गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस पर नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में जान गंवाने वाले जवानों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा- नक्सलवाद के कारण 13,700 से ज्यादा नागरिकों की जान गई, जबकि 3,600 जवानों ने देश की सुरक्षा के लिए बलिदान दिया। उन्होंने कहा- कश्मीर, नॉर्थ-ईस्ट और नक्सल प्रभावित इलाकों में लंबे समय से चली आ रही आंतरिक सुरक्षा की चुनौतियों पर काफी हद तक काबू पाया गया है। शाह ने कहा- हम 31 दिसंबर 2029 तक देश को पूरी तरह नशामुक्त बनाएंगे। उन्होंने पुलिस बलों से नशे के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने की अपील की। शाह के भाषण की प्रमुख बातें शाह ने राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर श्रद्धांजलि दी शाह ने दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले पुलिस और सुरक्षा कर्मियों को श्रद्धांजलि दी। पीएम नरेंद्र मोदी ने 2018 में इस स्मारक को राष्ट्र को समर्पित किया था। इसमें केंद्रीय प्रतिमा, ‘वॉल ऑफ वैलर’ यानी शौर्य दीवार और एक संग्रहालय शामिल हैं। इसकी 30 फीट ऊंची ग्रेनाइट प्रतिमा पुलिसकर्मियों की ताकत, दृढ़ता और निस्वार्थ सेवा का प्रतीक है। नशे के खिलाफ बाइक रैली रवाना कार्यक्रम से पहले शाह ने करीब 90 पुलिस राइडर्स की देशव्यापी बाइक रैली को हरी झंडी दिखाई। ‘नशे के खिलाफ लड़ाई’ थीम वाली इस रैली में जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के राइडर्स शामिल हैं। रैली में CRPF, CISF, BSF, SSB, ITBP और NSG के जवानों के साथ रेलवे सुरक्षा बल (RPF), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के कर्मी भी हिस्सा ले रहे हैं। रैली कई राज्यों से गुजरते हुए गुजरात के एकता नगर पहुंचेगी। यहां 31 अक्टूबर 2026 को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर आयोजित एकता परेड में राइडर्स शामिल होंगे। इस दिन को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है। 21 अक्टूबर को क्यों मनाया जाता है पुलिस स्मृति दिवस? राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस हर साल 21 अक्टूबर को मनाया जाता है। 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में चीनी सैनिकों के घात लगाकर किए गए हमले का मुकाबला करते हुए 10 CRPF जवान शहीद हुए थे। उन्हीं की याद में यह दिवस मनाया जाता है।
शाह बोले- कश्मीर, नॉर्थ-ईस्ट और नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति:2029 तक देश नशामुक्त बनाएंगे, नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में 3,600 जवानों ने बलिदान दिया

