संत-महंतों के मार्गदर्शन से संगठित बनेगा हिंदू समाज

संत-महंतों के मार्गदर्शन से संगठित बनेगा हिंदू समाज

सिटी रिपोर्टर| मोतिहारी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ कृष्ण गोपाल ने कहा कि भारत और हिंदू धर्म के संरक्षण एवं संवर्धन में संत-महंतों की ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण भूमिका रही है। संतों ने अपनी आध्यात्मिक साधना, सामाजिक जागरण और मार्गदर्शन से समाज को शक्ति प्रदान की है। स्वतंत्रता संग्राम में भी उनका योगदान रहा है। वह बरियारपुर में आयोजित धार्मिक एवं आध्यात्मिक नेतृत्व संवाद को संबोधित कर रहे थे। डॉ कृष्ण गोपाल ने कहा कि वर्तमान समय में पश्चिमी प्रभावों से पारिवारिक व्यवस्था और सामाजिक जीवन को सुरक्षित रखने के लिए संतों का आशीर्वाद एवं संरक्षण आवश्यक है। उन्होंने संत-महंतों से आग्रह किया कि वे अपने आध्यात्मिक मार्गदर्शन से हिंदू समाज को संगठित करें और युवाओं को सही दिशा दें। युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से बचाने में भी संतों की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। उन्होंने विश्वास जताया कि आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक एकता के बल पर भारत परम वैभव के शिखर पर पहुंचेगा। कार्यक्रम में सह प्रांत संघचालक प्रो राजकिशोर सिंह ने विषय प्रवेश कराया और उपस्थित संत-महात्माओं के प्रति आभार व्यक्त किया। जिला संघचालक सुशील कुमार पांडेय, नगर संघचालक उदय नारायण सिंह, सह विभाग व्यवस्था प्रमुख जितेंद्र त्रिपाठी और विश्व हिंदू परिषद के अशोक श्रीवास्तव ने संत-महात्माओं को उत्तरीय भेंट कर स्वागत एवं अभिनंदन किया। संवाद में अरेराज स्थित सोमेश्वरनाथ पीठाधीश्वर एवं महामंडलेश्वर स्वामी रविशंकर गिरि, रमपुरवा मठ के महंत बालक बाबा, त्यागी बाबा, जगदीश दास और मनोरंजन व्यास सहित गायत्री परिवार, जय गुरुदेव, आर्य समाज, कबीर मठ, देवराहा बाबा आश्रम और ब्रह्माकुमारी से जुड़े संत एवं प्रतिनिधि शामिल हुए। कार्यक्रम का संचालन डॉ नरेंद्र सिंह और डॉ अनुपम कुमार वर्मा ने किया। रविशंकर, विजय जायसवाल, शिवम सोनू, डॉ. अरुण कुमार दूबे, सतीश टंडन आदि मौजूद थे। सिटी रिपोर्टर| मोतिहारी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ कृष्ण गोपाल ने कहा कि भारत और हिंदू धर्म के संरक्षण एवं संवर्धन में संत-महंतों की ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण भूमिका रही है। संतों ने अपनी आध्यात्मिक साधना, सामाजिक जागरण और मार्गदर्शन से समाज को शक्ति प्रदान की है। स्वतंत्रता संग्राम में भी उनका योगदान रहा है। वह बरियारपुर में आयोजित धार्मिक एवं आध्यात्मिक नेतृत्व संवाद को संबोधित कर रहे थे। डॉ कृष्ण गोपाल ने कहा कि वर्तमान समय में पश्चिमी प्रभावों से पारिवारिक व्यवस्था और सामाजिक जीवन को सुरक्षित रखने के लिए संतों का आशीर्वाद एवं संरक्षण आवश्यक है। उन्होंने संत-महंतों से आग्रह किया कि वे अपने आध्यात्मिक मार्गदर्शन से हिंदू समाज को संगठित करें और युवाओं को सही दिशा दें। युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से बचाने में भी संतों की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। उन्होंने विश्वास जताया कि आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक एकता के बल पर भारत परम वैभव के शिखर पर पहुंचेगा। कार्यक्रम में सह प्रांत संघचालक प्रो राजकिशोर सिंह ने विषय प्रवेश कराया और उपस्थित संत-महात्माओं के प्रति आभार व्यक्त किया। जिला संघचालक सुशील कुमार पांडेय, नगर संघचालक उदय नारायण सिंह, सह विभाग व्यवस्था प्रमुख जितेंद्र त्रिपाठी और विश्व हिंदू परिषद के अशोक श्रीवास्तव ने संत-महात्माओं को उत्तरीय भेंट कर स्वागत एवं अभिनंदन किया। संवाद में अरेराज स्थित सोमेश्वरनाथ पीठाधीश्वर एवं महामंडलेश्वर स्वामी रविशंकर गिरि, रमपुरवा मठ के महंत बालक बाबा, त्यागी बाबा, जगदीश दास और मनोरंजन व्यास सहित गायत्री परिवार, जय गुरुदेव, आर्य समाज, कबीर मठ, देवराहा बाबा आश्रम और ब्रह्माकुमारी से जुड़े संत एवं प्रतिनिधि शामिल हुए। कार्यक्रम का संचालन डॉ नरेंद्र सिंह और डॉ अनुपम कुमार वर्मा ने किया। रविशंकर, विजय जायसवाल, शिवम सोनू, डॉ. अरुण कुमार दूबे, सतीश टंडन आदि मौजूद थे।  

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