रणजीत चौक स्थित स्वर संगम गरबा महोत्सव में अष्टमी की रात सनातनी गरबों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की धूम रही। महोत्सव में सांसद व भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री गजेंद्र सिंह पटेल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रेम सिंह पटेल विशेष अतिथि रहे। शुरुआत में अतिथियों ने महाआरती की। इसके बाद कलाकारों ने भगवान गणेश की वंदना, भारत के सम्मान में, जय जगन्नाथ, राधा-कृष्ण रास और आदिवासी गरबों की प्रस्तुतियां दीं। बाल कलाकार आशुतोष सोहनी ने “मेरा तो कुछ नहीं, सब तेरा सांवरिया सेठ” गरबा प्रस्तुत किया। दर्शकों ने सराहना की। सांसद गजेंद्र सिंह पटेल ने नवरात्रि, दशहरे और दीपावली की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि स्वर संगम परिवार बड़वानी की सांस्कृतिक धरोहर है। यहां तीन पीढ़ियां साथ मिलकर काम कर रही हैं। वर्ष 1984 में स्व. बालकृष्ण कुमरावत, डॉ. लखनलाल कुमरावत और अनिल जोशी ने इसकी शुरुआत की थी। आज यह वटवृक्ष बन चुका है। स्वर संगम ने कलाकारों को मंच दिया। सनातन परंपरा को जीवंत रखा। उन्होंने कामना की कि यह आयोजन 100 वर्षों तक निरंतर चलता रहे। पूर्व कैबिनेट मंत्री पटेल ने स्वर संगम गरबा मंडल को शील्ड भेंट की। मंडल अध्यक्ष जितेंद्र जैन, कार्यकारी अध्यक्ष सचिन शर्मा, संरक्षक गुरमीत सिंह गांधी, वीरेंद्र राठौड़, राम साखी, राजेश गुप्ता ने इसे प्राप्त किया। कार्यक्रम में अधिवक्ता विनोद मुकाती ने अपनी दिवंगत माता झमकू देवी मुकाती की स्मृति में मंच के गायक-गायिकाओं, वादकों और बाल कलाकारों को कपड़े वितरित किए। नगर पालिका अध्यक्ष अश्विनी निक्कू चौहान भी परिवार सहित उपस्थित रहीं। रात 12:30 बजे रामेश्वर गंगराड़े परिवार ने आरती की। अतिथियों व श्रद्धालुओं का आभार हरीश शर्मा ने व्यक्त किया।

