बरेली के ऐतिहासिक हार्टमैन कॉलेज मैदान पर मंगलवार रात असत्य पर सत्य की जीत का पर्व विजयदशमी पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। देश की सबसे प्राचीन 559वीं रामलीला के मंचन के दौरान रात ठीक 9 बजे जैसे ही भगवान श्रीराम ने अग्निबाण चलाया, 55 फीट ऊंचा रावण और 50-50 फीट ऊंचे कुंभकर्ण व मेघनाद के पुतले धू-धू कर जल उठे। पुतलों के जलते ही पूरा मैदान ‘जय श्रीराम’ के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा। इससे पहले लीला मंचन में पवनपुत्र हनुमान ने अपनी पूंछ से लंका दहन किया, जिसके बाद प्रभु श्रीराम ने कुंभकर्ण, मेघनाद और अंत में दशानन का वध किया। वन मंत्री, सांसद और मेयर समेत कई दिग्गज बने गवाह
पिछले 15 दिनों से चल रही इस ऐतिहासिक रामलीला के समापन व दशहरा मेले में बतौर मुख्य अतिथि वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमार मौजूद रहे। उनके साथ राज्यसभा सांसद श्रुति गंगवार, बरेली के सांसद छत्रपाल गंगवार, मेयर डॉ. उमेश गौतम, कैंट विधायक संजीव अग्रवाल और मेला कमेटी के अध्यक्ष रामगोपाल मिश्रा सहित शहर के कई गणमान्य लोग मंच पर उपस्थित रहे। मेला कमेटी ने अतिथियों का स्वागत किया और सभी ने बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश दिया। एक लाख की भीड़ उमड़ी, जमीन से आसमान तक कड़ा पहरा
दशहरा मेले में शहर और आसपास के इलाकों से करीब 1 लाख से अधिक लोग पहुंचे। भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस व प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर मुस्तैद रहे। सुरक्षा व्यवस्था के लिए चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल और पीएसी के जवानों को तैनात किया गया है। असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के लिए पूरे ग्राउंड की निगरानी ड्रोन व सीसीटीवी कैमरों से की गई, जिससे आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।

