HAL ने IAF को पहले 3 HTT-40 विमान सौंपे:नए पायलटों की ट्रेनिंग शुरू होने में 2 साल लगेंगे; 57% हिस्सा भारत में बना

HAL ने IAF को पहले 3 HTT-40 विमान सौंपे:नए पायलटों की ट्रेनिंग शुरू होने में 2 साल लगेंगे; 57% हिस्सा भारत में बना

हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने इंडियन एयरफोर्स को पहले 3 HTT-40 बेसिक ट्रेनर विमान बुधवार को सौंप दिए हैं। पूरी तरह नए पायलटों की ट्रेनिंग शुरू होने में 2 साल तक लग सकते हैं। पहले HTT-40 की डिलीवरी 18 सितंबर को बेंगलुरु में हुई थी। IAF इन्हें हैदराबाद के पास एयरफोर्स अकादमी में नए पायलटों की ट्रेनिंग के लिए तैनात करेगी। इसके लिए पहले 25-30 विमानों का बेड़ा तैयार करना होगा। साथ ही, फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर्स को ट्रेनिंग देनी होगी, ताकि वे नए पायलटों को विमान उड़ाना सिखा सकें। HTT-40 का नाम अंकुर HTT-40 को ‘अंकुर’ नाम दिया गया। यह भारतीय रक्षा सेवाओं की शुरुआती पायलट ट्रेनिंग जरूरतों को पूरा करने के लिए स्वदेशी रूप से विकसित किया गया है। रक्षा मंत्रालय ने 70 HTT-40 विमानों का कॉन्ट्रैक्ट दिया है। मौजूदा हैंडओवर इसी कॉन्ट्रैक्ट के तहत डिलीवरी की शुरुआत है। हालांकि ये पहला स्वदेशी विमान नहीं है जिससे भारतीय पायलट ट्रेनिंग लेंगे। इससे पहले भी IAF स्वदेशी HAL HPT-32 ‘दीपक’ जैसे ट्रेनर विमानों का इस्तेमाल कर चुकी है। अभी पिलाटस PC-7 MkII से होती है ट्रेनिंग अभी नए पायलेट्स की शुरुआती फ्लाइंग ट्रेनिंग के पिलाटस PC-7 MkII बेसिक ट्रेनर विमानों पर होती है। इसके बाद पायलटों को फाइटर, ट्रांसपोर्ट और हेलिकॉप्टर स्ट्रीम में बांटा जाता है। HAL ने एयरफोर्स को तेजस, पवनहंस को ध्रुव हेलिकॉप्टर सौंपे थे हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने 18 सितंबर को बेंगलुरु में फाइटर जेट और हेलिकॉप्टर का हैंडओवर समारोह रखा था। जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने प्रोग्राम में शामिल हुए। इस दौरान भारतीय वायु सेना को 2 लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट टू-सीटर ट्रेनर तेजस और बेसिक ट्रेनर एयरक्राफ्ट हिंदुस्तान टर्बो ट्रेनर-40 सौंपा गया। साथ ही पवनहंस लिमिटेड को 4 नेक्स्ट जेनरेशन ध्रुव हेलिकॉप्टर सौंपे गए थे। —————————– ये खबर भी पढ़ें… भारत ने अग्नि-4 मिसाइल का सफल परीक्षण किया: डिजिटल कंट्रोल सिस्टम से लैस भारत ने ओडिशा के चांदीपुर के इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-4 का सफल टेस्ट किया। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि इस मिसाइल के सभी ऑपरेशनल और टेक्निकल पैरामीटर्स को चेक किया गया, जो पूरी तरह सफल रहे। यह टेस्ट स्ट्रैटेजिक फोर्सेस कमांड की निगरानी में किया गया। पूरी खबर पढ़ें…

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