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गोरखपुर (उप्र) 20 अक्टूबर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और गोरक्षपीठ के महंत योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि जो लोग समाज को जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर बांटना चाहते हैं, वे देश को कमजोर कर रहे हैं। उन्होंने लोगों से भारत की सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक परंपराओं और राष्ट्रीय एकता की रक्षा के लिए एकजुट होने का आह्वान किया। विजयदशमी के अवसर पर यहां भगवान राम, माता जानकी, लक्ष्मण और भगवान हनुमान की पूजा-अर्चना एवं आरती करने के बाद उन्होंने रामलीला मैदान में श्रद्धालुओं को संबोधित किया।
आदित्यनाथ ने जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर समाज को बांटने वालों पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग समाज की एकता को खंडित करके राष्ट्र को कमजोर करना चाहते हैं, वे रावण की प्रवृत्ति से प्रेरित हैं क्योंकि रावण भी समाज की एकता को खंडित करता था। उन्होंने कहा कि भारत को कमजोर करने की कोशिश करने वाली ऐसी प्रवृत्तियों के विरुद्ध लोगों को एकजुट रहना चाहिए। आदित्यनाथ ने कहा कि दुनिया में मुस्लिम से मुस्लिम, कम्युनिस्ट से कम्युनिस्ट और ईसाई से ईसाई लड़ रहे हैं, जबकि भारत सनातन की छाया में हर जाति, संप्रदाय, मत और मजहब को सुरक्षा देने के साथ बिना भेदभाव समृद्धि के पथ पर आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि भारत की यही परंपरा उसकी सांस्कृतिक चेतना और समन्वय की भावना को दर्शाती है। मुख्यमंत्री ने समाज से दुष्प्रचार, नशा और विभाजनकारी प्रवृत्तियों के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया। गोरक्षपीठाधीश्वर ने कहा, ‘‘हमें याद करना होगा कि देश है, तो धर्म भी है।
धर्म है, तो हम सब भी हैं। कोई व्यक्ति, कोई समाज, कोई जाति तब तक सुरक्षित नहीं है, जब तक भारत सुरक्षित नहीं है। उन्होंने कहा कि विजयादशमी का संकल्प केवल रावण के दस सिर जलाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि अन्याय, अत्याचार, अधर्म, भ्रष्टाचार, दुराचार, दुष्प्रचार, भ्रम और नशे के खिलाफ संघर्ष को भी मजबूत करना चाहिए।
विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘‘जो लोग भारत को कमजोर करना चाहते हैं, वे इन बदलावों को स्वीकार नहीं कर सकते। वे लगातार गलत जानकारी फैलाकर लोगों के बीच भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।’’
आदित्यनाथ ने उन लोगों की भी आलोचना की, जिन्होंने पहले राम जन्मभूमि आंदोलन का विरोध किया था, लेकिन अब वे भगवान राम का नाम ले रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत और अयोध्या के बारे में गलत जानकारी फैलाने वालों में देश के भीतर काम करने वाली ताकतें और विदेशों से समर्थन पाने वाली ताकतें, दोनों शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पूरे राज्य में लगभग 45,000 दुर्गा पूजा कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं और इतनी ही संख्या में रामलीला का मंचन भी हो रहा है। एक आधिकारिक बयान के अनुसार विजयदशमी के अवसर पर श्री गोरखनाथ मंदिर के तत्वावधान में आयोजित पारंपरिक विजय शोभायात्रा में गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल हुए। नाथ पंथ के पारंपरिक परिधान में सुसज्जित होकर वह विजयरथ पर सवार हुए और गोरखनाथ मंदिर से निकलने वाली भव्य शोभायात्रा की अगुवाई की।
तुरही, नगाड़ों और बैंड-बाजे की गूंज के बीच शोभायात्रा मानसरोवर मंदिर पहुंची, जहां मुख्यमंत्री ने देवाधिदेव भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। आर्यनगर रामलीला समिति के अध्यक्ष पुष्पदंत जैन ने रामलीला मैदान और मंच को सनातन धर्म के लिए मुख्यमंत्री की अमूल्य देन बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री केवल एक मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि एक विचार हैं।

