‘तबीयत ठीक नहीं थी तो बताया क्यों नहीं’, दलेर मेहंदी विवाद पर बोले BJP के सह मीडिया प्रभारी विनय गोयल

‘तबीयत ठीक नहीं थी तो बताया क्यों नहीं’, दलेर मेहंदी विवाद पर बोले BJP के सह मीडिया प्रभारी विनय गोयल

Dehradun BJP media incharge Vinay Goel: उत्तराखंड में पॉप गायक दलेर मेहंदी (Daler Mehndi) और प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के बीच मंच पर हुई तीखी नोकझोंक का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस हाई-प्रोफाइल विवाद पर अब राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया है। इस बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश सह मीडिया प्रभारी विनय गोयल ने इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी बेबाक राय रखी है। उन्होंने कड़े सवाल उठाए हैं और कहा है कि अगर सिंहर की तबीयत ठीक नहीं थी, तो इसकी जानकारी पहले क्यों नहीं दी थी।

बीजेपी के मीडिया प्रभारी विनय गोयल ने दलेर मेहंदी को लेकर क्या कहा?

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश सह मीडिया प्रभारी विनय गोयल ने दलेर मेहंदी विवाद पर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से गायक दलेर मेहंदी के बहुत बड़े प्रशंसक हैं और उनके गानों का सम्मान करते हैं। लेकिन, उन्होंने साफ किया कि नवरात्रि कार्यक्रम के दौरान मां कुंजापुरी के भव्य धार्मिक मेले में जिस तरह की वीडियो सामने आए, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण थे और इससे वहां मौजूद हजारों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।

विनय गोयल ने आगे सवाल उठाते हुए कहा, “यदि दलेर मेहंदी की तबीयत ठीक नहीं थी, तो इसकी जानकारी पहले ही आयोजकों और प्रशासन को क्यों नहीं दी गई? मां कुंजापुरी के सम्मान और इस पवित्र अनुष्ठान के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही या समझौते को स्वीकार नहीं किया जा सकता है।” उन्होंने कहा कि मंच पर कलाकारों को अपनी गरिमा और आयोजन की पवित्रता का खास ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि ऐसे आयोजकों में जनता की गहरी आस्था जुड़ी होती है।

लगातार तूल पकड़ रहा है उत्तराखंड का यह विवाद

बता दें, 18 अक्टूबर को कुंजापुरी मेले के सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान जब दलेर मेहंदी मंच पर प्रस्तुति दे रहे थे, तब उनकी अस्वस्थता और मंच पर असहज स्थिति को देखकर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कड़ी आपत्ति जताई थी। इसके बाद दोनों के बीच मंच पर ही तीखी बहस हो गई थी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया।

घटना के बाद से जहां एक तरफ सिंगर के परिवार और भाई मीका सिंह और हरजीत मेहंदी ने उनके स्वास्थ्य का हवाला दिया था और दलेर मेहंदी का बचाव किया था। वहीं, राजनीतिक और स्थानीय आयोजकों की तरफ से भी इस पर कड़ी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। भाजपा मीडिया प्रभारी विनय गोयल के इस बयान ने इस विवाद को एक नया मोड़ दे दिया है, जिससे यह साफ होता है कि धार्मिक आयोजनों में अनुशासन और गरिमा को लेकर प्रशासन और सरकार काफी सख्त रुख अपनाए हुए हैं।

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