उत्तराखंड मंत्रिमंडल ने बृहस्पतिवार को दिव्यांग विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षाओं में उत्तीर्ण अंकों में पांच प्रतिशत की छूट देने, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के छात्र-छात्राओं को निःशुल्क कोचिंग के लिए पारिवारिक वार्षिक आय सीमा बढ़ाकर आठ लाख रुपए करने तथा साहसिक पर्यटन के विकास के लिए एक निगम गठित करने समेत कई निर्णय लिए। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में यहां हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में ये निर्णय लिए गए। सूत्रों के मुताबिक मंत्रिमंडल ने बौद्धिक दिव्यांगता, मानसिक अस्वस्थता, ‘ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर’, ‘सेरेब्रल पाल्सी’ एवं विशेष अधिगम अक्षमता से संबंधित दिव्यांग विद्यार्थियों को उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की परीक्षाओं में उत्तीर्ण अंकों में पांच प्रतिशत की छूट देने के लिए संबंधित नियमों में संशोधन को मंजूरी दे दी।
सूत्रों का कहना था कि संशोधन के बाद इन श्रेणियों के विद्यार्थियों को 28 प्रतिशत अंक प्राप्त करने पर उत्तीर्ण माना जाएगा। सूत्रों के मुताबिक समाज कल्याण विभाग के तहत अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु संचालित निःशुल्क कोचिंग योजना में पारिवारिक वार्षिक आय सीमा दो लाख रुपए से बढ़ाकर आठ लाख रुपए करने के प्रस्ताव को भी मंत्रिमंडल ने स्वीकृति दी। सूत्रों के अनुसार मंत्रिमंडल ने एक जिला एक खेल योजना के अंतर्गत 14 मुख्य प्रशिक्षकों की तैनाती के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
इसके तहत प्रत्येक जिले में एक-एक तथा खेल निदेशालय में एक मुख्य प्रशिक्षक को नियुक्त किया जाएगा। इन्हें भारतीय खेल प्राधिकरण द्वारा निर्धारित योग्यता एवं अनुभव के आधार पर तीन वर्ष के लिए अनुबंध पर रखा जाएगा। सूत्रों ने कहा कि एक अन्य फैसले में, राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर पुरस्कार प्राप्त खिलाड़ियों को परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी।
सूत्रों के मुताबिक राज्य में साहसिक एवं पर्यावरणीय पर्यटन के नियोजित, सुरक्षित और सतत विकास के लिए उत्तराखंड साहसिक पर्यटन निगम लिमिटेड के गठन के प्रस्ताव को भी मंत्रिमंडल ने अपना अनुमोदन दे दिया। इसके लिए उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड (यूटीडीबी) तथा उत्तराखंड निवेश एवं आधारिक संरचना विकास बोर्ड (यूआईआईडीबी) के संयुक्त उपक्रम के रूप में एक ‘विशेष’ कंपनी गठित की जाएगी।

