनुज कुमार का साथ दे रहे हैं। अनंत और नीरज के बीच बयानों के तीर खूब चले। अनंत ने कहा है कि हर हाल में नीरज कुमार को हरवाएंगे। एक ही पार्टी के दो भूमिहार नेता आपस में भिड़े हुए हैं। अनुज भी भूमिहार हैं। 2020 में नीरज कुमार ने इस सीट पर आरजेडी के आजाद गांधी को हराया था। नीरज को 20948 और आजाद गांधी को 12696 वोट मिले थे। नीरज 8252 वोटों से जीते थे। रविरंजन और दिलीप कुमार निर्दलीय प्रत्याशी थे। वोटर की संख्या 1,11,462 थी। 2- पटना शिक्षक सीट; नवल किशोर का संजीव सिंह से मुकाबला बीजेपी से एक बार फिर नवल किशोर यादव उम्मीदवार हैं। इनका मुकाबला राजद के संजीव कुमार सिंह से है। वह परबत्ता से पूर्व विधायक हैं। यहां 16689 वोटर एमएलसी चुनेंगे। नवल किशोर ने 2020 में लगातार पांचवीं बार जीत हासिल की थी। उन्होंने आरजेडी के उम्मीदवार नारायण यादव को हराया था। नवल यादव को 3176 और नारायण यादव को 1913 वोट मिले थे। 9551 वोटर थे, जिनमें से 6350 ने मतदान किया था। 5766 वोट मान्य पाए गए थे। 3- दरभंगा स्नातक सीट; छात्र नेता दिलीप कुमार मैदान में आरजेडी ने अनिल कुमार झा को मैदान में उतारा है। इस सीट पर छात्र नेता दिलीप कुमार निर्दलीय लड़ रहे हैं। जेडीयू ने दरभंगा शिक्षक सीट से उम्मीदवार उतारने के बदले दरभंगा स्नातक सीट पर अपना दावा छोड़ दिया है। इसलिए यह सीट एनडीए में भाजपा के हिस्से में गई है। पिछली बार निर्दलीय लड़कर जीत हासिल करने वाले सर्वेश कुमार बीजेपी से उम्मीदवार हैं। यहां 127216 वोटर एमएलसी चुनेंगे। 2020 के चुनाव में निर्दलीय सर्वेश कुमार ने जीत हासिल की थी। उन्होंने जेडीयू के डॉ. दिलीप कुमार चौधरी को हराया था। आरजेडी से अनिल कुमार झा मैदान में थे। सर्वेश कुमार को 15595 और डॉ. दिलीप कुमार चौधरी को 11676 वोट मिले थे। जीत का अंतर 3919 था। 4- दरभंगा शिक्षक सीट; मदन मोहन झा को घनश्याम राय की चुनौती इस सीट से कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मदन मोहन झा मैदान में हैं। एनडीए की तरफ से जेडीयू के प्रो. घनश्याम राय उम्मीदवार हैं। वह मुंगेर यूनिवर्सिटी में रजिस्ट्रार हैं। एनओयू और पूर्णिया यूनिवर्सिटी में रजिस्ट्रार रहे हैं। यहां 8967 वोटर एमएसी चुनेंगे। 2020 के चुनाव में मदन मोहन झा ने बीजेपी के सुरेश प्रसाद राय को हराया था। मदन मोहन को 5011 और सुरेश को 2917 वोट मिले थे। 5- तिरहुत स्नातक सीट; अभिषेक झा और डॉ. रश्मि विनायक गौतम के बीच टक्कर यहां अभिषेक झा फिर से जेडीयू के टिकट पर मैदान में हैं। आरजेडी ने डॉ. रश्मि विनायक गौतम को उतारा है। विनायक अक्टूबर 2025 में जन सुराज छोड़कर राजद में शामिल हुईं थीं। यहां 135023 वोटर एमएलसी चुनेंगे। 2020 में यहां से जेडीयू नेता और पूर्व विधान परिषद सभापति देवेश चंद्र ठाकुर विजयी हुए थे। उन्होंने आरजेडी के मनीष मोहन को हराया था। देवेश चंद्र ठाकुर के लोकसभा चुनाव जीतने पर 2024 में उपचुनाव कराया गया। जेडीयू की ओर से अभिषेक झा उम्मीदवार थे। उन्हें निर्दलीय बंशीधर ब्रजवासी ने हराया था। बंशीधर शिक्षा विभाग के एसीएस के.के. पाठक के समय शिक्षक की नौकरी से बर्खास्त किए गए। उसके बाद वह चुनाव लड़े और 23003 वोट लाकर जीते। जनसुराज की रश्मि विनायक गौतम को 12467 वोट मिले। आरजेडी के गोपी किशन को 11600 और जेडीयू के अभिषेक झा को 10316 वोट मिले थे। 6- तिरहुत शिक्षक सीट; सीपीआई के संजय सिंह फिर से मैदान में सीपीआई के संजय कुमार सिंह फिर से मैदान में हैं। जनसुराज ने यहां से श्याम नंदन यादव को उतारा है। नरेंद्र सिंह भाजपा के प्रत्याशी हैं। 9204 वोटर एमएलसी चुनेंगे। यहां पिछली बार सीपीआई के संजय कुमार सिंह ने चुनाव जीता था। संजय सिंह ने 3324 वोट लाकर भूषण झा को हराया था। भूषण को 2015 वोट मिले थे। डॉ. नरेन्द्र प्रसाद सिंह को 1404 वोट मिले थे। 7- कोसी स्नातक सीट; डॉ. एन.के यादव और नितेश कुमार के बीच टक्कर बीजेपी ने डॉ. एन.के यादव को उम्मीदवार बनाया है। आरजेडी से नितेश कुमार को उतारा है। जनसुराज ने रजनीश रंजन को उतारा है। वह शिक्षा से जुड़े संस्थान चलाते हैं। यहां 134593 वोटर एमएलसी चुनेंगे। 2020 के चुनाव में बीजेपी के डॉ. एन.के. यादव जीते थे। इन्होंने आरजेडी के नितेश कुमार को हराया था। कांग्रेस से प्रदीप कुमार मैदान में थे। एनके यादव को 20841 वोट और आरजेडी के नीतेश कुमार को 13940 वोट मिले थे। 8- सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र; जन सुराज ने अफाक अहमद को उतारा जनसुराज ने अफाक अहमद को टिकट दिया है। आरजेडी ने प्रो. जयराम यादव और जेडीयू ने आनंद पुष्कर को उतारा है। आनंद फरवरी 2026 में सीपीआई छोड़कर जेडीयू में चले गए थे। यहां 10800 वोटर एमएलसी चुनेंगे। 2020 में यहां से सीपीआई नेता केदार पांडेय चुनाव जीते थे। उन्होंने बीजेपी के चंद्रमा सिंह को हराया था। केदार पांडेय के निधन के बाद 2023 में उपचुनाव हुआ। उपचुनाव में जनसुराज के समर्थन से अफाक अहमद 674 वोट से चुनाव जीते। महागठबंधन ने केदार पांडेय के पुत्र को उतारा था कि सहानुभूति वोट मिल जाए लेकिन ऐसा नहीं हो सका। केदार पांडेय के पुत्र और सीपीआई के प्रत्याशी आनंद पुष्कर चुनाव हार गए थे।  

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