Foot Numbness: बार-बार किस कारण से सो जाते हैं पैर, हेल्थलाइन से जानिए कब डॉक्टर से मिलना चाहिए

Foot Numbness: बार-बार किस कारण से सो जाते हैं पैर, हेल्थलाइन से जानिए कब डॉक्टर से मिलना चाहिए

Foot Numbness Hindi: चप्पल अचानक पैर से निकल जाती है और आपको पता तक नहीं चलता, या रात को बिस्तर पर जाते ही तलवों में चींटियां रेंगने जैसा महसूस होता है यह सिर्फ पैर का सो जाना नहीं है। जब हमारे शरीर का तंत्रिका तंत्र (नर्वस सिस्टम) सही संदेश दिमाग तक नहीं पहुंचा पाता, तब पैरों में यह सुन्नपन और झुनझुनी महसूस होने लगती है। नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ डायबिटीज एंड डाईजेस्टिव किडनी डिजीज के अनुसार, रोजमर्रा की जिंदगी में यह समस्या कभी गलत तरीके से बैठने या खड़े रहने से होती है, तो कभी शरीर के भीतर पनप रही किसी अंदरूनी बीमारी की ओर इशारा करती है। शुरुआत में लोग इसे मामूली थकान या कमजोरी मानकर टाल देते हैं, लेकिन अगर समय रहते इस पर ध्यान न दिया जाए, तो यह चलने-फिरने की क्षमता को भी प्रभावित कर सकता है। आइए जानते हैं कि बार-बार पैर क्यों सो जाता है और कब आपको तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए।

पैर सोने या सुन्न पड़ने के पीछे क्या-क्या कारण हैं?

  • डायबिटीज और नसों का नुकसान (Diabetic Neuropathy)।
  • विटामिन B12 की कमी।
  • कमर की नस पर दबाव (Sciatica)।
  • ब्लड सर्कुलेशन की रुकावट।
  • नसें कमजोर होना।

सुन्नपन से राहत कैसे पाएं?

  • हेल्थलाइन के मुताबिक, अगर आपका काम लगातार बैठकर करने का है, तो हर आधे से एक घंटे में 5 मिनट के लिए उठकर टहलें।
  • बहुत ज्यादा तंग, सख्त या ऊंची एड़ी (High Heels) वाले जूते पहनने से बचें।
  • पैरों की मालिश और गुनगुने पानी की सिकाई।
  • पोषक तत्वों से भरपूर भोजन।

डॉक्टर से कब मिलना जरूरी है?

आमतौर पर गलत तरीके से बैठने से होने वाला सुन्नपन पैर को हिलाने-डुलने या मालिश करने से 5-10 मिनट में ठीक हो जाता है। लेकिन आपको बिना देरी किए तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए अगर;

  • पैर का सुन्नपन कई दिनों या हफ्तों से लगातार बना हुआ है और धीरे-धीरे ऊपर टांगों की तरफ बढ़ रहा है।
  • सुन्नता के साथ-साथ पैरों की मांसपेशियों में कमजोरी महसूस हो रही हो या चलते समय संतुलन बिगड़ने लगा हो।
  • पैरों में कोई चोट, कट या छाला पड़ गया हो और आपको दर्द का अहसास ही न हुआ हो (विशेषकर यदि आप डायबिटीज के मरीज हैं)।
  • सुन्नपन अचानक शुरू हुआ हो और उसके साथ चेहरे का एक तरफ झुकना, बोलने में हकलाहट या हाथ में कमजोरी महसूस हो रही हो।

पैरों में सुन्नपन या झुनझुनी होना केवल एक मामूली असुविधा नहीं है, बल्कि यह आपके शरीर और नसों का एक जरूरी इशारा हो सकता है। यदि यह समस्या कभी-कभार गलत तरीके से बैठने से होती है, तो जीवनशैली में बदलाव से आसानी से ठीक हो जाती है। लेकिन अगर यह आपकी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुकी है, तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें।

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