लखीमपुर खीरी शहर के मेला मैदान में मंगलवार को विजयादशमी पर 162वीं ऐतिहासिक रामलीला के तहत रात 9:35 बजे रावण दहन किया गया। श्रीराम के वेश में बाल कलाकार ने तीर चलाकर रावण के पुतले को आग लगाई। पुतला धू-धूकर जलने लगा तो पूरा मैदान जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। इस दौरान शहर और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग रामलीला और रावण दहन देखने पहुंचे। अंगद-रावण संवाद के बाद राम-रावण युद्ध रावण दहन से पहले अंगद-रावण संवाद और भगवान श्रीराम व रावण के बीच युद्ध का मंचन किया गया। रामलीला में दिखाया गया कि अंगद ने रावण को समझाने का प्रयास किया, लेकिन अहंकार में चूर रावण ने उनकी बात नहीं मानी। इसके बाद राम-रावण युद्ध हुआ। मंचन के दौरान भगवान श्रीराम ने 31 नाराच बाण चलाकर रावण को धराशायी कर दिया। मेला मार्ग पर काफी देर तक युद्ध के दृश्य चलते रहे। मंचन के दौरान सड़क पर आवागमन बंद रखा गया। रामलीला देखने के लिए लोगों की भीड़ जुटी रही। आसपास की दुकानों और मकानों की छतों से भी दर्शक मंचन देखते नजर आए। इस दौरान मंचन स्थल के पास बनाई गई सोने की लंका को भी आग के हवाले किया गया। इसके बाद श्रीराम के वेश में मौजूद बाल कलाकार ने रावण के पुतले की ओर तीर चलाया। तीर लगते ही पुतला आग की लपटों में घिर गया। यह दृश्य देखते ही दर्शकों ने जय श्रीराम के उद्घोष किए। 12 साल से रावण का किरदार निभा रहे विकास दीक्षित ऐतिहासिक रामलीला में रावण का किरदार निभा रहे विकास दीक्षित पिछले 12 वर्षों से इस भूमिका का मंचन कर रहे हैं। रावण दहन के मौके पर उन्होंने कहा कि बुराई हमेशा हारती है, चाहे इस युग का रावण हो या उस युग का। रावण दहन केवल पुतला जलाने की परंपरा नहीं, बल्कि अहंकार, अन्याय और बुराइयों के अंत का प्रतीक है। विजयादशमी का पर्व संदेश देता है कि अहंकार और अधर्म चाहे कितने भी शक्तिशाली क्यों न हों, अंत में सत्य और अच्छाई की ही जीत होती है। सुरक्षा के रहे इंतजाम रावण दहन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। भीड़ को नियंत्रित करने और आयोजन को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन और रामलीला कमेटी की ओर से इंतजाम किए गए थे। कार्यक्रम में रामलीला कमेटी के मुख्य सरवराकार विपुल सेठ, किशन सेठ, अभिषेक सेठ समेत कमेटी के अन्य सदस्य मौजूद रहे। लोगों ने परिवार के साथ पहुंचकर रामलीला और रावण दहन का आनंद लिया।

