Bhopal news: मध्यप्रदेश के भोपाल शहर में खाली पड़े सरकारी क्वार्टर और जर्जर इमारतें अब लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बनती जा रही हैं। कई जगहों पर इनका इस्तेमाल नशा करने वालों, अवैध शराब बेचने वालों और असामाजिक तत्वों के ठिकानों के रूप में किए जाने की शिकायतें मिल रही है। लंबे समय से लावारिस पड़ी इन इमारतों में संदिग्ध गतिविधियां होने से आसपास रहने वाले लोग भी परेशान हैं। इसी तरह बैरागढ़ में 12 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना के बाद शहर में सुनसान जगहों, खंडहरों और खाली इमारतों की निगरानी को लेकर पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
ऐसे स्थानों पर लंबे समय तक किसी की नजर नहीं रहने से अपराधियों को छिपने और गैरकानूनी गतिविधियां करने का मौका मिल रहा है। दो दिन पहले शाहजहांनाबाद पुलिस ने एक जर्जर इमारत में छिपाकर रखा गांजा जब्त किया था। वहीं, अवधपुरी में खाली क्वार्टरों से अवैध शराब बेचने की सूचना भी पुलिस को मिली है। यह समस्या केवल बीएचइएल के खाली क्वार्टरों या शहर के बाहरी इलाकों तक सीमित नहीं है। शहर के व्यस्त क्षेत्रों में भी ऐसी कई इमारतें है, जहां संदिग्ध लोगों का जमावडा लगता है।
पॉश इलाकों में भी खाली इमारतों का इस्तेमाल
टीटी नगर में दशहरा मैदान के पास स्थित खाली क्वार्टरों में नशेड़ियों के जमावड़े की शिकायतें सामने आती रही हैं। पुलिस मुख्यालय के सामने स्थित एक खाली बैंक की इमारत में रात के समय लोगों के शराब पीने की बात सामने आई है। इसके अलावा अशोका गार्डन, श्यामला हिल्स, शाहजहांनाबाद, बैरागढ़ और बागसेवनिया समेत शहर के कई इलाकों में खाली और जर्जर इमारतों को लेकर शिकायतें मिलती रही हैं। इन स्थानों पर निगरानी की कमी के कारण आसपास के लोगों को असुरक्षा का सामना करना पड़ता है।
बीएचईएल प्रबंधन को खाली क्वार्टरों को तोड़ने की दिशा में कदम उठाने के लिए कहा गया है। शहर की अन्य खाली और जर्जर इमारतों की भी पहचान की जाएगी। संबंधित विभागों को जानकारी देकर समय पर कार्रवाई कराई जाएगी, जिससे अपराधी इन स्थानों का इस्तेमाल छिपने या गैरकानूनी गतिविधियों के लिए नहीं कर सकें। – संजय कुमार, पुलिस कमिश्नर
इन इमारतों की सूची बनाएगी पुलिस
पुलिस ने अब शहर में खाली पड़े सरकारी क्वार्टरों और जर्जर इमारतों को चिह्नित करने की योजना बनाई है। इनकी जानकारी जुटाने के बाद संबंधित विभागों को पत्र लिखकर जरूरी कार्रवाई करने के लिए कहा जाएगा। निजी संपत्तियों के मामले में मालिकों से इमारतों की मरम्मत कराने या जरूरत के अनुसार उन्हें तोड़ने के लिए कहा जाएगा, ताकि इनका इस्तेमाल अपराधियों के ठिकाने के रूप में न हो सके।
घटनास्थल वाली इमारत निजी संपत्ति
संत हिरदाराम जिस जर्जर इमारत में 12 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना हुई, वह निजी संपत्ति है। पुलिस कमिश्नर संजय कुमार के निर्देश पर मामले की जांच पूरी होने के बाद इमारत के मालिक से संपर्क किया जाएगा। इसके बाद इमारत की मरम्मत कराने या उसे तोड़ने के संबंध में जरूरी कार्रवाई की जाएगी।

