गोरखपुर विसर्जन के दौरान करंट से मरने वाले 3 भाइयों विक्की, लक्की और चंदन का गुरुवार शाम गुलरिहा स्थित घाट पर एक साथ दाह संस्कार हुआ। इस दौरान घाट पर सैकड़ों की भीड़ मौजूद थी। जिसको देखते हुए कई थानों की पुलिस फोर्स और अधिकारी भी मौजूद रहे। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में दोपहर करीब 3 बजे तीनों के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इस दौरान भी पुलिस फोर्स तैनात रही। शाम करीब 4 बजे पोस्टमार्टम के बाद शव एंबुलेंस से गांव ले जाया गया। जहां तीनों की अर्थी तैयार की गई। इस दौरान पूरे गुलरिहा के चौहान टोला में चीख पुकार मच गई। इस घटना के बाद परिजनों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे। इस घटना के संबंध में जिला अधिकारी ने तीन सदस्यीय कमेटी गठन किया है। जो तीन दिन में जांच करके अपनी रिपोर्ट देगी। कमेटी में अपर जिला अधिकारी (नगर) अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) और अधीक्षण अभियंता विद्युत ग्रामीण शामिल हैं। दो बेटों की मौत से टूटा परिवार विक्की और लक्की तीन भाइयों में शामिल थे। उनके बड़े भाई का नाम जैकी है। मां सीमा और पिता शिवचंद्र हैं। शिवचंद्र हैदराबाद में निजी नौकरी करते हैं। परिवार की जिम्मेदारियों के लिए दूर रहकर मेहनत करने वाले पिता को क्या पता था कि घर लौटने पर खुशियों की जगह ऐसा गम उनका इंतजार करेगा। दोनों बेटों की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मां सीमा के लिए बेटों को खोने का दर्द असहनीय है। जिस घर में बच्चों की मौजूदगी से रौनक रहती थी, वहां अब मातम पसरा है। चंदन की बहन का शादी के लिए देखा जा रहा था रिश्ता
चंदन चार भाई-बहनों में सबसे छोटा था। परिवार में भाई दिनेश, नीतू और बहन मीरा हैं। मां जयंती देवी और पिता केदारनाथ हैं। केदारनाथ मजदूरी करते हैं और भाजपा के बूथ अध्यक्ष भी हैं। चंदन अपने पिता के साथ मजदूरी कर परिवार की जिम्मेदारियों में हाथ बंटाता था। घर की जरूरतों को पूरा करने में सहयोग करने के साथ वह परिवार की उम्मीद भी था। परिवार में बहन की शादी के लिए रिश्ता देखा जा रहा था। घर में शादी की तैयारियों को लेकर उम्मीदें थीं, लेकिन हादसे ने सब कुछ बदल दिया। जिस बेटे के साथ पिता काम पर जाते थे, अब उसकी यादें ही शेष रह गई हैं। चंदन की मौत से माता-पिता ने अपना सबसे छोटा बेटा खो दिया, वहीं भाई-बहनों के सिर से भी उसका साथ उठ गया। सिपाही समेत 9 झुलसे इस हादसे में बीट सिपाही समेत 9 लोग झुलस गए। करंट से झुलसे अंशिका, शिवानी, प्रियांशु, मोनू चौहान, धीरेंद्र विश्वकर्मा, पुष्पा देवी, शिवांगी चौहान, शांतनु चौहान और बीट सिपाही धनंजय पांडेय को बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। जहां उनका इलाज चल रहा है। एक-एक करोड़ मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग
हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से तीन लोगों की मौत के मामले में मृतकों के परिजनों ने प्रशासन के सामने अपनी मांगें रखी हैं। हादसे में जान गंवाने वाले चंदन के पिता केदार चौहान की ओर से दिए गए मांगपत्र में हादसे के लिए जिम्मेदार विद्युत विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। साथ ही मृतकों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और घायलों को आर्थिक सहायता देने की मांग उठाई गई है। मांगपत्र में मदरहवा हाइडिल से संबंधित विद्युत विभाग के सभी जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने तथा उनके खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई है। इसके अलावा मूर्ति विसर्जन में ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को भी निलंबित कर उनके खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई है। घायलों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 50-50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की गई है। अब जानिए पूरा घटनाक्रम गोरखपुर में बुधवार की शाम दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से 3 भाइयों की मौत हो गई। मरने वालों में 2 सगे और एक उनका मौसेरा भाई है। हादसे में 9 लोग झुलस भी गए। सभी ट्रैक्टर-ट्रॉली से प्रतिमा विसर्जन करने जा रहे थे। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को मेडिकल कॉलेज भेजा। वहीं, हादसे से गुस्साए लोगों ने मेडिकल कॉलेज के बाहर हंगामा कर दिया। इससे 1 किमी लंबा जाम लग गया। मेडिकल कॉलेज के आसपास 50 से ज्यादा दुकानें बंद कर दुकानदार भाग गए। हंगामा बढ़ता देख मौके पर 2 बटालियन पीएसी पहुंची। जेई और दो पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया। वहीं, लाइनमैन को नौकरी से हटा दिया गया। तब जाकर करीब 3 घंटे बाद शाम 7:40 बजे पर जाम खोला गया। हादसा गुलरिहा थाना क्षेत्र में बुधवार शाम 5 बजे हुआ। तस्वीरें देखिए… डीजे की रेलिंग हाईटेंशन तार से टकराई, 3 की मौत जंगल अयोध्या प्रसाद गांव के चौहान टोला में दुर्गा प्रतिमा स्थापित की गई थी। बुधवार शाम 5 ग्रामीण प्रतिमा लेकर विसर्जन के लिए कोलुहा घाट जा रहे थे। शाम करीब 4:30 बजे जुलूस रजही चौराहे पर रामानंद के दरवाजे के पास पहुंचा। इसी दौरान डीजे के ऊपर बनी लोहे की रेलिंग ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन तार से टच हो गई। डीजे के पास मौजूद चंदन (21), विक्की (18) और लक्की (17) समेत 12 लोग करंट की चपेट में आ गए। आसपास मौजूद लोगों ने घायलों को बीआरडी मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। डॉक्टरों ने जांच के बाद चंदन, विक्की और लकी को मृत घोषित कर दिया। वहीं, पुष्पा देवी, नंदिनी, धीरेंद्र, मोनू, अंशिका चौहान, शनि चौहान, प्रियांशु, शिवानी और शांतनु का इलाज चल रहा है। बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप हादसे के बाद गांववालों में बिजली विभाग के खिलाफ आक्रोश फैल गया। उनका आरोप है कि प्रतिमा विसर्जन के दौरान बिजली आपूर्ति बंद रखने के लिए पहले ही शटडाउन मांगा गया था। इसके बावजूद बिजली चालू कर दी गई, जिससे हादसा हुआ। आक्रोशित गांववालों ने शाम करीब 6 बजे बीआरडी मेडिकल कॉलेज के गेट के सामने गोरखपुर-महराजगंज फोरलेन पर जाम लगा दिया। इससे सड़क पर गाड़ियों की लंबी लाइन लग गई। सूचना पर जिलाधिकारी दीपक मीणा और एसएसपी डॉ. कौस्तुभ भी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। जेई सस्पेंड और 2 पुलिसकर्मी स्पस्पेंड, लाइन मैन टर्मिनेट डीएम दीपक मीणा ने बताया कि 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से तीन लोगों की मौत हो गई, 9 लोग घायल हुए हैं। सभी घायलों की हालत खतरे से बाहर है। घरवालों ने बिजली विभाग के कर्मचारियों और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई और मुआवजा देने की मांग की थी। जेई और 2 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है। वहीं, लाइनमैन को नौकरी से हटा दिया गया है।

