आगरा में करोड़ों की अवैध दवाओं पर कंपनियों की चुप्पी:नाले और झाड़ियों से मिली थी, एक सप्ताह बाद भी जवाब नहीं, विभाग ने भेजे रिमाइंडर

आगरा में करोड़ों की अवैध दवाओं पर कंपनियों की चुप्पी:नाले और झाड़ियों से मिली थी, एक सप्ताह बाद भी जवाब नहीं, विभाग ने भेजे रिमाइंडर

आगरा के धनौली और टेढ़ी बगिया में बरामद करीब 5 करोड़ रुपये की नामी कंपनियों की दवाओं के मामले में जांच आगे बढ़ने का इंतजार है। औषधि विभाग के नोटिस के एक सप्ताह बाद भी पांच कंपनियों ने जवाब नहीं दिया है। अब विभाग ने इन कंपनियों को रिमाइंडर भेजे हैं, ताकि बरामद दवाओं की वास्तविकता और उनकी सप्लाई से जुड़ी जानकारी मिल सके। धनौली में एक अवैध गोदाम और टेढ़ी बगिया में नाले व झाड़ियों से बड़ी मात्रा में दवाएं बरामद की गई थीं। इनकी अनुमानित कीमत करीब पांच करोड़ रुपये बताई गई है। जांच के दौरान देश-विदेश की पांच नामी कंपनियों की दवाएं मिलने की बात सामने आई थी। बैच नंबर और QR कोड से हो रही पड़ताल औषधि विभाग ने संबंधित कंपनियों को ईमेल के जरिए दवाओं के बैच नंबर, एक्सपायरी डेट, QR कोड और अन्य विवरण भेजे थे। कंपनियों से पूछा गया था कि बरामद दवाएं उनकी हैं या नहीं। यदि दवाएं उनकी हैं, तो उन्हें कहां बेचा गया था। वहीं, दवाएं कंपनी की नहीं होने की स्थिति में इस संबंध में रिपोर्ट देने को कहा गया था। लेकिन नोटिस भेजे जाने के एक सप्ताह बाद भी कंपनियों की ओर से कोई जवाब नहीं मिला। ऐसे में विभाग ने अब रिमाइंडर भेजकर जवाब मांगा है। लैब रिपोर्ट के लिए करना होगा इंतजार दवाओं की जांच रिपोर्ट आने में भी समय लगेगा। औषधि निरीक्षक आशुतोष मिश्रा के मुताबिक, कंपनियों की ओर से अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। इसलिए उन्हें रिमाइंडर भेजे जा रहे हैं। दवाओं के नमूनों की लैब में जांच पूरी होने में अभी करीब दो सप्ताह का समय लग सकता है। कंपनियों के जवाब और लैब रिपोर्ट के बाद ही बरामद दवाओं की वास्तविकता से जुड़े सवालों पर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल, मामले में जांच रिपोर्ट और संबंधित कंपनियों के जवाब का इंतजार है।

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