पोलो मैदान में रावण वध देखने उमड़ी भीड़:मुंगेर में DM-SP ने उतारी आरती, भगवान श्रीराम के जयकारे

पोलो मैदान में रावण वध देखने उमड़ी भीड़:मुंगेर में DM-SP ने उतारी आरती, भगवान श्रीराम के जयकारे

मुंगेर में विजयादशमी के अवसर पर बुधवार को शहर के पोलो मैदान में भव्य रावण वध कार्यक्रम आयोजित किया गया। रावण वध देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मैदान पहुंचे। भगवान श्रीराम के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा। निर्धारित कार्यक्रम के तहत रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के विशाल पुतलों का दहन किया गया। पुतलों के जलते ही रंग-बिरंगी आतिशबाजी से आसमान जगमगा उठा। मैदान में मौजूद दर्शकों ने उत्साह के साथ कार्यक्रम का आनंद लिया। मैदान तालियों और जयकारों से गूंजा कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पणीकर, पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद, नगर आयुक्त पार्थ गुप्ता और आयोजन समिति के सदस्यों ने भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और हनुमान की आरती उतारकर किया। इसके बाद जिलाधिकारी ने भगवान श्रीराम का हाथ पकड़कर प्रतीकात्मक रूप से तीर चलाया। तीर चलने के साथ ही रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले धू-धू कर जल उठे। पुतलों के दहन के साथ मैदान तालियों और जयकारों से गूंजने लगा। आतिशबाजी के मनमोहक दृश्य ने दर्शकों का मन मोह लिया। राम, लक्ष्मण और हनुमान के किरदार ने मोहा मन रावण वध कार्यक्रम में भगवान श्रीराम की भूमिका निशा ओंकार कलाकुंज के निदेशक रितेश मिश्रा ने निभाई, जबकि लक्ष्मण और हनुमान की भूमिका स्थानीय कलाकारों ने अदा की। कलाकारों की प्रस्तुति ने कार्यक्रम को और आकर्षक बना दिया। रावण वध के दौरान मैदान में मौजूद लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों ने एक साथ इस आयोजन का आनंद लिया। इस अवसर पर जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पणीकर ने जिलेवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं। पोलो मैदान में बेहतर व्यवस्था उन्होंने कहा कि विजयादशमी का पर्व बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है। यह पर्व हमें सत्य, सदाचार और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने रावण वध कार्यक्रम को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए आयोजन समिति के सदस्यों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि इस बार पोलो मैदान में बेहतर व्यवस्था की गई थी। सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद रावण वध कार्यक्रम को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। मैदान के चारों ओर बैरिकेडिंग की गई थी। भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस जवानों की तैनाती की गई थी। इसके अलावा ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से भीड़ पर लगातार नजर रखी जा रही थी। मैदान के चारों ओर बनाए गए वॉच टावरों से भी पुलिसकर्मी निगरानी कर रहे थे। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर भी पुलिस बल तैनात रहा। अस्थायी प्रकाश व्यवस्था की गई थी पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद ने बताया कि कार्यक्रम में आने वाले लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त संख्या में पुलिस जवानों की तैनाती की गई थी। सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से भी निगरानी रखी जा रही थी। उन्होंने जिलेवासियों से दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान शांति और सद्भाव बनाए रखने तथा प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। कार्यक्रम के लिए पोलो मैदान में अस्थायी प्रकाश व्यवस्था की गई थी, जिससे पूरा परिसर रोशनी से जगमगा उठा। आयोजन को लेकर लोगों में खासा उत्साह रहा। इस अवसर पर श्रीरामलीला मैदान दुर्गा स्थान ट्रस्ट के अध्यक्ष, कार्यक्रम संयोजक, समिति के सदस्य तथा बड़ी संख्या में शहरवासी मौजूद रहे। मुंगेर में विजयादशमी के अवसर पर बुधवार को शहर के पोलो मैदान में भव्य रावण वध कार्यक्रम आयोजित किया गया। रावण वध देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मैदान पहुंचे। भगवान श्रीराम के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा। निर्धारित कार्यक्रम के तहत रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के विशाल पुतलों का दहन किया गया। पुतलों के जलते ही रंग-बिरंगी आतिशबाजी से आसमान जगमगा उठा। मैदान में मौजूद दर्शकों ने उत्साह के साथ कार्यक्रम का आनंद लिया। मैदान तालियों और जयकारों से गूंजा कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पणीकर, पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद, नगर आयुक्त पार्थ गुप्ता और आयोजन समिति के सदस्यों ने भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और हनुमान की आरती उतारकर किया। इसके बाद जिलाधिकारी ने भगवान श्रीराम का हाथ पकड़कर प्रतीकात्मक रूप से तीर चलाया। तीर चलने के साथ ही रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले धू-धू कर जल उठे। पुतलों के दहन के साथ मैदान तालियों और जयकारों से गूंजने लगा। आतिशबाजी के मनमोहक दृश्य ने दर्शकों का मन मोह लिया। राम, लक्ष्मण और हनुमान के किरदार ने मोहा मन रावण वध कार्यक्रम में भगवान श्रीराम की भूमिका निशा ओंकार कलाकुंज के निदेशक रितेश मिश्रा ने निभाई, जबकि लक्ष्मण और हनुमान की भूमिका स्थानीय कलाकारों ने अदा की। कलाकारों की प्रस्तुति ने कार्यक्रम को और आकर्षक बना दिया। रावण वध के दौरान मैदान में मौजूद लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों ने एक साथ इस आयोजन का आनंद लिया। इस अवसर पर जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पणीकर ने जिलेवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं। पोलो मैदान में बेहतर व्यवस्था उन्होंने कहा कि विजयादशमी का पर्व बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है। यह पर्व हमें सत्य, सदाचार और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने रावण वध कार्यक्रम को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए आयोजन समिति के सदस्यों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि इस बार पोलो मैदान में बेहतर व्यवस्था की गई थी। सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद रावण वध कार्यक्रम को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। मैदान के चारों ओर बैरिकेडिंग की गई थी। भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस जवानों की तैनाती की गई थी। इसके अलावा ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से भीड़ पर लगातार नजर रखी जा रही थी। मैदान के चारों ओर बनाए गए वॉच टावरों से भी पुलिसकर्मी निगरानी कर रहे थे। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर भी पुलिस बल तैनात रहा। अस्थायी प्रकाश व्यवस्था की गई थी पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद ने बताया कि कार्यक्रम में आने वाले लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त संख्या में पुलिस जवानों की तैनाती की गई थी। सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से भी निगरानी रखी जा रही थी। उन्होंने जिलेवासियों से दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान शांति और सद्भाव बनाए रखने तथा प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। कार्यक्रम के लिए पोलो मैदान में अस्थायी प्रकाश व्यवस्था की गई थी, जिससे पूरा परिसर रोशनी से जगमगा उठा। आयोजन को लेकर लोगों में खासा उत्साह रहा। इस अवसर पर श्रीरामलीला मैदान दुर्गा स्थान ट्रस्ट के अध्यक्ष, कार्यक्रम संयोजक, समिति के सदस्य तथा बड़ी संख्या में शहरवासी मौजूद रहे।  

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