अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में शनिवार को सरसैयद डे ईद-ए-एएमयू के अंदाज में मनाया गया। सुबह सर सैयद अहमद खान की मजार पर चादरपोशी और कुरानख्वानी के साथ शुरू हुआ आयोजन दिन चढ़ने के साथ पूरे कैंपस में उत्सव में बदल गया। मुख्य समारोह में सुप्रीम कोर्ट और इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस समेत कई अतिथि शामिल हुए। शाम को मुख्य अतिथियों के कार्यक्रम से विदा होने के बाद विश्वविद्यालय के अलग-अलग हॉस्टलों में डिनर, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और अन्य गतिविधियों का सिलसिला शुरू हो गया। रंग-बिरंगी रोशनी से सजे कैंपस में देर शाम तक रौनक बनी रही। वहीं, हजारों लोगों की आवाजाही के बीच विश्वविद्यालय के आसपास कई प्रमुख रास्तों पर यातायात का दबाव बढ़ गया। बाब-ए-सैयद से एनआरसी तक जाम की स्थिति रही तो साइंस संकाय की ओर और अब्दुल्ला रोड पर भी वाहन रेंगते नजर आए। यातायात पुलिस के साथ एसपी सिटी आदित्य बंसल अपनी टीम लेकर सुरक्षा और व्यवस्था संभालने में जुटे रहे।
मजार पर चादरपोशी से हुई शुरुआत, दिन में सजा मुख्य मंच
सरसैयद डे के कार्यक्रमों की शुरुआत सुबह सर सैयद अहमद खान की मजार पर चादरपोशी और कुरानख्वानी से हुई। इसके बाद विश्वविद्यालय में मुख्य मंचीय समारोह आयोजित किया गया, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस, इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस और अन्य गणमान्य अतिथियों ने शिरकत की। सर सैयद के शैक्षिक, सामाजिक और वैचारिक योगदान को याद करने के साथ आयोजन में विश्वविद्यालय की परंपरा और उसकी विशिष्ट पहचान की झलक दिखाई दी।
शाम को सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस दिल्ली रवाना हो गए। इसके बाद कैंपस में सरसैयद डे के दूसरे कार्यक्रमों की रौनक और बढ़ गई। अलग-अलग हॉस्टलों में विद्यार्थियों के लिए डिनर और सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की गईं। विश्वविद्यालय का माहौल देर शाम तक उत्सवमय बना रहा।
रंगीन रोशनी से जगमगाया कैंपस, हॉस्टलों में डिनर की धूम
सरसैयद डे पर एएमयू परिसर को आकर्षक रोशनी और सजावट से संवारा गया। हॉस्टलों से लेकर प्रमुख आयोजन स्थलों तक उत्सव का माहौल नजर आया। एनआरसी हॉल, बीएम हॉल, डॉ. अंबेडकर हॉल, एसएन हॉल और आईजी हॉल समेत विभिन्न छात्रावासों में अलग-अलग डिनर कार्यक्रम आयोजित हुए। अब्दुल्ला गर्ल्स कॉलेज से जुड़े छात्रावासों में छात्राओं के लिए भी विशेष आयोजन हुए। पुरुष विद्यार्थियों के अलग-अलग हॉस्टलों में भी डिनर के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम और अन्य गतिविधियां आयोजित की गईं।
इन आयोजनों ने सरसैयद डे को केवल मुख्य समारोह तक सीमित नहीं रहने दिया, बल्कि पूरे कैंपस को उत्सव से जोड़ दिया। छात्र-छात्राओं और मेहमानों की मौजूदगी से हॉस्टलों और आयोजन स्थलों पर रौनक रही। वहीं, हैबिटेट सेंटर में भी कार्यक्रम आयोजित किया गया। सरसैयद हाउस में पुस्तक प्रदर्शनी लगाई गई, जहां लोगों की आवाजाही बनी रही।
बाब-ए-सैयद से एनआरसी तक जाम, अब्दुल्ला रोड पर भी दबाव
सरसैयद डे के कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने से विश्वविद्यालय के आसपास यातायात व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया। बाब-ए-सैयद से एनआरसी तक वाहनों की कतारें लगने से जाम के हालात बने। कैंपस के पीछे साइंस संकाय की ओर जाने वाले रास्तों और अब्दुल्ला रोड पर भी यातायात प्रभावित रहा। एक साथ बड़ी संख्या में वाहनों और लोगों की आवाजाही ने यातायात प्रबंधन की चुनौती बढ़ा दी।
स्थिति संभालने के लिए यातायात पुलिसकर्मी प्रमुख मार्गों पर तैनात रहे। वाहनों की आवाजाही नियंत्रित करने और जाम खुलवाने के प्रयास किए गए। मुख्य प्रवेश मार्गों के साथ कैंपस के अंदर और आसपास भी पुलिस की सक्रियता दिखाई दी।
प्रॉक्टर की चेतावनी के बाद सुरक्षा पर खास नजर
विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से पहले ही बाहरी लोगों की आवाजाही को लेकर सतर्कता बरतने की जरूरत जताई गई थी। प्रॉक्टर ने पूर्व में पत्र लिखकर आशंका व्यक्त की थी कि बाहरी लोगों की आवाजाही के कारण माहौल बिगड़ सकता है। इसी पृष्ठभूमि में सरसैयद डे पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती गई।
एसपी सिटी आदित्य बंसल अपनी टीम के साथ मौके पर व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे। पुलिस की प्राथमिकता कार्यक्रमों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ भीड़ और यातायात को नियंत्रित करना रही। मुख्य मार्गों तथा कैंपस के आसपास पुलिसकर्मियों की सक्रियता बनी रही।
एसपी सिटी आदित्य बंसल ने बताया कि चारों तरफ व्यवस्था सुदृढ़ की गई है। पुलिस टीम सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर नजर रख रही है, ताकि आयोजन के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो।
एक दिन में कैंपस के कई रंग
सुबह मजार पर चादरपोशी और कुरानख्वानी, दिन में मुख्य समारोह, सरसैयद हाउस में पुस्तक प्रदर्शनी और शाम को हॉस्टलों में डिनर व सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने शनिवार को एएमयू को उत्सव के कई रंगों से भर दिया। विश्वविद्यालय की इमारतों पर सजी रोशनी, आयोजन स्थलों पर जुटे लोग और प्रमुख रास्तों पर बढ़ी आवाजाही पूरे दिन की हलचल बयां करती रही। सरसैयद डे पर कैंपस की रौनक के साथ भीड़ का दबाव भी साफ नजर आया, जिसके बीच पुलिस और यातायात कर्मी व्यवस्था बनाए रखने में जुटे रहे।

