प्रयागराज के उमेश पाल हत्याकांड के आरोपित शूटर मोहम्मद अरमान की गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में प्रयागराज की अदालत में पेशी नहीं हो सकी। तकनीकी कारणों से उसकी पेशी टल गई। अरमान को बिहार के गया स्थित केंद्रीय कारागार से प्रयागराज लाने की जिम्मेदारी बिहार पुलिस की थी, लेकिन किन्हीं कारणों से पुलिस ने उसे पेश करने में असमर्थता जताई। इसके बाद अदालत ने सुनवाई के लिए चार नवंबर की अगली तारीख तय कर दी। अब अरमान को इस दिन गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में अदालत के सामने पेश किया जाएगा। अरमान के खिलाफ धूमनगंज थाने में उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज है। इस मामले में गुड्डू मुस्लिम, मोहम्मद अरमान और साबिर के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया था। अदालत ने आरोपपत्र और अन्य अभिलेखों का अवलोकन करने के बाद तीनों आरोपितों के खिलाफ संज्ञान लिया था। गया जेल में बंद है अरमान मोहम्मद अरमान बिहार के गया स्थित केंद्रीय कारागार में दूसरे मामले में बंद है। गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे की सुनवाई के दौरान उसकी उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए अदालत में प्रार्थना पत्र दिया गया था। इसमें उसे गया जेल से प्रयागराज लाकर पेश कराने का अनुरोध किया गया था। अदालत ने प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए 22 अक्टूबर को पेशी सुनिश्चित कराने के लिए उपस्थिति वारंट जारी करने का निर्देश दिया था। हालांकि, निर्धारित तिथि पर अरमान को अदालत में पेश नहीं किया जा सका। बिहार पुलिस की ओर से उसे प्रयागराज लाने में असमर्थता जताए जाने के बाद अब मामले की सुनवाई चार नवंबर तक के लिए टाल दी गई है। उमेश पाल हत्याकांड में पांच अक्टूबर को आया था मोहम्मद अरमान को उमेश पाल हत्याकांड के सिलसिले में पांच अक्टूबर को गया जेल से प्रयागराज लाया गया था। यहां अदालत में पेशी के दौरान हत्याकांड के मामले में उसका रिमांड बनवाया गया था। इसके बाद ट्रांजिट रिमांड की प्रक्रिया पूरी कर उसे वापस बिहार के गया स्थित केंद्रीय कारागार भेज दिया गया था। उमेश पाल हत्याकांड में अरमान का नाम शूटर के तौर पर सामने आया था। अब गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में उसकी उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए अदालत ने चार नवंबर की तारीख तय की है।

