Maharashtra News: महाराष्ट्र के कई इलाकों में बारिश की अनिश्चितता के कारण किसानों को फसल और आमदनी के संकट का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे ने किसानों को खेती के साथ दूसरे व्यवसाय अपनाने और पानी का सही प्रबंधन करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि सूखे को केवल समस्या मानने के बजाय इससे निकलने के नए रास्ते तलाशने चाहिए। पिंपरी-चिंचवड़ में आयोजित एक बिजनेस एक्सपो में तुकाराम मुंढे ने सूखे से प्रभावित किसानों से बातचीत की।
दुग्ध व्यवसाय अपनाने की सलाह दी
इस दौरान उन्होंने खेती में आने वाली परेशानियों, पानी के प्रबंधन और खेती के साथ दूसरे व्यवसायों से आमदनी बढ़ाने के तरीकों पर अपने विचार रखे। मुंढे ने कहा कि बारिश कम होने पर फसलों को नुकसान पहुंचता है। इससे किसानों की आमदनी घटती है और उन पर आर्थिक दबाव बढ़ता है। ऐसी स्थिति में केवल बारिश पर निर्भर रहने के बजाय आमदनी के दूसरे साधन तैयार करना जरूरी है। उन्होंने किसानों को खेती के साथ दुग्ध व्यवसाय जैसे काम अपनाने की सलाह दी। इससे खेती से होने वाली कमाई पर निर्भरता घट सकती है और मुश्किल समय में परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल सकती है।
पानी का सही इस्तेमाल और बेहतर प्रबंधन जरूरी
तुकाराम मुंढे ने पानी की बचत और उपलब्ध संसाधनों के सही इस्तेमाल पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सूखे जैसी स्थिति से निपटने के लिए केवल तत्काल राहत के उपाय करना पर्याप्त नहीं है। भविष्य में ऐसे संकटों का असर कम करने के लिए पहले से तैयारी और बेहतर योजना बनाना भी जरूरी है। किसानों को उपलब्ध पानी का सोच-समझकर इस्तेमाल करना चाहिए। इसके साथ ही खेती के तरीकों में जरूरत के अनुसार बदलाव करने के लिए भी तैयार रहना चाहिए। इससे प्राकृतिक संकटों के समय नुकसान कम करने में मदद मिल सकती है।
बदलती परिस्थितियों के अनुसार तलाशें नए रास्ते
मुंढे ने किसानों को संदेश दिया कि प्राकृतिक संकट आने पर निराश होने के बजाय उससे बाहर निकलने के रास्ते तलाशने चाहिए। बदलते हालात को ध्यान में रखकर खेती के साथ दूसरे व्यवसायों की संभावनाओं पर भी विचार करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल और आमदनी के नए साधन तैयार करना किसानों को आर्थिक संकट से उबरने में मदद कर सकता है। खेती के साथ पूरक व्यवसाय अपनाने और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर योजना बनाने से सूखे के असर को कम किया जा सकता है।

