प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शहीद भीमा नायक शासकीय पीजी कॉलेज के 200 से अधिक विद्यार्थी विभिन्न संस्थानों में पहुंचकर सामाजिक परिस्थितियों और व्यवस्थाओं को समझ रहे हैं। कोई आंगनवाड़ी की कार्यप्रणाली जान रहा है। कोई शासकीय स्कूल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं का अध्ययन कर रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत स्किल इनहांसमेंट कोर्स के व्यक्तित्व विकास के प्रायोगिक कार्य के अंतर्गत विद्यार्थी लोगों से संवाद कर जानकारी जुटा रहे हैं। स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ यह गतिविधि संचालित कर रहा है। फील्ड में भेजने से पहले विद्यार्थियों को एक सप्ताह तक सर्वेक्षण विधियों, अवलोकन, साक्षात्कार और प्रतिवेदन लेखन का प्रशिक्षण दिया गया। अब वे संबंधित संस्थानों में अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य लोगों से बातचीत कर जानकारी जुटा रहे हैं। विद्यार्थी संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं, कार्यप्रणाली, नियुक्ति प्रक्रिया और अधिकारी-कर्मचारियों के संवाद के तरीकों का अध्ययन कर रहे हैं। प्राप्त जानकारी के आधार पर वे प्रतिवेदन तैयार करेंगे। कक्षा में उसका प्रस्तुतीकरण भी देंगे। इस तरह अवकाश के दिनों का सदुपयोग करते हुए वे पढ़ाई के साथ व्यावहारिक अनुभव भी हासिल कर रहे हैं। इस गतिविधि का उद्देश्य प्रायोगिक कार्य पूरा करना है। विद्यार्थियों में जीवनोपयोगी कौशल विकसित करना भी लक्ष्य है। लोगों से बातचीत करना, सही प्रश्न पूछना, प्रमाणिक जानकारी जुटाना और तथ्यों के आधार पर निष्कर्ष निकालना उनके व्यक्तित्व विकास में सहायक होगा। इसके साथ ही उन्हें समूह में काम करने, समय प्रबंधन और जानकारी प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का अनुभव मिलेगा। प्राचार्य डॉ. वीणा सत्य ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों को ज्ञान के साथ जीवनोपयोगी कौशल देना भी है। वास्तविक परिस्थितियों में सीखने से उनमें आत्मविश्वास, सामाजिक समझ, संवाद क्षमता और जिम्मेदार नागरिक बनने की भावना विकसित होती है। गतिविधि में प्रशिक्षक डॉ. मधुसूदन चौबे विद्यार्थियों का मार्गदर्शन कर रहे हैं। करियर सेल के कार्यकर्ता राहुल भंडोले, जोया खान, आरती धनगर, सलीना खान, भोलू बामनिया, दिव्या जमरे और हंसा धनगर समन्वय में सहयोग कर रहे हैं। इस अभ्यास से विद्यार्थियों को भविष्य में रोजगार, साक्षात्कार, शोध और कार्यस्थल पर संवाद के लिए उपयोगी व्यावहारिक अनुभव मिलेगा।

