सीतामढ़ी। बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री और बिहार केसरी डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की जयंती पर बुधवार को उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया गया। ब्रह्मर्षि सेना की ओर से शहर के एक निजी होटल में जिलाध्यक्ष बालकृष्ण के नेतृत्व में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने बिहार के विकास में उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग की। श्रीकृष्ण सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया नमन कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने श्रीकृष्ण सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। वक्ताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने बिहार के विकास और सामाजिक बदलाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व में राज्य ने औद्योगिक, शैक्षणिक और प्रशासनिक क्षेत्रों में नई पहचान बनाई। भारत रत्न देने की मांग उठाई लोक अभियोजक एवं पूर्व लोक अभियोजक विमल शुक्ला ने कहा कि बिहार के निर्माण और विकास में श्रीकृष्ण सिंह का योगदान ऐतिहासिक रहा है। उन्होंने अपने कार्यों से राज्य को नई दिशा दी। ऐसे महान व्यक्तित्व को उचित राष्ट्रीय सम्मान मिलना चाहिए। आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया ब्रह्मर्षि सेना के जिलाध्यक्ष बालकृष्ण ने कहा कि श्रीकृष्ण सिंह बिहार का गौरव हैं। उनका जीवन और उनके कार्य आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उनके योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए समाज को एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने श्रीकृष्ण सिंह के आदर्शों को अपनाने और बिहार के विकास में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया। साथ ही उनके विचारों और उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। सीतामढ़ी। बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री और बिहार केसरी डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की जयंती पर बुधवार को उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया गया। ब्रह्मर्षि सेना की ओर से शहर के एक निजी होटल में जिलाध्यक्ष बालकृष्ण के नेतृत्व में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने बिहार के विकास में उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग की। श्रीकृष्ण सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया नमन कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने श्रीकृष्ण सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। वक्ताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने बिहार के विकास और सामाजिक बदलाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व में राज्य ने औद्योगिक, शैक्षणिक और प्रशासनिक क्षेत्रों में नई पहचान बनाई। भारत रत्न देने की मांग उठाई लोक अभियोजक एवं पूर्व लोक अभियोजक विमल शुक्ला ने कहा कि बिहार के निर्माण और विकास में श्रीकृष्ण सिंह का योगदान ऐतिहासिक रहा है। उन्होंने अपने कार्यों से राज्य को नई दिशा दी। ऐसे महान व्यक्तित्व को उचित राष्ट्रीय सम्मान मिलना चाहिए। आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया ब्रह्मर्षि सेना के जिलाध्यक्ष बालकृष्ण ने कहा कि श्रीकृष्ण सिंह बिहार का गौरव हैं। उनका जीवन और उनके कार्य आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उनके योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए समाज को एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने श्रीकृष्ण सिंह के आदर्शों को अपनाने और बिहार के विकास में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया। साथ ही उनके विचारों और उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।

