लखनऊ में 68500 शिक्षक भर्ती में आरक्षण विसंगति के खिलाफ आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों ने विजयादशमी के दिन इको गार्डन में दशहरा मनाया। आंदोलन के 50वें दिन अभ्यर्थियों ने आरक्षण घोटाले के विरोध में सांकेतिक पुतला दहन करने का प्रयास किया। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया। इस दौरान पुलिस और अभ्यर्थियों के बीच नोकझोंक भी हुई। इसके बाद अभ्यर्थियों ने सांकेतिक रूप से विरोध जताया और भर्ती में न्याय की मांग दोहराई। अभ्यर्थियों का कहना था कि वे विजयादशमी पर आरक्षण घोटाले के प्रतीकात्मक रावण का पुतला जलाकर बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देना चाहते थे। उनका आरोप है कि भर्ती में आरक्षण संबंधी विसंगतियों के कारण वे लंबे समय से न्याय के लिए संघर्ष कर रहे हैं। आयोग के आदेश के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री और बेसिक शिक्षा मंत्री से मांग की कि भर्ती का शेड्यूल जल्द जारी कर नियुक्ति दी जाए। साथ ही, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की संस्तुति के अनुसार जिम्मेदार लोगों को चिह्नित कर उनके खिलाफ विधिसम्मत कठोर कार्रवाई की जाए। अभ्यर्थी आशुतोष वर्मा ने कहा कि उनकी नवरात्रि और दशहरा इको गार्डन में आंदोलन करते हुए बीता है। वो लोग चाहते हैं कि दीपावली का पर्व अपने परिवार के साथ खुशी से मना सकें। इसके लिए सरकार को जल्द नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए। अभ्यर्थियों के मुताबिक, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने 7 जुलाई 2026 को आदेश जारी किया था, लेकिन तीन महीने से अधिक समय बीतने के बाद भी उसका अनुपालन नहीं हुआ है। उनका दावा है कि 10 सितंबर 2026 को बेसिक शिक्षा मंत्री के आवास पर हुई मुलाकात के दौरान मंत्रियों और अधिकारियों ने भर्ती में आरक्षण संबंधी विसंगति स्वीकार करते हुए न्याय मिलने की बात कही थी। अभ्यर्थियों का कहना है कि इसके बावजूद अब तक ठोस प्रगति सामने नहीं आई है।

