शाह बोले- कश्मीर, नॉर्थ-ईस्ट और नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति:2029 तक देश नशामुक्त बनाएंगे, नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में 3,600 जवानों ने बलिदान दिया

शाह बोले- कश्मीर, नॉर्थ-ईस्ट और नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति:2029 तक देश नशामुक्त बनाएंगे, नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में 3,600 जवानों ने बलिदान दिया

गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा के सामने लंबे समय से चली आ रही तीन बड़ी चुनौतियों- कश्मीर, नॉर्थ-ईस्ट और नक्सलवाद से प्रभावित इलाकों में अब शांति है। उन्होंने इन क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की कार्रवाई और प्रयासों की सराहना की। शाह ने नशे के खिलाफ देशव्यापी अभियान चलाने की अपील करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 दिसंबर 2029 तक भारत को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए पुलिस बलों को मिलकर काम करना होगा। राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस पर दिल्ली स्थित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक में शाह ने शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा में पुलिसकर्मियों का योगदान महत्वपूर्ण है और उनके बलिदान को हमेशा याद रखा जाएगा। शाह के भाषण की प्रमुख बातें नशे के खिलाफ बाइक रैली रवाना कार्यक्रम से पहले शाह ने करीब 90 पुलिस राइडर्स की देशव्यापी बाइक रैली को हरी झंडी दिखाई। रैली में CRPF, CISF, BSF, SSB, ITBP और NSG के जवानों के साथ रेलवे सुरक्षा बल (RPF), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के कर्मी भी हिस्सा ले रहे हैं। रैली कई राज्यों से गुजरते हुए गुजरात के एकता नगर पहुंचेगी। यहां 31 अक्टूबर 2026 को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर आयोजित एकता परेड में राइडर्स शामिल होंगे। इस दिन को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है। 21 अक्टूबर को क्यों मनाया जाता है पुलिस स्मृति दिवस राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस हर साल 21 अक्टूबर को मनाया जाता है। 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में चीनी सैनिकों के घात लगाकर किए गए हमले का मुकाबला करते हुए 10 CRPF जवान शहीद हुए थे। उन्हीं की याद में यह दिन मनाया जाता है। ———————– यह खबर भी पढ़ें… शाह बोले- SIR 2024 में आया,कांग्रेस पहले से हार रही:राहुल के नेतृत्व में 2029 का चुनाव भी हारेगी; विपक्ष के प्रदर्शन के बीच पहला बयान देश भर में SIR और चुनाव आयोग के खिलाफ आंदोलन के बीच गृह मंत्री अमित शाह ने पहली बार बयान दिया। उन्होंने कहा- राहुल गांधी SIR की आड़ में घुसपैठियों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। SIR प्रक्रिया 2024 के बाद शुरू हुई, जबकि राहुल गांधी के राजनीति में आने के बाद से ही कांग्रेस लगातार चुनाव हार रही है। राहुल 2029 में एक बार फिर करारी हार के लिए तैयार रहें। पूरी खबर पढ़ें…

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