राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) की नेता ऋतु बराला से कथित मारपीट के मामले में तुंरत प्राथमिकी दर्ज किए जाने की मांग की है। गहलोत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से इस मामले में राजधर्म और कानूनी धर्म निभाने की मांग की है। उल्लेखनीय है कि बराला से कथित मारपीट के मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं किए जाने के विरोध में कांग्रेस की राजस्थान इकाई के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और पार्टी के अन्य नेताओं ने सोमवार रातभर जयपुर पुलिस आयुक्तालय के गलियारे में बैठकर धरना दिया।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि पुलिस ने बराला से कथित मारपीट के मामले में दिल्ली पुलिस की महिला आरक्षक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने से इनकार कर दिया। गहलोत ने मंगलवार को एक बयान में सवाल किया, ‘‘क्या राजस्थान की भाजपा सरकार पूरी तरह से अक्षम हो चुकी है?’’
उन्होंने कहा, ‘‘जयपुर पुलिस को ऋतु बराला की केवल एक जीरो एफआईआर दर्ज करके मामला आगे दिल्ली पुलिस को भेजना है। आगे की पूरी जांच और कार्रवाई दिल्ली पुलिस को ही करनी है।
इसके बावजूद राजस्थान की एक बेटी को न्याय के लिए थानों में क्यों जलील किया जा रहा है?’’
पूर्व मुख्यमंत्री ने कटाक्ष करते हुए कहा, ‘‘क्या भाजपा शासित राज्यों में अब किसी बेटी को केवल इसलिए न्याय नहीं मिलेगा कि वह कांग्रेस पार्टी या उसके छात्र संगठन (एनएसयूआई) से जुड़ी है? क्या अब इस देश में दो कानून चलेंगे: एक सत्ता पक्ष के लिए और दूसरा विपक्ष के लिए?’’
उन्होंने आरोप लगाया कि राजस्थान सरकार व पुलिस नए कानून (बीएनएसएस) की धारा 173(1) का उल्लंघन कर रही हैं जिसके तहत अपराध देश के किसी भी कोने में हुआ हो, पुलिस को जीरो एफआईआर हर हाल में दर्ज करनी होगी।’’
गहलोत ने मुख्यमंत्री शर्मा को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘मुख्यमंत्री जी, पुलिस को राजनीतिक मोहरा बनाना बंद करें। ऋतु बराला के मामले में तुरंत जीरो एफआईआर दर्ज करके राजधर्म और कानूनी धर्म निभाया जाए।’’
एनएसयूआई नेता बराला ने आरोप लगाया था कि 13 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिये गए प्रदर्शनकारियों को ले जा रही बस में दिल्ली पुलिस की महिला आरक्षक चंचल यादव ने उनसे मारपीट की थी।
बराला के अनुसार, महिला आरक्षक ने उनकी गर्दन पकड़ी, उन्हें सीट पर धकेला, चेहरे पर नाखूनों से नोंचा और थप्पड़ मारा। एनएसयूआई ने कथित चुनावी अनियमितताओं के विरोध में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में राजीव चौक मेट्रो स्टेशन के पास प्रदर्शन किया था।

