हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने गुरुवार को सोनीपत जिले की चार अनाज मंडियों का दौरा कर धान खरीद व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने गोहाना, खरखौदा, सोनीपत और गन्नौर मंडियों में खरीद, उठान और किसानों को दी जा रही सुविधाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं और अधिकारियों को खरीदी गई धान की फसल का जल्द उठान कराने के निर्देश दिए। कृषि मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार किसानों के हितों को प्राथमिकता दे रही है और किसानों की फसल का एक-एक दाना खरीदा जाएगा। खरीद में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, किसानों को न हो परेशानी कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंडियों में धान खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से जारी रखी जाए। खरीद के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। किसानों को अपनी फसल बेचने में परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए गंभीरता से काम कर रही है। मंडियों में खरीदी धान का जल्द कराएं उठान मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंडियों में खरीदी गई धान की फसल की लिफ्टिंग जल्द से जल्द सुनिश्चित की जाए। इससे मंडियों में फसल का अनावश्यक जमाव नहीं होगा और किसानों को अपनी उपज लेकर आने में सुविधा मिलेगी। उन्होंने खरीद से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्धारित नियमों के अनुसार काम करने को कहा। अधिक उत्पादन हो तो मंडी सचिव से मिलें किसान श्याम सिंह राणा ने कहा कि यदि खेत में वास्तविक फसल उत्पादन पोर्टल पर दर्ज मात्रा से अधिक है तो किसान परेशान न हों। ऐसी स्थिति में संबंधित अनाज मंडी के मंडी सचिव से संपर्क कर अपनी समस्या बताएं। मामले की जांच के बाद नियमानुसार समाधान किया जाएगा, ताकि वास्तविक उत्पादन के अनुसार खरीद प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके। धान सुखाकर और साफ करके मंडी में लाएं किसान कृषि मंत्री ने किसानों से अपील की कि वे धान की फसल को अच्छी तरह सुखाकर और साफ करके ही मंडी में लेकर आएं। गीली फसल लाने से बचें, क्योंकि नमी अधिक होने से खरीद प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। मंडियों के निरीक्षण के दौरान उन्होंने धान में नमी (मॉइस्चर) की जांच भी की और अधिकारियों को किसानों के लिए आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। पराली जलाने के बजाय खेत में मिलाएं फसल अवशेष मंत्री ने किसानों से पराली प्रबंधन को लेकर भी अपील की। उन्होंने कहा कि फसल अवशेषों को जलाने के बजाय मिट्टी में मिलाकर खेत में दबाएं। इससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में मदद मिलेगी और आगामी फसल के लिए भूमि की गुणवत्ता बेहतर होगी। उन्होंने कहा कि फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ कृषि भूमि की सेहत के लिए भी लाभकारी है। ये अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद मंडियों के दौरे के दौरान एसडीएम गोहाना अंकित कुमार, एमडीएम खरखौदा अमित भारद्वाज, मार्केट कमेटी सोनीपत के चेयरमैन अरुण चौहान, गन्नौर के चेयरमैन निशांत छौक्कर, खरखौदा के चेयरमैन आनंद दहिया और गोहाना के चेयरमैन कृष्ण सैनी मौजूद रहे। इनके अलावा डीएफएससी राजेश्वर मुदगिल, मंडी सचिव जितेंद्र, सविता जैन, सिकंदर सांगवान, प्रदीप कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी भी उपस्थित रहे।

